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Saharanpur News: निशब्द और सावित्री बाई फुले नाटक का मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:47 AM IST
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सहारनपुर। मानसी अभिनय गुरुकुल द्वारा आयोजित उत्सव-ए-रंगमंच के आठवें दिन पहले सत्र में वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिता हुई। दूसरे सत्र में नाटक निशब्द, सावित्री बाई फुले का सशक्त मंचन हुआ।
वाद विवाद प्रतियोगिता का विषय क्या युद्ध सुरक्षा के लिए आवश्यक है या मानवता के लिए विनाशकारी पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने विचार प्रकट किए। अवयान ने पहला, भाविक ने दूसरा व इकबाल अहमद ने तीसरा स्थान हासिल किया। भाषण प्रतियोगिता में भाविक ने पहला, राकेश ने दूसरा व अन्यान श्रीवास्तव ने तीसरा स्थान हासिल किया। निर्णायक के रूप में साहित्यकार रामधीर सिंह, राकेश शर्मा व सुभाष वर्मा रहे। संस्था के अध्यक्ष केके गर्ग व सचिव योगेश पंवार ने विजेताओं को सम्मानित किया।
संस्कार भारती एवं गगनिका शाहजहांपुर द्वारा नाटक निशब्द का मार्मिक मंचन हुआ। नाटक कोरोना महामारी के दौर की त्रासदी, मानवीय संवेदनाओं और व्यवस्था की विफलताओं को अत्यंत मार्मिक ढंग से सामने प्रस्तुत करती है। नाटक की कथा एक अपार्टमेंट में रहने वाले वाले सेवानिवृत्त दंपती अजय साहनी, पत्नी गार्गी के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। महामारी के दौरान सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा यह परिवार अचानक संकट में घिर जाता है। नाटक में अजय सहनी की भूमिका में शशि भूषण जौहरी ने सशक्त अभिनय किया, जबकि गार्गी रीता जौहरी ने अत्यंत भावपूर्ण प्रस्तुति दी। नकुल भूमिका में कप्तान सिंह कर्णधार, कुक्कू के रूप में सुलोचना कार्की, गैस एजेंसी मालिक दुष्यंत श्रीवास्तव की भूमिका प्रभावशाली रही।
दूसरे सत्र में रंग यात्रा नाट्य एवं कला संस्थान ने सीएल सैनी द्वारा लिखित नाटक सावित्री बाई फूले का मंचन किया। अभिनेत्री गीता चौहान ने ज्योतिबा फूले की पत्नी सावित्री बाई फूले का किरदार अपने सशक्त अभिनय से जीवंत कर दिया। प्रकाश व्यवस्था अभिनय गौतम, मंच व्यवस्था दिनेश कुमार, प्रस्तुति सहायक दिनेश तेजान की रही। नाटकों और किरदारों की दर्शकों ने जमकर प्रशंसा की।
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वाद विवाद प्रतियोगिता का विषय क्या युद्ध सुरक्षा के लिए आवश्यक है या मानवता के लिए विनाशकारी पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने विचार प्रकट किए। अवयान ने पहला, भाविक ने दूसरा व इकबाल अहमद ने तीसरा स्थान हासिल किया। भाषण प्रतियोगिता में भाविक ने पहला, राकेश ने दूसरा व अन्यान श्रीवास्तव ने तीसरा स्थान हासिल किया। निर्णायक के रूप में साहित्यकार रामधीर सिंह, राकेश शर्मा व सुभाष वर्मा रहे। संस्था के अध्यक्ष केके गर्ग व सचिव योगेश पंवार ने विजेताओं को सम्मानित किया।
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संस्कार भारती एवं गगनिका शाहजहांपुर द्वारा नाटक निशब्द का मार्मिक मंचन हुआ। नाटक कोरोना महामारी के दौर की त्रासदी, मानवीय संवेदनाओं और व्यवस्था की विफलताओं को अत्यंत मार्मिक ढंग से सामने प्रस्तुत करती है। नाटक की कथा एक अपार्टमेंट में रहने वाले वाले सेवानिवृत्त दंपती अजय साहनी, पत्नी गार्गी के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। महामारी के दौरान सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा यह परिवार अचानक संकट में घिर जाता है। नाटक में अजय सहनी की भूमिका में शशि भूषण जौहरी ने सशक्त अभिनय किया, जबकि गार्गी रीता जौहरी ने अत्यंत भावपूर्ण प्रस्तुति दी। नकुल भूमिका में कप्तान सिंह कर्णधार, कुक्कू के रूप में सुलोचना कार्की, गैस एजेंसी मालिक दुष्यंत श्रीवास्तव की भूमिका प्रभावशाली रही।
दूसरे सत्र में रंग यात्रा नाट्य एवं कला संस्थान ने सीएल सैनी द्वारा लिखित नाटक सावित्री बाई फूले का मंचन किया। अभिनेत्री गीता चौहान ने ज्योतिबा फूले की पत्नी सावित्री बाई फूले का किरदार अपने सशक्त अभिनय से जीवंत कर दिया। प्रकाश व्यवस्था अभिनय गौतम, मंच व्यवस्था दिनेश कुमार, प्रस्तुति सहायक दिनेश तेजान की रही। नाटकों और किरदारों की दर्शकों ने जमकर प्रशंसा की।
