Saharanpur: सिद्धपीठ शाकंभरी में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित, नवरात्र मेले से पहले लगाए गए पोस्टर
सहारनपुर के सिद्धपीठ शाकंभरी में विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाकर नवरात्र मेले में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की।
विस्तार
सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी क्षेत्र में सोमवार को कुछ संगठनों की ओर से पोस्टर लगाकर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की गई। मां शाकंभरी देवी संघर्ष समिति के तत्वावधान में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र में कई स्थानों पर पोस्टर लगाए।
इन पोस्टरों में लिखा गया है कि सिद्धपीठ शाकंभरी क्षेत्र में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है और नवरात्र मेले में रोजगार भी हिंदू समाज के लोगों को ही दिया जाए। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से भी मांग की कि 19 मार्च से शुरू होने वाले नवरात्र मेले में गैर हिंदुओं के प्रवेश को रोका जाए।
यह भी पढ़ें: Saharanpur: हाईवे पर आगे चल रहे ट्रक से टकराई तेज रफ्तार कार, दो दोस्तों की मौत; बाइक से गिरकर महिला की जान गई
नवरात्र मेले से पहले लगाए गए पोस्टर
सिद्धपीठ शाकंभरी देवी में 19 मार्च से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ नवरात्र मेला शुरू होने जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शाकंभरी पहुंचकर मेले की तैयारियों का जायजा लिया था।
सोमवार को कार्यकर्ता सिद्धपीठ क्षेत्र में पहुंचे और निर्माणाधीन पुल के पिलर समेत कई स्थानों पर पोस्टर लगा दिए। मां शाकंभरी देवी संघर्ष समिति के अध्यक्ष और बजरंग दल के प्रांत बलोपासना प्रमुख हरीश कौशिक ने कहा कि नवरात्र का पर्व हिंदू समाज की आस्था से जुड़ा है, इसलिए मेले में होने वाला व्यापार भी हिंदू समाज के लोगों द्वारा ही किया जाना चाहिए।
पहचान छिपाकर गतिविधि पर जताई आपत्ति
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री योगेश चौहान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पहचान छिपाकर या भेष बदलकर भीख मांगने, व्यापार करने या अन्य गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो क्षेत्र का हिंदू समाज इसका विरोध करेगा।
इस दौरान बजरंग दल के जिला संयोजक अनुज, प्रखंड अध्यक्ष सोनू वर्मा, विपुल, अंकुश, वाशु, अनुभव और मोहित सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संत सहजानंद महाराज ने भी रखी राय
अखिल भारतीय संत संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष और शंकराचार्य आश्रम प्रभारी भैरव तंत्राचार्य संत सहजानंद महाराज ने कहा कि यह हिंदू समाज का धार्मिक स्थल है और यहां श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है। उनका कहना है कि पूर्व में हुई कुछ घटनाओं को देखते हुए गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने पर विचार किया जाना चाहिए।