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Sambhal News: असमोली सीएचसी में बेहतर इलाज के दावे सिर्फ कागजों में

Wed, 19 Aug 2026 01:41 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Wed, 19 Aug 2026 01:41 AM IST
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Claims of better medical treatment at Asmoli CHC exist only on paper.
संभल। असमोली सीएचसी में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्था का मखौल सरेआम उड़ रहा है। दीवारों पर टंगे ''बेहतर इलाज'' के बड़े-बड़े बोर्ड और सरकारी दावे कागजों की शोभा बढ़ा रहे हैं, क्योंकि चिकित्सकों की कमी के चलते अस्पताल के कमरों में कुर्सियां सूनी पड़ी हैं। हालात यह हैं कि बीमार यहां राहत की आस लेकर पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टर न होने पर उन्हें या तो भगवान का दरवाजा खटखटाना पड़ता है या अपनी जेब ढीली कर निजी अस्पतालों की शरण में जाना पड़ता है।
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असमोली सीएचसी से 100 से ज्यादा गांव जुड़े हैं। इस सीएचसी पर फिलहाल तीन एमबीबीएस डॉक्टर तैनात हैं। इनमें भी विशेषज्ञ कोई नहीं है। जबकि छह विशेषज्ञ समेत आठ डॉक्टर तैनात होने चाहिए थे। हालांकि यह 15 वर्ष से इंतजार बना हुआ है। संभल जिला बने हुए 15 वर्ष गुजर चुके हैं। इसके बाद से ही जिले में डॉक्टरों का टोटा है। सीएचसी पर सामान्य उपचार तो कर दिया जाता है लेकिन हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। यह सिलसिला वर्षों से चल रहा है। सीएमओ ने बताया कि जिले में 20 ट्रेनी डॉक्टर आए हैं। इनको सीएचसी और पीएचसी में भेजा जाएगा, जिससे कुछ हद तक राहत मिल सके।
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नेत्र रोग विशेषज्ञ भी नहीं
असमोली सीएचसी पर नेत्र रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी नहीं है, जिससे मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं हो पाते हैं। साथ ही प्रसव के लिए सर्जन की तैनाती भी नहीं है। इन दोनों ही तरह के मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। मोतियाबिंद का उपचार तो जिला अस्पताल में भी उपलब्ध नहीं है। प्रसव के लिए ऑपरेशन आयुष्मान कार्डधारकों को करा दिया जाता है।
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कोट
जिले में डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। सीएचसी पर छह विशेषज्ञ समेत आठ एमबीबीएस डॉक्टर होने चाहिए। हालांकि अभी तक किसी भी सीएचसी पर पूरा स्टाफ नहीं है। असमोली में भी तीन ही डॉक्टर हैं। शासन से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द डॉक्टर मिल जाएंगे। -डॉ. तरुण पाठक, सीएमओ, संभल
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