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Sambhal News: टूटी सड़कें, हैंडपंप खराब... दूषित पानी से हो रहे बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 04 May 2026 01:40 AM IST
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संभल। वार्ड-5 हयातनगर में स्वच्छ पानी, बेहतर सड़क व साफ-सफाई समेत मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे हैं। सफाई न होने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगोें ने आरोप लगाया कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल और अधिकरियों की ठेकेदारों से मिलीभगत के वजह से धरातल पर जो काम होने चाहिए, नहीं हो पाते। सड़क जल्द टूटने लगती हैं और हैंडपंप भी सही से चालू नहीं हो पाते।
रविवार को पड़ताल में सामने आया कि कई हैंडपंप खराब हैं। कई जगह पाइप ढीले पड़े हैं तो कहीं पानी सूख चुका है। ऐसी स्थिति में गर्मी में राहत देने वाले सार्वजनिक नल अब शोपीस बनकर रह गए हैं। इंटरलाॅकिंग सड़क धंस चुकी है, कई स्थानों पर नालियों पर ढक्कन तक नहीं है। इससे बरसात के मौसम में स्थिति और भी खतरनाक हो गई है, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है। शुद्ध जल के अभाव में लोग हैंडपंपों का दूषित पानी पीने के लिए विवश हैं। मोहल्ले में सफाई व्यवस्था भी ध्वस्त है। जगह-जगह रखे कूड़ा पात्र टूट चुके हैं। कूड़ा नीचे ही डाला जा रहा है। इससे गंदगी सड़क पर फैल जाती है। कई स्ट्रीट लाइटें भी खराब पड़ी हैं, जिससे शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है।
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यह बोले लोग
दो-तीन साल से मिट्टी के डंपर दौड़ रहे थे। इस कारण यह सड़क धंस गई है। टूटकर गड्ढ़े बन गए हैं। कई बार इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। -विपिन, स्थानीय निवासी
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कोट
सड़क के टूटने से वाहनों के निकलने में दिक्कत होती है। बारिश के समय में समस्या ज्यादा होती है। क्योंकि जलभराव हो जाता है और पता नहीं चलता सड़क कहा हैं। कई बार हादसे भी हुए हैं लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। -नमन भारद्वाज, स्थानीय निवासी
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कोट
साफ-सफाई नहीं हो रही है। एक-एक सप्ताह में सफाई के नाम खानापूरि की जाती है। सड़क किनारे बेंच लगी हैं लेकिन यह टूट गई हैं। शासन का रुपये खर्च करने का मकसद लोगों को सहूलियत देना था लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से यह बदहाल है। -कैलाशचंद्र, स्थानीय निवासी
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कोट
कई साल से हैंडपंप खराब है। इसे सही कराने के लिए शिकायत की गई थी लेकिन सही नहीं हुआ। अब गर्मी का मौसम है तो इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सवाल यह है कि जब लाभ नहीं मिलना है तो रुपये खर्च क्यों किए जाते हैं। -मोहनलाल, स्थानीय निवासी
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रविवार को पड़ताल में सामने आया कि कई हैंडपंप खराब हैं। कई जगह पाइप ढीले पड़े हैं तो कहीं पानी सूख चुका है। ऐसी स्थिति में गर्मी में राहत देने वाले सार्वजनिक नल अब शोपीस बनकर रह गए हैं। इंटरलाॅकिंग सड़क धंस चुकी है, कई स्थानों पर नालियों पर ढक्कन तक नहीं है। इससे बरसात के मौसम में स्थिति और भी खतरनाक हो गई है, लेकिन कोई सुध नहीं ली जा रही है। शुद्ध जल के अभाव में लोग हैंडपंपों का दूषित पानी पीने के लिए विवश हैं। मोहल्ले में सफाई व्यवस्था भी ध्वस्त है। जगह-जगह रखे कूड़ा पात्र टूट चुके हैं। कूड़ा नीचे ही डाला जा रहा है। इससे गंदगी सड़क पर फैल जाती है। कई स्ट्रीट लाइटें भी खराब पड़ी हैं, जिससे शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है।
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यह बोले लोग
दो-तीन साल से मिट्टी के डंपर दौड़ रहे थे। इस कारण यह सड़क धंस गई है। टूटकर गड्ढ़े बन गए हैं। कई बार इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। -विपिन, स्थानीय निवासी
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सड़क के टूटने से वाहनों के निकलने में दिक्कत होती है। बारिश के समय में समस्या ज्यादा होती है। क्योंकि जलभराव हो जाता है और पता नहीं चलता सड़क कहा हैं। कई बार हादसे भी हुए हैं लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। -नमन भारद्वाज, स्थानीय निवासी
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साफ-सफाई नहीं हो रही है। एक-एक सप्ताह में सफाई के नाम खानापूरि की जाती है। सड़क किनारे बेंच लगी हैं लेकिन यह टूट गई हैं। शासन का रुपये खर्च करने का मकसद लोगों को सहूलियत देना था लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से यह बदहाल है। -कैलाशचंद्र, स्थानीय निवासी
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कई साल से हैंडपंप खराब है। इसे सही कराने के लिए शिकायत की गई थी लेकिन सही नहीं हुआ। अब गर्मी का मौसम है तो इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सवाल यह है कि जब लाभ नहीं मिलना है तो रुपये खर्च क्यों किए जाते हैं। -मोहनलाल, स्थानीय निवासी
