ध्वस्तीकरण से बढ़ी बेचैनी: व्यापारी खुद तोड़ रहे निर्माण, गलियों में भी दुकानें बंद, महिलाओं ने पढ़ा सुंदरकांड
मेरठ में ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बीच दुकानदार खुद निर्माण हटाने लगे हैं। सेंट्रल मार्केट में महिलाओं ने सुंदरकांड पाठ शुरू कर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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मेरठ में आवास एवं विकास परिषद की ओर से चलाए जा रहे ध्वस्तीकरण अभियान ने सेंट्रल मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में बेचैनी बढ़ा दी है। दो दिन में 30 से अधिक भवनों पर कार्रवाई के बाद कई दुकानदार और मकान मालिक अब स्वयं ही अपने निर्माण हटाने में जुट गए हैं। वहीं विरोध कर रही महिलाओं ने रविवार से सात दिवसीय सुंदरकांड पाठ शुरू कर दिया और मांगें न माने जाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
दो दिन की कार्रवाई के बाद बढ़ी हलचल
शनिवार से शुरू हुई परिषद की कार्रवाई रविवार को अवकाश के दिन भी जारी रही। सेट बैक के लिए जगह छोड़ने और अनाधिकृत रूप से बनी दुकानों को हटाने की कार्रवाई से व्यापारियों में चिंता का माहौल बना रहा। कई व्यापारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते रहे, जबकि राहत की उम्मीद लगाए बैठे लोगों की निगाहें भी प्रशासनिक निर्णयों पर टिकी रहीं।
कार्रवाई के प्रभाव से कई दुकानदारों और मकान मालिकों ने स्वयं ही अनाधिकृत निर्माण हटाना शुरू कर दिया है। अनेक स्थानों पर दीवारें तोड़ी जा रही हैं और निर्धारित दूरी छोड़ने के लिए निर्माण भीतर की ओर किया जा रहा है।
रात-दिन चल रहा निर्माण हटाने का काम
आवास एवं विकास परिषद कार्यालय से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर मकान मालिकों ने खुद ही अपने निर्माण तोड़ने शुरू कर दिए हैं। श्रमिकों की मदद से ड्रिल मशीन, छेनी और हथौड़ों के जरिए ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है।
कई मकानों में बनी दुकानों के शटर हटाकर उनकी जगह दीवारें, खिड़कियां और दरवाजे लगाए जा रहे हैं। जो व्यापारी अब तक कार्रवाई को गंभीरता से नहीं ले रहे थे, उन्होंने भी दुकानें बंद कर सामान समेटना शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर शोरूम और दुकानों की बाहरी सजावट भी हटाई जा रही है।
महिलाओं ने सुंदरकांड पाठ शुरू कर दी आंदोलन की चेतावनी
सेंट्रल मार्केट में सेट बैक छोड़ने के विरोध में धरने पर बैठी महिलाओं ने रविवार से सुंदरकांड पाठ शुरू कर दिया। धरनास्थल पर राम दरबार सजाया गया और बजरंग बली का विशेष श्रृंगार कर घरों और दुकानों को बचाने की प्रार्थना की गई।
महिलाओं ने भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया।इससे पहले सुबह धरनास्थल पर लगाया जा रहा तंबू पुलिस ने हटवा दिया। वहीं सेक्टर-3 और 4 के चौराहे के पास स्थित गोल मंदिर क्षेत्र में महिलाओं ने सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन भी किया।
73 दिन से जारी है धरना, 27 जून तक होगा पाठ
आंदोलन से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि उनका धरना 73 दिनों से जारी है, लेकिन अब तक जनप्रतिनिधियों या प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। महिलाओं ने घोषणा की है कि 27 जून तक प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। यदि इस दौरान उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धार्मिक आयोजन के बाद प्रसाद वितरण भी किया गया। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई।