UP: शिवसेना में टूट पर बरसे इमरान मसूद, बोले-विपक्ष निशाने पर, ईडी-CBI का डर, सांसदों की नैतिकता पर उठाए सवाल
सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शिवसेना में टूट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को तोड़ा, डराया और दबाया जा रहा है तथा सांसदों को पार्टी छोड़ने से पहले इस्तीफा देना चाहिए।
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शिवसेना में हुई टूट को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए विपक्षी दलों को लगातार तोड़ा, डराया और दबाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दल बदलने वाले सांसदों की नैतिकता पर भी सवाल खड़े किए।
#WATCH | Saharanpur, UP: On Shiv Sena (UBT) faces split, Congress MP Imran Masood says, "... Opposition is being broken, threatened, and suppressed to weaken democracy. If MPs abandon the ideology they were elected on, they should resign before going, basic ethics demand it.… pic.twitter.com/9aEhzwKJzV
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 17, 2026विज्ञापन
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'विचारधारा छोड़ने से पहले देना चाहिए इस्तीफा'
इमरान मसूद ने कहा कि यदि कोई सांसद उस विचारधारा और दल को छोड़ना चाहता है, जिसके आधार पर वह जनता द्वारा चुना गया है, तो उसे सबसे पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यही बुनियादी नैतिकता है।
जांच एजेंसियों के डर का लगाया आरोप
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि कई जनप्रतिनिधियों के फैसलों पर जांच एजेंसियों का दबाव प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो का भय कई नेताओं के राजनीतिक निर्णयों को प्रभावित करता है।
लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
इमरान मसूद ने कहा कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए लगातार राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वस्थ विपक्ष का होना आवश्यक है और विपक्ष को तोड़ने की कोशिशें लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उचित नहीं हैं।