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Sambhal News: सिरसी में निकाला गया जुलजुनाह व अलम मुबारक का जुलूस
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सिरसी। जुलजुनाह व अलम मुबारक का जुलूस निकाला गया, जिसमें अजादारों ने जंजीरों के साथ ही आग का मातम किया। मंगलवार की रात्रि चौदह मुहर्रम को मोहल्ला सादक सराय में बागे बहिश्त नामक बाग में हुई मजलिस में मर्सिया गुलशन रजा व उनके साथियों ने पढ़ा।
मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना एहतेशाम अली नकवी ने कहा कि कर्बला हर तरह के किरदार का नाम है। यहां बाप-बेटे, बहन-भाई, चाचा-भतीजे और पति-पत्नी की मोहब्बत आदि सभी रिश्ते कर्बला में निभाए गए।
बताया कि कर्बला हर रिश्ता निभाने का सबक देती है। अंत में उन्होंने हजरत इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास के मसाइब बयान करते हुए कहा कि कर्बला के मैदान में जालिमों ने हजरत अब्बास अलमदार के दोनों बाजू काट कर उन्हें शहीद कर दिया था। वह प्यासे बच्चों के लिए नहर से पानी लेने गए थे। जिसे सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गई।
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मजलिस के बाद शबीहे जुलजुनाह, ताबूत और गहवारा का जुलूस बरामद हुआ। मोहल्ला चौधरियान में इमाम बारगाह इमाम रजा में हुई मजलिस में मरसिया नसीमुल हसन व उनके साथियों ने पढ़ा, जबकि मजलिस को मौलाना सफी असगर नजमी ने खिताब करते हुए हजरत इमाम हुसैन के फजाइल और मसाइब बयान किए। मजलिस के अलम मुबारक का जुलूस बरामद हुआ, जिसमें अंजुमनों ने नोहा ख्वानी और सीना जनी की।
जुलूस में अजादारों ने जंजीरी मातम करके अपने आप को लहूलुहान कर लिया। इमाम बारगाह गर्बी के सामने अजादारों ने आग पर मातम किया। मोहल्ला शर्की में जरी और अलम मुबारक का जुलूस निकला।
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मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना एहतेशाम अली नकवी ने कहा कि कर्बला हर तरह के किरदार का नाम है। यहां बाप-बेटे, बहन-भाई, चाचा-भतीजे और पति-पत्नी की मोहब्बत आदि सभी रिश्ते कर्बला में निभाए गए।
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बताया कि कर्बला हर रिश्ता निभाने का सबक देती है। अंत में उन्होंने हजरत इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास के मसाइब बयान करते हुए कहा कि कर्बला के मैदान में जालिमों ने हजरत अब्बास अलमदार के दोनों बाजू काट कर उन्हें शहीद कर दिया था। वह प्यासे बच्चों के लिए नहर से पानी लेने गए थे। जिसे सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गई।
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मजलिस के बाद शबीहे जुलजुनाह, ताबूत और गहवारा का जुलूस बरामद हुआ। मोहल्ला चौधरियान में इमाम बारगाह इमाम रजा में हुई मजलिस में मरसिया नसीमुल हसन व उनके साथियों ने पढ़ा, जबकि मजलिस को मौलाना सफी असगर नजमी ने खिताब करते हुए हजरत इमाम हुसैन के फजाइल और मसाइब बयान किए। मजलिस के अलम मुबारक का जुलूस बरामद हुआ, जिसमें अंजुमनों ने नोहा ख्वानी और सीना जनी की।
जुलूस में अजादारों ने जंजीरी मातम करके अपने आप को लहूलुहान कर लिया। इमाम बारगाह गर्बी के सामने अजादारों ने आग पर मातम किया। मोहल्ला शर्की में जरी और अलम मुबारक का जुलूस निकला।