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Saharanpur News: मंडल के 262 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संकट में, विवि ने तलब किए दस्तावेज
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 20 May 2026 01:18 AM IST
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सहारनपुर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय से संबद्ध मंडल के 262 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संकट में हैं। इसकी प्रमुख वजह उनकी कारगुजारी ही है, जो अब उनके लिए मुसीबत बनती नजर आ रही है।
पहले इनमें से ज्यादातर कॉलेज चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध थे। सहारनपुर विश्वविद्यालय बनने के बाद यह सभी कॉलेज मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय को ट्रांसफर हो गए।
बीते चार साल से विश्वविद्यालय बिना कोई दस्तावेज जांच किए इन कॉलेजों को चलाता आ रहा है, लेकिन इस बार सत्र 2026-27 के प्रवेश खोलने से पहले विश्वविद्यालय ने इन सभी 326 सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के दस्तावेज तलब किए हैं।
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दरअसल, विश्वविद्यालय को शिकायत मिली है कि कई कॉलेजों के पास प्राचार्य, पर्याप्त फैकल्टी और संसाधन नहीं हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय ने सभी सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों से उनके यहां नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षकों और सुविधाओं का ब्योरा एफिलिएशन विभाग में जमा कराने को कहा है। कॉलेजों से स्टांप पर शपथ पत्र भी लिया जा रहा है, जिसमें उनको बताना है कि उनके यहां कितनी फैकल्टी और क्या-क्या सुविधाएं हैं। इसके लिए कॉलेजों को 12 मई तक का समय दिया गया था।
326 में से मात्र 64 ही कॉलेज दस्तावेज जमा करा पाए हैं। पोर्टल पर इन कॉलेजों के स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के प्रवेश भी खोल दिए गए हैं। बाकी 262 कॉलेजों को अंतिम मौका देते हुए सात दिन बढ़ाए गए हैं। यदि वह सात दिन में जवाब नहीं देते हैं तो वह प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिए जाएंगे।
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पहले इनमें से ज्यादातर कॉलेज चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबद्ध थे। सहारनपुर विश्वविद्यालय बनने के बाद यह सभी कॉलेज मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय को ट्रांसफर हो गए।
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बीते चार साल से विश्वविद्यालय बिना कोई दस्तावेज जांच किए इन कॉलेजों को चलाता आ रहा है, लेकिन इस बार सत्र 2026-27 के प्रवेश खोलने से पहले विश्वविद्यालय ने इन सभी 326 सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के दस्तावेज तलब किए हैं।
दरअसल, विश्वविद्यालय को शिकायत मिली है कि कई कॉलेजों के पास प्राचार्य, पर्याप्त फैकल्टी और संसाधन नहीं हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय ने सभी सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों से उनके यहां नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षकों और सुविधाओं का ब्योरा एफिलिएशन विभाग में जमा कराने को कहा है। कॉलेजों से स्टांप पर शपथ पत्र भी लिया जा रहा है, जिसमें उनको बताना है कि उनके यहां कितनी फैकल्टी और क्या-क्या सुविधाएं हैं। इसके लिए कॉलेजों को 12 मई तक का समय दिया गया था।
326 में से मात्र 64 ही कॉलेज दस्तावेज जमा करा पाए हैं। पोर्टल पर इन कॉलेजों के स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष के प्रवेश भी खोल दिए गए हैं। बाकी 262 कॉलेजों को अंतिम मौका देते हुए सात दिन बढ़ाए गए हैं। यदि वह सात दिन में जवाब नहीं देते हैं तो वह प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिए जाएंगे।