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Sambhal News: सिर्फ कागजों में अभियान... गंदगी कर रही हकीकत बयान
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Tue, 19 May 2026 02:06 AM IST
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संभल। गर्मी बढ़ने के दौरान पनपने वाली बीमारियों की रोकधाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाया गया संचारी रोग नियंत्रण अभियान सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गया। गांवों में न सफाई की गई और न ही फॉगिंग। गांवों की सड़कों पर फैली कीचड़, नालियों में गंदगी और उगती झाड़ियां इसकी बानगी हैं।
30 अप्रैल तक चले संचारी रोग नियंत्रण अभियान का मकसद था कि बढ़ती गर्मी में पनपने वाली बीमारियों पर रोकथाम लगाई जा सके। गंदगी से राहत दिलाई जाए और मच्छरों के प्रकोप को कम कर दिया जाए। यह अभियान जिले में चला लेकिन कागजों में ही काम करता रहा। हकीकत में इसका कोई लाभ लोगों को नहीं मिला। सोमवार को जब इस अभियान की पड़ताल की तो गंदगी, कीचड़ और जलभराव गवाही देने लगे। ग्रामीणों की पीड़ा तो इससे भी दर्दनाक है। रात को मच्छर सोने नहीं देते और गंदगी और कीचड़ से संक्रमित बीमारियों के फैलने का खतरा है। पवांसा ब्लॉक के गांव बिजपुरी में मुख्य मार्ग पर कीचड़ और जलभराव की समस्या दिखी। गांव मिलक सैंजना के मुख्य मार्ग के भी यही हालात बने हुए हैं।
गांव बंजरपुरी में भी कीचड़ और जलभराव है। गांव साधनगर के मुख्य मार्ग भी यही स्थिति बनी हुई है। गांव नगला खाकम में सफाई व्यवस्था चौपट है। गांव सौंधन में एक कर्मचारी और आबादी ज्यादा। सफाई तक नहीं हो पा रही। बहजोई ब्लॉक गांव बल्लमपुर में मुख्य मार्ग पर समस्या है। संभल ब्लॉक के गांव ततारपुर में भी यही गंदगी के हालात हैं। असमोली ब्लॉक के गांव शहबाजपुर कला, गांव मढ़न, टांडा कोठी और दहेरी जग्गू में भी गंदगी और कीचड़ के हालात दिखाई दिए।
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30 अप्रैल तक चले संचारी रोग नियंत्रण अभियान का मकसद था कि बढ़ती गर्मी में पनपने वाली बीमारियों पर रोकथाम लगाई जा सके। गंदगी से राहत दिलाई जाए और मच्छरों के प्रकोप को कम कर दिया जाए। यह अभियान जिले में चला लेकिन कागजों में ही काम करता रहा। हकीकत में इसका कोई लाभ लोगों को नहीं मिला। सोमवार को जब इस अभियान की पड़ताल की तो गंदगी, कीचड़ और जलभराव गवाही देने लगे। ग्रामीणों की पीड़ा तो इससे भी दर्दनाक है। रात को मच्छर सोने नहीं देते और गंदगी और कीचड़ से संक्रमित बीमारियों के फैलने का खतरा है। पवांसा ब्लॉक के गांव बिजपुरी में मुख्य मार्ग पर कीचड़ और जलभराव की समस्या दिखी। गांव मिलक सैंजना के मुख्य मार्ग के भी यही हालात बने हुए हैं।
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गांव बंजरपुरी में भी कीचड़ और जलभराव है। गांव साधनगर के मुख्य मार्ग भी यही स्थिति बनी हुई है। गांव नगला खाकम में सफाई व्यवस्था चौपट है। गांव सौंधन में एक कर्मचारी और आबादी ज्यादा। सफाई तक नहीं हो पा रही। बहजोई ब्लॉक गांव बल्लमपुर में मुख्य मार्ग पर समस्या है। संभल ब्लॉक के गांव ततारपुर में भी यही गंदगी के हालात हैं। असमोली ब्लॉक के गांव शहबाजपुर कला, गांव मढ़न, टांडा कोठी और दहेरी जग्गू में भी गंदगी और कीचड़ के हालात दिखाई दिए।