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Sambhal News: फर्जी बिलों से ले लिया दो करोड़ से ज्यादा का आईटीसी क्लेम
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मुरादाबाद। आरोपी जालसाजों ने फर्जी फर्म बनाकर बिना खरीद फरोख्त के ही फर्जी बिल बना लिए। इसके बाद आरोपियों ने इन बिलों के जरिए जीएसटी विभाग से दो करोड़ 15 लाख 81 हजार 577 रुपये का आईटीसी क्लेम भी ले लिया। इस मामले में जीएसटी विभाग के अधिकारियों की ओर से कोतवाली में दो अलग अलग प्राथमिकी दर्ज कराई हैं।
पहली प्राथमिकी राज्यकर विभाग खंड-3 मुरादाबाद में उपायुक्त श्रीप्रकाश यादव ने मेरठ निवासी मो.अताउर रहमान के खिलाफ दर्ज कराई है। जिसमें उन्होंने बताया कि मो. अताउर रहमान ने रहमान इंटरप्राइजेज नाम से फर्म बना रखी है। उसने 28 अक्तूबर 2023 को फर्म का जीएसटी नंबर लिया था। फर्म के आवेदन के समय उसने व्यापार स्थल का पता कोतवाली के बुधबाजार स्टेशन रोड दिया था। लेकिन पंजीकरण विभाग ने नंबर कैंसिल कर दिया था लेकिन जांच करने पर कारोबार होता पाया गया। आरोपी द्वारा दाखिल जीएसटीआर-1 की जांच की गई तो पता चला मो. अताउर रहमान ने सीजीएसटी से नौ लाख 51 हजार 232 रुपये और जीएसटीआर दो से भी इतनी ही रकम की आईटीसी क्लेम की गई है। जबकि जीएसटीआर-2बी में उसने कोई इनवर्ड सप्लाई प्राप्त किया था। आरोप है कि उसने आईटीसी क्लेम कर सरकार को 18 लाख 82 हजार 587 रुपये का नुकसान पहुंचाया है। उसके खिलाफ अर्थदंड और ब्याज समेत 39 लाख 31 हजार 442 रुपये की बकायेदारी दिखाई।
दूसरी प्राथमिकी उपायुक्त राज्य कर खंड-3 कार्यालय में तैनात राज्यकर अधिकारी सऊद शरीफ ने पंजाब के लुधियाना जिले के रतनगढ़ निवासी सतेंद्र पाल सिंह के खिलाफ दर्ज कराई है। जिसमें बताया गया कि सतेंद्र सिंह ने अपनी फर्म अनमोल इंटरप्राइजेज का जीएसटी नंबर 12 मई 2020 से प्राप्त किया था। पंजीकरण विभाग ने एक जनवरी 2021 को फर्म का नंबर कैंसिल कर दिया था। इसने पंजीकरण के दौरान फर्म का पता आंबेडकर मार्केट दिखाया था। जांच के दौरान नहीं पायाचला कि इसने जीएसटीआर-2ए में कोई आपूर्ति नहीं की है। फर्म द्वारालेनदेन बिना माल प्राप्त किए किया गया है। आरोपी ने फर्जी फर्म के जरिए फर्जी बिल बनाकर एक करोड़ 76 लाख 50 हजार 135 रुपये आईटीसी क्लेम लिया है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि कोतवाली में दो प्राथमिकी जांच की गई है। जिसकी जांच एसआईटी करेगी।
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पहली प्राथमिकी राज्यकर विभाग खंड-3 मुरादाबाद में उपायुक्त श्रीप्रकाश यादव ने मेरठ निवासी मो.अताउर रहमान के खिलाफ दर्ज कराई है। जिसमें उन्होंने बताया कि मो. अताउर रहमान ने रहमान इंटरप्राइजेज नाम से फर्म बना रखी है। उसने 28 अक्तूबर 2023 को फर्म का जीएसटी नंबर लिया था। फर्म के आवेदन के समय उसने व्यापार स्थल का पता कोतवाली के बुधबाजार स्टेशन रोड दिया था। लेकिन पंजीकरण विभाग ने नंबर कैंसिल कर दिया था लेकिन जांच करने पर कारोबार होता पाया गया। आरोपी द्वारा दाखिल जीएसटीआर-1 की जांच की गई तो पता चला मो. अताउर रहमान ने सीजीएसटी से नौ लाख 51 हजार 232 रुपये और जीएसटीआर दो से भी इतनी ही रकम की आईटीसी क्लेम की गई है। जबकि जीएसटीआर-2बी में उसने कोई इनवर्ड सप्लाई प्राप्त किया था। आरोप है कि उसने आईटीसी क्लेम कर सरकार को 18 लाख 82 हजार 587 रुपये का नुकसान पहुंचाया है। उसके खिलाफ अर्थदंड और ब्याज समेत 39 लाख 31 हजार 442 रुपये की बकायेदारी दिखाई।
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दूसरी प्राथमिकी उपायुक्त राज्य कर खंड-3 कार्यालय में तैनात राज्यकर अधिकारी सऊद शरीफ ने पंजाब के लुधियाना जिले के रतनगढ़ निवासी सतेंद्र पाल सिंह के खिलाफ दर्ज कराई है। जिसमें बताया गया कि सतेंद्र सिंह ने अपनी फर्म अनमोल इंटरप्राइजेज का जीएसटी नंबर 12 मई 2020 से प्राप्त किया था। पंजीकरण विभाग ने एक जनवरी 2021 को फर्म का नंबर कैंसिल कर दिया था। इसने पंजीकरण के दौरान फर्म का पता आंबेडकर मार्केट दिखाया था। जांच के दौरान नहीं पायाचला कि इसने जीएसटीआर-2ए में कोई आपूर्ति नहीं की है। फर्म द्वारालेनदेन बिना माल प्राप्त किए किया गया है। आरोपी ने फर्जी फर्म के जरिए फर्जी बिल बनाकर एक करोड़ 76 लाख 50 हजार 135 रुपये आईटीसी क्लेम लिया है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि कोतवाली में दो प्राथमिकी जांच की गई है। जिसकी जांच एसआईटी करेगी।