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Saharanpur News: छह घंटे में 93 मिमी बारिश...पारा 27 डिग्री
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मुजफ्फरनगर। उमसभरी गर्मी के बाद मूसलाधार बारिश राहत लेकर आई। करीब 24 घंटे में 93 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई। दिन के तापमान में सात डिग्री की गिरावट रही। बारिश से सड़कों, कॉलोनियों, बाजारों में जलभराव के हालात बन गए। जलनिकासी की व्यवस्था बेपटरी दिखी। अब तक जुलाई माह में 535 मिमी बरसात हो चुकी है। इससे पहले साल 2023 में 534.6 मिमी बरसात हुई थी, जबकि पिछले 16 साल में यह सर्वाधिक बारिश है।
मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे बारिश शुरू हुई और सुबह करीब नौ बजे तक जारी रही। शहर के जनकपुरी, रैदासपुरी, रामपुरी, आर्यपुरी, साकेत कॉलोनी, किदवईनगर, नई आबादी, आबकारी समेत अन्य इलाकों में जलभराव हो गया। लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
कांवड़ मार्ग पर भी जगह-जगह पानी भरा रहा। बारिश थमने के कई घंटे बाद निकासी हो सकी। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। स्कूलों में बच्चों की संख्या प्रभावित हुई। बिजली कटों के कारण लोगों ने परेशानियां झेली। गन्ना शोध संस्थान के मौसम पर्यवेक्षक केशव कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम पांच बजे तक जिले में 93 मिमी बरसात हुई है। इसके बाद की बारिश की गणना अगले दिन की जाती है।
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इनसेट
बारिश से गन्ना, धान और चारे की फसलों को लाभ
फोटो
बुढ़ाना मोड़। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश गन्ना, धान एवं चारे की फसलों के लिए लाभकारी है। सब्जी वर्गीय फसलों के खेतों में अधिक पानी भरने की स्थिति में तुरंत जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि फसल को नुकसान न हो।
किसान गन्ने की फसल की समय पर बंधाई करें। तेज हवाएं चलने पर फसल गिरने की आशंका रहती है। मौसम में अधिक नमी होने के कारण फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है, इसलिए किसान नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करते रहें। यदि गन्ने की फसल में पोक्का बोइंग रोग के लक्षण दिखाई दें तो मौसम साफ होने पर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यू.पी. की दो ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। संवाद
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इनसेट
आकाशीय बिजली से पेड़ में आग, बिजली आपूर्ति बाधित
फोटो
रतनपुरी। खतौली-बुढ़ाना मार्ग पर आकाशीय बिजली गिरने से एक पेड़ में आग लग गई। हादसे से उच्च वोल्टेज लाइन का तार टूट गया, जिससे कई गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
मंडावली खादर मोड़ के पास यह हादसा हुआ। मंडावली बांगर और मंडावली खादर जैसे गांवों में बिजली गुल हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल विद्युत विभाग को सूचना दी। रतनपुरी बिजलीघर के अवर अभियंता विनोद कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस और दमकल विभाग को भी सूचित किया। दमकल कर्मियों ने पेड़ में लगी आग पर काबू पाया। विद्युत लाइनकर्मियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत की। इसके बाद उच्च वोल्टेज लाइन को जोड़कर बिजली आपूर्ति सुचारु की। संवाद
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जीटी रोड पर जलभराव से कांवड़ियों को परेशानी
खतौली। जीटी रोड पर बिजलीघर के सामने बारिश के कारण भारी जलभराव हो गया है। इससे कांवड़ियों और स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांवड़ यात्रा शुरू होने के कारण पुलिया पर केवल आधी लेंटर ही डाली जा सकी है। बारिश के चलते पुलिया से लेकर आवास विकास कॉलोनी गेट तक सड़क पर पानी भर गया। दो दिन पहले हुई बारिश का पानी भी नहीं निकल पाया था और मंगलवार को फिर सड़क लबालब हो गई।
लोगों ने पानी निकासी की मांग की है। नगर पालिका कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि नालों पर जेसीबी से कट लगवाए गए हैं। पंप लगाकर पानी की निकासी कराई गई है। संवाद
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इनसेट
जुलाई में इस तरह हुई बारिश
साल बरसात
2010 244.6 मिमी
2011 132.9 मिमी
2012 148.4 मिमी
2013 143.1 मिमी
2014 210.8 मिमी
2015 224.6 मिमी
2016 316.8 मिमी
2017 99.2 मिमी
2018 439.4 मिमी
2019 306.0 मिमी
2020 324.8 मिमी
2021 397.6 मिमी
2022 144.6 मिमी
2023 534.6 मिमी
2024 300.1 मिमी
2025 276.8 मिमी
2026 535 मिमी
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मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे बारिश शुरू हुई और सुबह करीब नौ बजे तक जारी रही। शहर के जनकपुरी, रैदासपुरी, रामपुरी, आर्यपुरी, साकेत कॉलोनी, किदवईनगर, नई आबादी, आबकारी समेत अन्य इलाकों में जलभराव हो गया। लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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कांवड़ मार्ग पर भी जगह-जगह पानी भरा रहा। बारिश थमने के कई घंटे बाद निकासी हो सकी। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। स्कूलों में बच्चों की संख्या प्रभावित हुई। बिजली कटों के कारण लोगों ने परेशानियां झेली। गन्ना शोध संस्थान के मौसम पर्यवेक्षक केशव कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम पांच बजे तक जिले में 93 मिमी बरसात हुई है। इसके बाद की बारिश की गणना अगले दिन की जाती है।
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इनसेट
बारिश से गन्ना, धान और चारे की फसलों को लाभ
फोटो
बुढ़ाना मोड़। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश गन्ना, धान एवं चारे की फसलों के लिए लाभकारी है। सब्जी वर्गीय फसलों के खेतों में अधिक पानी भरने की स्थिति में तुरंत जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि फसल को नुकसान न हो।
किसान गन्ने की फसल की समय पर बंधाई करें। तेज हवाएं चलने पर फसल गिरने की आशंका रहती है। मौसम में अधिक नमी होने के कारण फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है, इसलिए किसान नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करते रहें। यदि गन्ने की फसल में पोक्का बोइंग रोग के लक्षण दिखाई दें तो मौसम साफ होने पर कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यू.पी. की दो ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। संवाद
इनसेट
आकाशीय बिजली से पेड़ में आग, बिजली आपूर्ति बाधित
फोटो
रतनपुरी। खतौली-बुढ़ाना मार्ग पर आकाशीय बिजली गिरने से एक पेड़ में आग लग गई। हादसे से उच्च वोल्टेज लाइन का तार टूट गया, जिससे कई गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
मंडावली खादर मोड़ के पास यह हादसा हुआ। मंडावली बांगर और मंडावली खादर जैसे गांवों में बिजली गुल हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल विद्युत विभाग को सूचना दी। रतनपुरी बिजलीघर के अवर अभियंता विनोद कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस और दमकल विभाग को भी सूचित किया। दमकल कर्मियों ने पेड़ में लगी आग पर काबू पाया। विद्युत लाइनकर्मियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत की। इसके बाद उच्च वोल्टेज लाइन को जोड़कर बिजली आपूर्ति सुचारु की। संवाद
जीटी रोड पर जलभराव से कांवड़ियों को परेशानी
खतौली। जीटी रोड पर बिजलीघर के सामने बारिश के कारण भारी जलभराव हो गया है। इससे कांवड़ियों और स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांवड़ यात्रा शुरू होने के कारण पुलिया पर केवल आधी लेंटर ही डाली जा सकी है। बारिश के चलते पुलिया से लेकर आवास विकास कॉलोनी गेट तक सड़क पर पानी भर गया। दो दिन पहले हुई बारिश का पानी भी नहीं निकल पाया था और मंगलवार को फिर सड़क लबालब हो गई।
लोगों ने पानी निकासी की मांग की है। नगर पालिका कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि नालों पर जेसीबी से कट लगवाए गए हैं। पंप लगाकर पानी की निकासी कराई गई है। संवाद
इनसेट
जुलाई में इस तरह हुई बारिश
साल बरसात
2010 244.6 मिमी
2011 132.9 मिमी
2012 148.4 मिमी
2013 143.1 मिमी
2014 210.8 मिमी
2015 224.6 मिमी
2016 316.8 मिमी
2017 99.2 मिमी
2018 439.4 मिमी
2019 306.0 मिमी
2020 324.8 मिमी
2021 397.6 मिमी
2022 144.6 मिमी
2023 534.6 मिमी
2024 300.1 मिमी
2025 276.8 मिमी
2026 535 मिमी