भरोसे का कत्ल: दिव्यांगों के नाम पर चंदा मांगकर रेकी, सुनसान जगह ले जाकर लूटपाट, बुजुर्गों को बनाते थे निशाना
अंधे (दिव्यांग) लोगों की मदद के नाम पर बुजुर्ग महिलाओं को लूटने वाले अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह के पांच सदस्य पुलिस ने गिरफ्तार किए। कुंडल और पांच हजार रुपये बरामद।
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अंधे (दिव्यांग) लोगों की मदद के नाम पर चंदा मांगकर बुजुर्ग और आभूषण पहने महिलाओं की रेकी करना और फिर उन्हें बातचीत में उलझाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर लूट लेना। चंदौसी पुलिस ने ऐसे ही अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीली धातु के दो जोड़ी कुंडल और पांच हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसी तरीके से टप्पेबाजी और लूट की वारदातें करता था। गिरोह में शामिल महिलाएं पहले बातचीत कर महिलाओं को विश्वास में लेती थीं और इसके बाद पुरुष सदस्य वारदात को अंजाम देते थे।
आनंद विहार कॉलोनी, मौलागढ़ निवासी नारायणी देवी ने आठ अगस्त को चंदौसी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि दो अज्ञात व्यक्ति और एक महिला रास्ता पूछने के बहाने उनके संपर्क में आए। बातचीत के दौरान आरोपी उन्हें अपने साथ लेकर एकांत स्थान की ओर चले गए। वहां आरोपियों ने उन्हें डराया-धमकाया और दोनों कानों के सोने के कुंडल लूट लिए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को गिरोह के चंदा मांगने के तरीके की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार आरोपी नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड के नाम पर लोगों से 50 और 100 रुपये का चंदा लेते थे। इसके बदले लखनऊ एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड के नाम की पर्ची दी जाती थी। इसी बहाने गिरोह के सदस्य घरों और बाजारों में घूमते हुए लोगों को करीब से देखते थे। उनकी नजर खासतौर पर ऐसी बुजुर्ग महिलाओं पर रहती थी, जिनके कान या नाक में सोने के आभूषण होते थे।
पति-पत्नी रेकी करते, महिला सदस्य फंसाती, भाई देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार गिरोह में राजू और उसकी पत्नी माया महिलाओं की रेकी कर उन्हें चिन्हित करते थे। इसके बाद तुलसी बातचीत शुरू कर महिला को विश्वास में लेती थी। महिला के साथ चलने के लिए तैयार होने पर गंगाराम और कल्लू उसे सुनसान स्थान की ओर ले जाते थे। वहां मौका मिलते ही टप्पेबाजी या लूट की वारदात कर दी जाती थी। पुलिस के मुताबिक गंगाराम और कल्लू सगे भाई हैं।
पुलिस ने रविवार को खुर्जागेट से करेली रोड पर चेकिंग के दौरान पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में गंगाराम निवासी चमरी, हापुड़, कल्लू राय और उसकी पत्नी तुलसी निवासी लक्ष्मीनगर, मथुरा तथा राजू और उसकी पत्नी माया निवासी चमरी, हापुड़ शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से पीली धातु के दो जोड़ी कुंडल और पांच हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के साथ गिरोह के अन्य सदस्यों और दूसरे राज्यों में की गई वारदातों का भी पता लगा रही है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में गिरोह द्वारा की कई अन्य घटनाओं का खुलासा हो सकता है।
थाना चंदौसी पुलिस को अंतराज्यीय टप्पेबाज गिरोह के खुलासे में सफलता मिली है। इसमें गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरा और विभिन्न टेक्नीकल के माध्यम से गिरोह के सदस्यों को पकड़ने में सफलता मिली है। विधिक कार्रवाई की जा रही है। - कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी संभल।