सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Pure water was not available... broken roads became a problem.

Sambhal News: शुद्ध जल मिला नहीं... जी का जंजाल बनीं टूटी सड़कें

संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Mon, 04 May 2026 01:42 AM IST
विज्ञापन
Pure water was not available... broken roads became a problem.
विज्ञापन
संभल। हर घर जल के संकल्प के साथ जिले में शुरू हुई जल जीवन मिशन योजना अब लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद लोगाें को शुद्ध जल मुहैया तो नहीं हो सका, लेकिन समस्याओं का अंबार लग गया। पाइप लाइन बिछाने के नाम पर तोड़ी गईं सड़कें हादसों व कीचड़ का पर्याय बन चुकी हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो संभल जनपद में करीब 860 गांवों में अलग-अलग कंपनियां जल जीवन मिशन के तहत कार्य कर रही हैं। दावा है कि करीब 57 गांवों में जलापूर्ति की जा रही है, जबकि 72 गांव ऐसे हैं, जहां जलापूर्ति के लिए परीक्षण किया जा रहा है। अहम बात यह है कि जल जीवन मिशन खुद मानता है कि सड़क चौड़ीकरण के कारण 28 गांवों में जलापूर्ति प्रभावित है।
Trending Videos





जलजीवन मिशन के तहत खोदी सड़कों से निकलना हुआ दुश्वार

चंदौसी। ग्रामीण अंचलों में जल जीवन मिशन के तहत कहीं ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा हो गया तो कहीं पर अधूरा है। जहां पर निर्माण पूरा हो गया, वहां पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आलम ये है कि पाइप लाइन बिछाने के बाद गड्ढों की पेचिंग तक उखड़ गई है, जिससे सड़कों पर गड्ढों की लाइन बनी रहती है। चंदौसी की गणेश कॉलोनी की गलियों का हाल बुरा है। यहां पाइप लाइन के गड्ढे गहरे हो गए हैं। 25 वार्डों में पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों भी जर्जर हैं। लीकेज की समस्या भी खत्म नहीं हुई है। लीकेज की वजह से सड़क उखड़ने लगी है। गुन्नौर के गांव विजुआ नगला में भी पानी नहीं पहुंचा। पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क में गड्ढे बन गए हैं। जुनावई के गांव खेरिया रुद्ध का भी यही हाल है। बनियाठेर के गांव गोपालपुर, रसूलपुर कैली, अकरौली, कासमपुर जगरूप भी पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कें तोड़कर छोड़ दीं।

दो साल बाद भी नहीं हो सकी सड़कों की मरम्मत



बहजोई के बल्लमपुर में पाइपलाइन बिछाने के लिए तोड़ी गई सड़कों की दो साल के बाद भी मरम्मत नहीं हो सकी है। जर्जर और गड्ढेनुमा सड़कों पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। टूटी सड़कों से कीचड़ और गंदगी फैल रही है। गांव चंदनकटी मौजा में एक वर्ष पहले तोड़ी गईं सड़कों की भी मरम्मत नहीं हो सकी है। कैलादेवी जाने वाले मार्ग पर सड़क तोड़कर छोड़ दी। इससे कीचड़, गंदगी और जलभराव की स्थिति बन गई। दिलगौरा में भी यही हालात हैं। पवांसा के विक्रमपुर ताहरपुर में टूटी सड़कों की मरम्मत न होने से कीचड़ ही कीचड़ है।



इनसेट



रजपुरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव चाऊपुर डांडा और सिसौना डांडा में जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकी का काम अधर में लटका है। इस बीच जलापूर्ति के लिए सड़क भी खोदकर छोड़ दी गई, यह अब दर्द दे रही है। लोगों का कहना है कि गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टंकी का निर्माण हुआ है लेकिन पानी कम दुश्वारियां ज्यादा मिल रही हैं।



इनसेट



बेतरतीव ढंग से खोदीं गईं सड़कें बनीं मुसीबत



असमोली के गांव शफातनगर, हरथला व बेला में पानी की सप्लाई के लिए दो वर्ष पहले सड़क खोदी गईं, लेकिन मरम्मत आज तक नहीं की गई। उस समय सड़क को भी बेतरतीव ढंग से तोड़ा गया, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। हालात यह है कि मलबा सड़क पर बिखरा पड़ा है। मोटे-मोटे पत्थर वाहनों की राह में रोड़ा बन रहे हैं। पैदल निकलना भी दुश्वार है।



यह बोले लोग
गांव में पाइप लाइन बिछाने के बाद सड़क खोदकर छोड़ दीं। इससे सड़कों पर कीचड़ और गंदगी रहती है। आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जल्द समस्या का समाधान होना चाहिए। -सूरज, गांव सिसौना डांडा



कोट



शुद्ध पानी तो मिला नहीं है। सड़कें भी तोड़कर छोड़ दी गई हैं। इससे चलना मुश्किल हो गया है। लोगों के सामने सुविधा की जगह दुश्वारी पैदा हो गई है। इसका समाधान कराना चाहिए। -रामवीर, गांव चाऊपुर डांडा



कोट



एक वर्ष पहले गांव में पाइपलाइन बिछाने के लिए तोड़ी गईं सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। इससे कीचड़, गंदगी और जलभराव हो रहा है। टूटी सड़कों पर बाइक सवार हादसों का शिकार हो रहे हैं। -कुंवरपाल यादव, गांव चंदनकटी मौजा



कोट



पाइपलाइन बिछाने को तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। गांव में हर ओर कीचड़ और गंदगी फैल रही है। योजना का तो दूर सिर्फ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। -सुरेश यादव, गांव विक्रमपुर तहरपुर



कोट
अच्छी सड़क को पाइप लाइन बिछाने के नाम पर तोड़कर छोड़ दिया है। काफी समय बीतने के बाद भी मरम्मत नहीं की गई, इससे कीचड़, गंदगी और जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। -प्रमोद कुमार, गांव बल्लमपुर



कोट



जल जीवन मिशन योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए तोड़ी गईं सड़कों की मरम्मत शिकायत के बाद भी नहीं हो सकी। पानी भी नहीं मिल रहा है। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -सचिन कुमार, गांव दिलगौरा



कोट



गांव में हालात इतने खराब है कि हर जगह कीचड़ और गंदगी का माहौल बना है। यदि सड़कें सही होती तो हालात अच्छे होते। दो वर्ष से अधिक बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरे हैं। -रामरतन सिंह, गांव बल्लमपुर



कोट



सड़क खोदकर छोड़ दी गई हैं। हल्की बारिश में पानी भर जाता है। इससे कीचड़ फैल जाती है। गंदगी भी रहती है। कई बार इसकी शिकायत की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। -मरगूब, आलम सराय देहात



कोट



दो साल से ओवरहेड टैंक का निर्माण अधूरा है। सड़क खोदकर छोड़ दीं, लेकिन अभी तक मरम्मत नहीं की गई है। पानी की आपूर्ति भी नहीं मिली है। दुश्वारियां हिस्से में आई हैं। -अनीता, आलम सराय देहात



वर्जन:
ग्राम पंचायत में जल आपूर्ति के लिए सीसी मार्ग खोदकर चार वर्ष पहले पाइपलाइन डाली गई है, लेकिन गांव में न पानी की टंकी बनी और न ही सीसी मार्ग को सही कराया गया है। इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। - मुकेश कुमार, प्रधान प्रतिनिधि व पति

गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की पेचिंग कर दी गई। जो उखड़ गई हैं और गड्ढे बन गए हैं। इससे आवाजाही में परेशानी होती है। बरसात में हालात बिगड़ जाते हैं। -उरमान सिंह, गांव अकरौली बनियाठेर


कोट



जिन गांवों में रास्ते खराब थे, अधिकतर ठीक हो चुके हैं। अभी भी जिन गांवों में समस्या है, वहां भी जल निगम द्वारा समस्या का समाधान कराया जा रहा है। -अक्षय कुमार, एडीओ पंचायत, विकास विभाग, संभल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed