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Sambhal News: मस्जिदों में उमड़ी भीड़, अदा की गई जुमे की नमाज
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:28 AM IST
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संभल। रमजान महीने में तीसरे जुमे को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा कर दुआ मांगी। शहर की जामा मस्जिद पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। यहां आरआरएफ, पुलिस और पीएसी के जवानों की मुस्तैदी दिखाई दी।
जुमे की नमाज को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को तैयार की। समय होने पर लोगों ने मस्जिदों का रुख कर लिया। शहर की जामा मस्जिद पर सुरक्षा को लेकर आरआरएफ, पुलिस और पीएसी के जवानों को मुस्तैद किया गया था। जामा मस्जिद में लोगों ने बड़ी संख्या में जुमे की नमाज अदा करते हुए दुआ मांगी। शहर की दूसरी मस्जिदों में भी भीड़ रही। हयातनगर, सरायतरीन के अलावा देहात क्षेत्र की मस्जिदों में भी लोगों ने रमजान महीने में तीसरे जुमे की नमाज अदा की।
रमजान महीने में कुरान पढ़ना सबसे अफजल
सिरसी। रमजान के तीसरे जुमे पर सिरसी की मस्जिदों में अकीदत और एहतराम के साथ नमाज अदा की गई। इमाम बारगाह मोहल्ला गर्बी, सुन्नी जामा मस्जिद, मोती मस्जिद, कुरैशियान मस्जिद, नासर शहीद मस्जिद, मस्जिद बुध बाजार आदि में लोगों की भीड़ रही। शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना हसीन अख्तर जैदी ने नमाज से पहले खुतबा देते हुए कहा कि अपने रिश्तेदारों से अच्छा व्यवहार करें। उनके सुख-दुख में शरीक रहें। इससे उम्र में इजाफा होता है। उन्होंने रोजे की अहमियत बताते हुए कहा कि पूरे दिन सिर्फ भूखा प्यासा रह कर रोजा रखना ही काफी नहीं है। शरीर के हर अंग का रोजा होता है। किसी को बुरा मत कहो। यतीम, गरीब, बेसहारा लोगों की मदद की जाए। इस महीने कुरान पढ़ना सबसे अफजल है। नमाज के बाद मुल्क, कौम और ईरान के लिए दुआ कराई गई।
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जुमे की नमाज को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को तैयार की। समय होने पर लोगों ने मस्जिदों का रुख कर लिया। शहर की जामा मस्जिद पर सुरक्षा को लेकर आरआरएफ, पुलिस और पीएसी के जवानों को मुस्तैद किया गया था। जामा मस्जिद में लोगों ने बड़ी संख्या में जुमे की नमाज अदा करते हुए दुआ मांगी। शहर की दूसरी मस्जिदों में भी भीड़ रही। हयातनगर, सरायतरीन के अलावा देहात क्षेत्र की मस्जिदों में भी लोगों ने रमजान महीने में तीसरे जुमे की नमाज अदा की।
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रमजान महीने में कुरान पढ़ना सबसे अफजल
सिरसी। रमजान के तीसरे जुमे पर सिरसी की मस्जिदों में अकीदत और एहतराम के साथ नमाज अदा की गई। इमाम बारगाह मोहल्ला गर्बी, सुन्नी जामा मस्जिद, मोती मस्जिद, कुरैशियान मस्जिद, नासर शहीद मस्जिद, मस्जिद बुध बाजार आदि में लोगों की भीड़ रही। शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना हसीन अख्तर जैदी ने नमाज से पहले खुतबा देते हुए कहा कि अपने रिश्तेदारों से अच्छा व्यवहार करें। उनके सुख-दुख में शरीक रहें। इससे उम्र में इजाफा होता है। उन्होंने रोजे की अहमियत बताते हुए कहा कि पूरे दिन सिर्फ भूखा प्यासा रह कर रोजा रखना ही काफी नहीं है। शरीर के हर अंग का रोजा होता है। किसी को बुरा मत कहो। यतीम, गरीब, बेसहारा लोगों की मदद की जाए। इस महीने कुरान पढ़ना सबसे अफजल है। नमाज के बाद मुल्क, कौम और ईरान के लिए दुआ कराई गई।
