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Sambhal News: युवाओं को भी चपेट में ले रहा हेपेटाइटिस सी
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संभल। जिले में हेपेटाइटिस सी लोगों को चपेट में ले रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 12 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 60 प्रतिशत युवा शामिल हैं। चिकित्सक इससे बचाव को लेकर सलाह भी दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में तैनात डॉ. आंचल मल्होत्रा का कहना है कि इस समय हेपेटाइटिस सी व बी के करीब 1000 एक्टिव केस हैं। इन मरीजों का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस सी के रोजाना करीब 12 नए मरीज आ रहे हैं। इनमें करीब सात युवा होते हैं। ऐसे युवाओं का भी तीन महीने के लिए इलाज हो रहा है। इलाज की अवधि पूरी होने पर जांच कराई जाती है। मरीज के ठीक हो जाने पर फिर इलाज की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस सी फैलने के कई कारण हैं। हाथ या शरीर के दूसरे हिस्सों में टैटू गुदवाने से भी होता है। एक ही मशीन का बिना सफाई के लगातार इस्तेमाल किया जाता है। नाई की दुकान पर उस्तरे से दाढ़ी बनवाना भी ठीक नहीं है। इसके अलावा झोलाछाप डॉक्टर द्वारा एक ही सुई से कई लोगों को इंजेक्शन लगाना भी घातक है। इन चीजों से बचना चाहिए। यही सलाह मरीजों को भी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि संभल शहर, सरायतरीन, रजपुरा, पवांसा, नरौली, बहजोई के मरीज आ रहे हैं। जिला अस्पताल में दवा का स्टॉक पूरा है।
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जिला अस्पताल में तैनात डॉ. आंचल मल्होत्रा का कहना है कि इस समय हेपेटाइटिस सी व बी के करीब 1000 एक्टिव केस हैं। इन मरीजों का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस सी के रोजाना करीब 12 नए मरीज आ रहे हैं। इनमें करीब सात युवा होते हैं। ऐसे युवाओं का भी तीन महीने के लिए इलाज हो रहा है। इलाज की अवधि पूरी होने पर जांच कराई जाती है। मरीज के ठीक हो जाने पर फिर इलाज की जरूरत नहीं है।
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उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस सी फैलने के कई कारण हैं। हाथ या शरीर के दूसरे हिस्सों में टैटू गुदवाने से भी होता है। एक ही मशीन का बिना सफाई के लगातार इस्तेमाल किया जाता है। नाई की दुकान पर उस्तरे से दाढ़ी बनवाना भी ठीक नहीं है। इसके अलावा झोलाछाप डॉक्टर द्वारा एक ही सुई से कई लोगों को इंजेक्शन लगाना भी घातक है। इन चीजों से बचना चाहिए। यही सलाह मरीजों को भी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि संभल शहर, सरायतरीन, रजपुरा, पवांसा, नरौली, बहजोई के मरीज आ रहे हैं। जिला अस्पताल में दवा का स्टॉक पूरा है।