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Saharanpur News: बच्चों को बीमारी से बचाएं, खुद न बनें डॉक्टर

संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 14 Jun 2026 01:16 AM IST
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Protect children from illness; do not play doctor yourself.
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सहारनपुर। मौसम में बदलाव के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। अस्पतालों में भी बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में हमें बच्चों की विशेष देखभाल करनी चाहिए। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। घर में यदि बच्चे बीमार हैं तो उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा दें। यह बात अमर उजाला के हेलो डॉक्टर कार्यक्रम में जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ एवं पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर ने कही। उन्होंने बताया कि उम्र के हिसाब से बच्चों का वजन कम है। ऐसे में अभिभावकों को ध्यान देना चाहिए कि बच्चों को फास्टफूड न खाने दें। अगर भूख नहीं लग रही है तो बच्चों को आंवले का मुरब्बा, भुना व उबला हुआ चना खिलाएं। इससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।


सवाल : मेरे बेटे को भूख नहीं लग रही है। जुकाम की भी शिकायत है। (सुनील कुमार, छुटमलपुर)
जवाब : अगर आप अपने बच्चे को बाहर की चीजें खिला रहे हैं तो उसे बंद कर दें। बाहर की चीजें भूख नहीं लगने देती हैं। ऐसे में उसे उबला-भुना हुआ चना खिलाएं। आंवले का मुरब्बा दें। शारीरिक गतिविधि कराएं। इससे भूख लगेंगी।
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सवाल : मेरी बेटी तीन साल की है। उसे खाना खाने के बाद तुरंत शौच के लिए ले जाना पड़ता है। (अनन्या पाल, रामपुर मनिहारान)
जवाब : इसके लिए आपको अच्छे बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। पांच से सात दिन का कोर्स पूरा करेंगे। आराम जरूर मिलेगा।
सवाल : मेरा बेटा आठ साल का है। वह ठीक से बोल नहीं पाता है। तुतलापन है। (अनिल कुमार, बड़गांव)
जवाब : ईएनटी को दिखाना चाहिए। देखने के बाद ही इलाज शुरू होगा। यह भी ध्यान रखें कि बोलते समय उसे न टोकें।
सवाल : पांच साल का बेटा है। उसे भूख नहीं लगती है। (पंकज रोहिला, शिमलाना)
जवाब : कुछ चीजों में बदलाव करना होगा। अगर बच्चे को चिप्स, कुरकुरे या फिर फास्टफूड खिला रहे हैं तो वह जहर है। भूख नहीं लगने का कारण भी यही हो सकते हैं।
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सवाल : आठ साल का बेटा है। उसे एलर्जी की शिकायत है। (दुष्यंत कुमार, शिमलाना)
जवाब : त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। पहले से जो इलाज चल रहा है, उसकी सारी रिपोर्ट होनी चाहिए, ताकि इलाज करनी में कोई परेशानी न हो। चिकित्सक की सलाह के बिना कोई तेल न लगाएं।
सवाल : नौ साल का बेटा है। रात में चारपाई पर पेशाब करता है। (विजेंद्र, सहजी)
जवाब : रात में सोने से पहले दूध न दें। शाम को ही पिला दें। खाना भी जल्द खिलाएं। पानी कम से कम पिलाएं। यह इन्फेक्शन हो सकता है। इसके बाद भी आराम न मिले तो चिकित्सक को दिखाएं।
सवाल : छह साल की बेटी है, जो रुक-रुककर बोलती है। (शीतल, नागल)
जवाब : उम्र बढ़ने के साथ धीरे-धीरे ठीक से बोलने लगेगी। उसे टोके नहीं, बल्कि हौसला बढ़ाएं। ईएनटी को दिखाइए।
सवाल : मेरा पोता पांच साल का है। शुगर है। इंसुलिन पर रहता है। (ईसम सिंह, मीरपुर)
जवाब : शुगर में सबसे जरूरी यह है कि संतुलित खानपान का ध्यान रखें। शारीरिक गतिविधियां करें। जो दवा चल रही है, उसे न छोड़ें और नियमित लेते रहें।
सवाल : बेटा सात साल का है। उसके पेट में इन्फेक्शन की शिकायत है। (आलोक चौहान, शिमलाना)
जवाब : केला और दही नियमित खिलाएं। बाहर का खाना न खिलाएं। पांच से सात दिन की दवा का कोर्स पूरा कर लें। ठीक हो जाएगा।
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