Saharanpur: गत्ते के गोदाम में लगी भीषण आग, सात घंटे में पाया काबू, तीन पशुओं की मौत, लाखों का नुकसान
सहारनपुर के गंगोह में गत्ते के गोदाम में भीषण आग लग गई। करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद दमकल ने आग पर काबू पाया। हादसे में तीन पशुओं की मौत और गोदाम स्वामी झुलस गया, करीब दस लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
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सहारनपुर जनपद के गंगोह क्षेत्र के गुलाम औलिया मोहल्ले में बुधवार देर रात एक गत्ते के गोदाम में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से दो कटिया और एक बकरी की मौत हो गई, जबकि गोदाम स्वामी भी झुलस गया। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग नौ बजे आग पर काबू पाया। हादसे में करीब दस लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
देर रात उठीं आग की तेज लपटें
गुलाम औलिया मोहल्ले में स्थित एमएस नमरा ट्रेडर्स के मालिक नवाब कुरैशी के अनुसार रात करीब दो बजे गोदाम से धुआं और आग की तेज लपटें उठती दिखाई दीं। गोदाम के ऊपर ही उनका मकान बना हुआ है। आग लगते ही सबसे पहले परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के साथ-साथ पशुओं को बचाने का प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में रखा गत्ता आग पकड़ने के बाद तेजी से धधक उठा, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई। इसी दौरान गोदाम स्वामी नवाब कुरैशी आग की चपेट में आकर झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। हादसे में दो कटिया और एक बकरी की मौत हो गई, जबकि एक भैंस भी झुलस गई।
सात घंटे बाद आग पर पाया काबू
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों से भी दमकल विभाग की गाड़ियां मंगाई गईं।
नकुड़, सरसावा और रामपुर सहित कई स्थानों से पहुंची दमकल की कुल सत्रह गाड़ियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग बुझाने का प्रयास किया। गत्ते के बड़े ढेर और लगातार उठती लपटों के कारण राहत कार्य में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। अंततः सुबह करीब नौ बजे आग पर काबू पाया जा सका।
वर्षों की मेहनत पलभर में राख
गोदाम स्वामी के अनुसार गोदाम में करीब दस गाड़ियों के बराबर गत्ता रखा हुआ था, जो पूरी तरह जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि वह अपने भाइयों फेजान, मोहसीन, मुन्ना, सनव्वर और दानिश के साथ पिछले पच्चीस वर्षों से गत्ते और कबाड़ के कारोबार से जुड़े हैं। इस हादसे ने परिवार की वर्षों की मेहनत को पलभर में तबाह कर दिया।