UP: 'हाथ मत लगाना, इतनी हिम्मत नहीं तुम्हारी', महिला थानाध्यक्ष के छूते ही भड़कीं सांसद इकरा हसन; वीडियो वायरल
कैराना सांसद इकरा हसन ने सहारनपुर में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कोतवाली सदर बाजार में धरना दिया। महिला दरोगा के छूने पर नाराजगी जताई और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई।
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विस्तार
सपा सांसद इकरा हसन ने मंगलवार को सहारनपुर में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कोतवाली सदर बाजार में धरना दे दिया। सपा कार्यकर्ताओं को जेल भेजे जाने से नाराज सांसद ने पुलिस पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया और कहा कि जब तक सभी कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। इसी बीच महिला थाना प्रभारी के छूने पर सांसद नाराज हो गईं और कहा, “हाथ मत लगाइए, इतनी हिम्मत नहीं है आपकी।
डीआईजी से मिलने पहुंचीं थीं सांसद
कैराना सांसद इकरा हसन शामली के जसाला गांव में मोनू कश्यप की मौत के मामले में मृतक की मां को लेकर पुलिस उप महानिरीक्षक से मिलने पहुंची थीं। महिला ने अपने बेटे की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी। सांसद का आरोप है कि पुलिस उप महानिरीक्षक ने उनकी बात तो सुनी, लेकिन इसके बाद कुछ ऐसी बात कही जिससे पीड़िता रोते हुए कार्यालय से बाहर निकल गई। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई।
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हिरासत के बाद भड़का विवाद
सांसद के अनुसार पुलिस ने यातायात व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में उन्हें हिरासत में लेकर महिला थाना ले जाया गया। वहां उन्हें करीब दस मिनट तक बैठाकर रखा गया और बाद में छोड़ दिया गया। कुछ देर बाद पुलिस ने सपा के पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, कश्यप एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय मेहरा, प्रदेश अध्यक्ष अनुज कश्यप, शीशपाल कश्यप और सत्यपाल कश्यप समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इसकी जानकारी मिलने पर सांसद कोतवाली सदर बाजार पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं।
पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक
धरने के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल ने सांसद से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन सांसद ने कहा कि जब तक सभी छह लोगों को रिहा नहीं किया जाता, धरना जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों पर आम लोगों की शिकायतें न सुनने का आरोप लगाया और कहा कि अधिकारियों की इंसानियत मर चुकी है।
महिला थाने में थाना प्रभारी ने सांसद से पानी के लिए पूछा, लेकिन सांसद ने कहा कि वह पानी पीने नहीं आई हैं। इसके बाद जब थाना प्रभारी ने बाहर आते समय उनकी पीठ पर हाथ रखा तो सांसद नाराज हो गईं और कहा हाथ मत लगाना, इतनी हिम्मत नहीं है तुम्हारी। अभी लगाया तुमने हाथ। काफी देर तक सांसद पुलिस अधिकारी पर भड़कती रहीं।
यह है पूरा मामला
21 अप्रैल को शामली के जसाला गांव निवासी मोनू कश्यप का शव पंजोखरा के पास रेलवे लाइन के पास मिला था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने प्रेम प्रसंग को लेकर नाराजगी में पार्टी के बहाने बुलाकर शराब पिलाई और बाद में ट्रेन के सामने धक्का दे दिया, जिससे मोनू की मौत हो गई।
पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि सांसद उनके कार्यालय आई थीं और जसाला मामले को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच जारी है।
वहीं पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल ने बताया कि पुलिस उप महानिरीक्षक कार्यालय के बाहर कुछ लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया था, जिसे पुलिस ने हटाकर यातायात व्यवस्था सामान्य कराई। मामले में कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।