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Saharanpur News: हर साल बढ़ रहे कुष्ठ रोगी, जागरुकता की कमी बड़ी वजह
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जागरुकता की वजह से कुष्ठ रोग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले पांच साल में 324 मरीजों में कुष्ठ रोग की पुष्टि हो चुकी है। इस समय पर 48 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें 15 पीबी (पॉसी बैसिलरी) और 33 एमबी (मल्टी बैसिलरी) के मरीज शामिल हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि मरीज ठीक भी हो रहे हैं।
बीमारी के बारे में जागरूक करने के लिए शुक्रवार को विश्व कुष्ठ रोग दिवस मनाया जाएगा। जिले में 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान चलेगा। चार कुष्ठ आश्रमों में कुष्ठ रोगियों को चप्पल, मरहम पट्टी और सामान्य दवाओं का वितरण होगा।
जिलाधिकारी का संदेश पढ़ाया जाएगा। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि अभियान में लोगों को रोग के लक्षणों के बारे में जानकारी दी जाती है और शरीर पर लाल दाग, सुन्नपन या खुजली जैसे लक्षणों की जांच की जाती है।
संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी समय पर जांच और इलाज कराया जा रहा है। मरीजों को समय-समय पर मॉनिटर किया जाता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग जागरुकता की कमी से फैलता है। शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करने से रोग गंभीर हो सकता है। रोग के शुरुआती संकेतों में त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे, सुन्नपन और हाथ-पैरों में कमजोरी शामिल है।
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सहारनपुर। जागरुकता की वजह से कुष्ठ रोग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले पांच साल में 324 मरीजों में कुष्ठ रोग की पुष्टि हो चुकी है। इस समय पर 48 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें 15 पीबी (पॉसी बैसिलरी) और 33 एमबी (मल्टी बैसिलरी) के मरीज शामिल हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि मरीज ठीक भी हो रहे हैं।
बीमारी के बारे में जागरूक करने के लिए शुक्रवार को विश्व कुष्ठ रोग दिवस मनाया जाएगा। जिले में 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान चलेगा। चार कुष्ठ आश्रमों में कुष्ठ रोगियों को चप्पल, मरहम पट्टी और सामान्य दवाओं का वितरण होगा।
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जिलाधिकारी का संदेश पढ़ाया जाएगा। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि अभियान में लोगों को रोग के लक्षणों के बारे में जानकारी दी जाती है और शरीर पर लाल दाग, सुन्नपन या खुजली जैसे लक्षणों की जांच की जाती है।
संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी समय पर जांच और इलाज कराया जा रहा है। मरीजों को समय-समय पर मॉनिटर किया जाता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग जागरुकता की कमी से फैलता है। शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करने से रोग गंभीर हो सकता है। रोग के शुरुआती संकेतों में त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे, सुन्नपन और हाथ-पैरों में कमजोरी शामिल है।
