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Sambhal News: बिजली जाते ही 20 स्थानों पर बंद हो जाते हैं निगरानी वाले शहर के कैमरे
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संभल। शहर में चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए कोतवाली और नखासा थाना क्षेत्र में 60 स्थानों पर लगवाए गए 224 सीसीटीवी कैमरों के निर्बाध संचालन के लिए अब इनवर्टर की व्यवस्था होने जा रही है। क्योंकि करीब 20 स्थानों पर बिजली जाने पर कैमरे बंद हो जाते हैं और निगरानी नहीं हो पाती है।
24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा के बाद प्रशासन ने शहर में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से शहर के मुख्य मार्गों के साथ ही चौराहों और अन्य स्थानों पर 224 सीसीटीवी कैमरे की जिम्मेदारी साइबर लेंस सॉल्यूशन फर्म को दी गई। कोतवाली और नखासा थाना क्षेत्र में मुरादाबाद मार्ग, हसनपुर मार्ग, बहजोई मार्ग पर कैमरे लगवाए गए।
इनमें 206 नॉर्मल कैमरे, 10 एनपीआर कैमरे और 8 पीटीजेड कैमरे लगे। हालांकि कैमरों को बिजली व्यवस्था से जोड़ा गया लेकिन करीब 20 स्थान ऐसे हैं, जहां बिजली जाने पर कैमरे काम करना बंद कर देते हैं। अब प्रशासन ने सभी 60 स्थानों पर कैमरों के निर्बाध संचालन के लिए इनवर्टर और बैटरे की व्यवस्था करने की तैयारी की है। इसकी जिम्मेदारी भी साइबर लेंस सॉल्यूशन फर्म को दी गई है। फर्म के हर्षित शर्मा ने बताया कि इनवर्टर, बैटरे की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव करीब 40 लाख रुपये का है। प्रस्ताव जल्द ही नगर पालिका को दिया जाएगा। जिसे मंजूरी मिलने पर काम शुरू कराएंगे।
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किस कैमरे की क्या खासियत
संभल। एनपीआर कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को डिटेक्ट कर लेते हैं। जिससे नियम का उल्लंघन होने पर वाहन के चालान में मदद मिलती है। अगर कोई वाहन चोरी करके भाग रहा होता है तो उसकी धरपकड़ में भी मदद मिल जाती है। पीटीजेड कैमरे की खासियत यह है कि यह चारों तरफ घूम जाता है। कैमरे की मदद से 500 मीटर से 1000 मीटर तक जूम करके नजारा देखा जा सकता है। बताते चलें कि कैमरों के लिए कंट्रोल रूम सत्यव्रत पुलिस चौकी में बना है। कोतवाली, थाना नखासा, नई तहसील कार्यालय और नगर पालिका में वर्क स्टेशन बनाए गए हैं।
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इनमें 206 नॉर्मल कैमरे, 10 एनपीआर कैमरे और 8 पीटीजेड कैमरे लगे। हालांकि कैमरों को बिजली व्यवस्था से जोड़ा गया लेकिन करीब 20 स्थान ऐसे हैं, जहां बिजली जाने पर कैमरे काम करना बंद कर देते हैं। अब प्रशासन ने सभी 60 स्थानों पर कैमरों के निर्बाध संचालन के लिए इनवर्टर और बैटरे की व्यवस्था करने की तैयारी की है। इसकी जिम्मेदारी भी साइबर लेंस सॉल्यूशन फर्म को दी गई है। फर्म के हर्षित शर्मा ने बताया कि इनवर्टर, बैटरे की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव करीब 40 लाख रुपये का है। प्रस्ताव जल्द ही नगर पालिका को दिया जाएगा। जिसे मंजूरी मिलने पर काम शुरू कराएंगे।
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किस कैमरे की क्या खासियत
संभल। एनपीआर कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को डिटेक्ट कर लेते हैं। जिससे नियम का उल्लंघन होने पर वाहन के चालान में मदद मिलती है। अगर कोई वाहन चोरी करके भाग रहा होता है तो उसकी धरपकड़ में भी मदद मिल जाती है। पीटीजेड कैमरे की खासियत यह है कि यह चारों तरफ घूम जाता है। कैमरे की मदद से 500 मीटर से 1000 मीटर तक जूम करके नजारा देखा जा सकता है। बताते चलें कि कैमरों के लिए कंट्रोल रूम सत्यव्रत पुलिस चौकी में बना है। कोतवाली, थाना नखासा, नई तहसील कार्यालय और नगर पालिका में वर्क स्टेशन बनाए गए हैं।