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Saharanpur News: नाला विवाद में कार्रवाई को लेकर विरोध में उतरे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:59 AM IST
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बेरखेड़ी मुसलमान में नाला विवाद की जांच करते गंगोह खंड विकास अधिकारी एवं मौजूद ग्रामीण। संवाद
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तीतरों। बेरखेड़ी मुसलमान में नाला निर्माण प्रकरण में खंड विकास अधिकारी ने गांव पहुंचकर निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों से वार्ता की। उधर, पुलिस द्वारा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक पक्ष के 24 लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर ग्रामीणों ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।
बता दें, कि गांव में नाला निर्माण के रास्ते को लेकर ग्रामीणों के दो पक्ष आमने सामने हैं। बृहस्पतिवार को बीडीओ असलम परवेज एवं ग्राम सचिव सचिन पाल गांव पहुंचे और दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता की। उन्होंने ग्राम समाज की भूमि तथा नाला निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी नकुड़ को भेजी जाएगी, जिसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को शांति भंग की कार्रवाई के नोटिस दिए जाने के बाद एक पक्ष के संयोगिता सैनी, आजाद सैनी, सुशील सैनी, प्रवीण सैनी, अरविंद कोरी, गोपाल सैनी, राजेश सैनी, निर्दोष सैनी, कमलेश, प्रमिला, प्रभिता, गुड़िया सैनी, संगीता देवी, बिरमवती, पिंकी देवी एवं पायल आदि ने गहरी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने उनके पक्ष के अधिकांश लोगों एवं महिलाओं को जानबूझकर कार्रवाई में निरुद्ध किया है, जबकि दूसरे पक्ष के केवल पांच लोगों के नाम ही नोटिस में दर्ज हैं। उन्होंने एसडीएम कार्यालय जाने से इन्कार करते हुए कहा कि यदि केवल उनके पक्ष पर ही कार्रवाई की जाती है तो वे सामूहिक रूप से आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
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उधर, सीओ गंगोह अशोक सिसौदिया ने कहा कि ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करना उचित नहीं है।
बता दें, कि गांव में नाला निर्माण के रास्ते को लेकर ग्रामीणों के दो पक्ष आमने सामने हैं। बृहस्पतिवार को बीडीओ असलम परवेज एवं ग्राम सचिव सचिन पाल गांव पहुंचे और दोनों पक्षों के लोगों से वार्ता की। उन्होंने ग्राम समाज की भूमि तथा नाला निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी नकुड़ को भेजी जाएगी, जिसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को शांति भंग की कार्रवाई के नोटिस दिए जाने के बाद एक पक्ष के संयोगिता सैनी, आजाद सैनी, सुशील सैनी, प्रवीण सैनी, अरविंद कोरी, गोपाल सैनी, राजेश सैनी, निर्दोष सैनी, कमलेश, प्रमिला, प्रभिता, गुड़िया सैनी, संगीता देवी, बिरमवती, पिंकी देवी एवं पायल आदि ने गहरी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने उनके पक्ष के अधिकांश लोगों एवं महिलाओं को जानबूझकर कार्रवाई में निरुद्ध किया है, जबकि दूसरे पक्ष के केवल पांच लोगों के नाम ही नोटिस में दर्ज हैं। उन्होंने एसडीएम कार्यालय जाने से इन्कार करते हुए कहा कि यदि केवल उनके पक्ष पर ही कार्रवाई की जाती है तो वे सामूहिक रूप से आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
उधर, सीओ गंगोह अशोक सिसौदिया ने कहा कि ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करना उचित नहीं है।