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Sambhal News: ऑफलाइन स्थानांतरण नहीं होने पर भड़के शिक्षक माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री के आवास को घेरा
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सार
चंदौसी में प्रदेशभर के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने ऑफलाइन स्थानांतरण की मांग को लेकर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के आवास का घेराव किया। स्थानांतरण सूची जारी न होने से नाराज शिक्षक धरने पर अड़े रहे। इससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
चंदौसी के सुभाष रोड पर धरने के दौरान राज्यमंत्री से गुहार लगाती शिक्षिका। संवाद
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विस्तार
चंदौसी(संभल)। ऑफलाइन स्थानांतरण नहीं होने पर प्रदेश के अधिकांश जनपदों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बृहस्पतिवार को माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वंतत्र प्रभार) गुलाब देवी के आवास का घेराव किया। राज्यमंत्री ने शासन स्तर का मामला होने का हवाला दिया तो शिक्षक भड़क गए और तत्काल ही मांगों के पूरा करने की मांग करते हुए राज्यमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए।
शाम को शिक्षा विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर ने समझाने का प्रयास किया लेकिन शिक्षक अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। हालांकि पुलिस ने आचार संहिता लागू होने की बात कहते हुए सभी को समझा बुझाकर सड़क से हटा कर आवास के सामने हाल में बिठा दिया।
बता दें कि सात जून तक अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्थानांतरण को लेकर ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन किए गए थे। 27 जून तक सभी के स्थानांतरण की सूची जारी करने की बात सामने आई लेकिन उस समय ऑनलाइन आवेदन करने वाले शिक्षकों के स्थानांतरण कर दिए गए। ऑफलाइन के आवेदनों पर रोक लगा दी गई। इस बात से नाराज प्रदेश के विभिन्न जनपदों से करीब 100 से 150 शिक्षक-शिक्षिकाएं बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के आवास पर पहुंच गए और उनके आवास का घेराव करते हुए वहीं बैठ गए।
इसी दौरान राज्यमंत्री गुलाब देवी आवास से बाहर आई और शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया। कहा कि इस पर शासन स्तर से रोक लगाई गई है। इस पर शिक्षक भड़क गए और तत्काल ही ऑफलाइन स्थानांतरण की सूची जारी करने की मांग को लेकर अड़ गए। इसके बाद राज्यमंत्री वहां से चली गईं लेकिन शिक्षक उनके आवास के बाहर सड़क पर धरने पर बैठे रहे। शाम के समय ज्वाइंट डायरेक्टर मनोज कुमार द्विवेदी, सीओ मनोज कुमार व कोतवाल फोर्स के साथ धरना स्थल पहुंच गए और शिक्षकों से वार्ता की। इस दौरान शिक्षकों की नोकझोंक भी हुई। शिक्षकों ने कहा कि जब तक स्थानांतरण सूची जारी नहीं हो जाती तब तक वह यहां से नहीं हटेंगे। सीओ मनोज कुमार ने आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए धरना समाप्त कराया और शिक्षकों से वहां से हटा कर कार्यालय में बिठा दिया।
इस दौरान शुभेंदु शरण त्रिपाठी अलीगढ़, संदीप कुमार श्रोत्रिय बुलंदशहर, सुनील कुमार तोमर मेरठ, राकेश तिवारी झांसी, सौम्या त्रिपाठी गाजियाबाद, प्रियांक यादव मेरठ, उषा एटा, नेहा सक्सैना गाजियाबाद समेत काफी संख्या में अन्य जिलों के शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
शिक्षक बोले
धरने पर बैठे शिक्षकों ने बताया कि प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक काफी समय से ऑफलाइन स्थानांतरण पत्रावलियों को जल्द से जल्द अनुमोदित करने की मांग करते आ रहे है। इससे शिक्षकों को मानसिक तनाव से न गुजरना पड़े। पूर्व में शिक्षा निदेशालय द्वारा ये पत्रावलियां अनुमोदन के लिए भेजी गई थीं। अपर निदेशक ने 31 जुलाई 2025 तक ऑफलाइन स्थानांतरण सूची जारी करने का लिखित आश्वासन 17 जुलाई 2025 को दिया था। मंत्री द्वारा यह कहा गया कि प्रकरण उनके स्तर पर हल नहीं होगा, जबकि विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश के अनुसार अनुमोदन माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री के द्वारा किया जाना है। शिक्षक उपमुख्यमंत्री से भी इस बारे में गुहार लगा चुके हैं। उन्होंने भी राज्यमंत्री को सुविधानुसार समस्या समाधान के आदेश दिए थे। उसके बाद भी ऑफलाइन स्थानांतरण का अनुमोदन नहीं किया जा रहा है।
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ऑफलाइन स्थानांतरण न होने से बिगड़े समीकरण
शिक्षकों ने बताया कि जिस विद्यालय से स्थानांतरण के लिए ऑफलाइन आवेदन किया गया है, वहां के प्रबंधतंत्र ने अन्य शिक्षक का प्रबंध कर लिया है। वहीं जिस विद्यालय में स्थानांतरण होना है उस विद्यालय में रिक्त स्थान कर दिया गया है। इससे समस्या उत्पन्न हो गई है। हाल ही में अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू होनी है।
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उपमुख्यमंत्री से लेकर शिक्षा निदेशक से लगा चुके गुहार
बुलंदशहर आए शिक्षक संदीप कुमार श्रोत्रिय से बताया कि उपमुख्यमंत्री से लेकर विभाग के आला अफसरोंं तक गुहार लगा चुके हैं। 11 जुलाई को शिक्षा निदेशक और 17 जुलाई को अपर शिक्षा निदेशक से गुहार लगाई थी। 31 जुलाई तक ऑफलाइन स्थानांतरण किए जाने का आश्वासन दिया गया लेकिन सब हवाहवाई रहा। इससे 11 से 14 अगस्त तक रात दिन शिक्षकों ने शिक्षा निदेशक के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद आश्वासन दिया गया किया ऑफलाइन स्थानांतरण की रुकी हुई फाइलों को भी इसी में शामिल करने के बाद फाइनल स्थानांतरण सूची जारी कर दी जाएगी। आज तक आदेश नहीं हुआ।
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रात भर जहां-तहां भटके शिक्षक
शाम को धरना समाप्त होने के बाद शिक्षक-शिक्षिकाओं को राज्यमंत्री के आवास के सामने बने हाल में बिठा दिया गया लेकिन शिक्षक अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। रात आठ बजे के बाद शिक्षक रात बिताने के लिए जहां तहां भटकते नजर आए। शिक्षक रात गुजारने के लिए धर्मशाला के बारे में लोगों से पूछताछ करते दिखे। शिक्षकों का कहना था कि जब तक स्थानांतरण सूची जारी नहीं हो जाती। तब तक वह यहां से नहीं हटेंगे। देर रात तक दूर जनपदों से शिक्षकों का आना जारी रहा। इक्का दुक्का शिक्षक आते रहे।
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पूर्व में ऑफलाइन स्थानांतरण किए जाते थे, लेकिन अब शासन ने ऑफलाइन बंद करके केवल ऑनलाइन ही स्थानांतरण करने के आदेश जारी किए हैं। ऐसे में ऑफलाइन स्थानांतरण का अनुमोदन नहीं किया जा सकता।
-गुलाब देवी, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार
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शाम को शिक्षा विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर ने समझाने का प्रयास किया लेकिन शिक्षक अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। हालांकि पुलिस ने आचार संहिता लागू होने की बात कहते हुए सभी को समझा बुझाकर सड़क से हटा कर आवास के सामने हाल में बिठा दिया।
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बता दें कि सात जून तक अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्थानांतरण को लेकर ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन किए गए थे। 27 जून तक सभी के स्थानांतरण की सूची जारी करने की बात सामने आई लेकिन उस समय ऑनलाइन आवेदन करने वाले शिक्षकों के स्थानांतरण कर दिए गए। ऑफलाइन के आवेदनों पर रोक लगा दी गई। इस बात से नाराज प्रदेश के विभिन्न जनपदों से करीब 100 से 150 शिक्षक-शिक्षिकाएं बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के आवास पर पहुंच गए और उनके आवास का घेराव करते हुए वहीं बैठ गए।
इसी दौरान राज्यमंत्री गुलाब देवी आवास से बाहर आई और शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया। कहा कि इस पर शासन स्तर से रोक लगाई गई है। इस पर शिक्षक भड़क गए और तत्काल ही ऑफलाइन स्थानांतरण की सूची जारी करने की मांग को लेकर अड़ गए। इसके बाद राज्यमंत्री वहां से चली गईं लेकिन शिक्षक उनके आवास के बाहर सड़क पर धरने पर बैठे रहे। शाम के समय ज्वाइंट डायरेक्टर मनोज कुमार द्विवेदी, सीओ मनोज कुमार व कोतवाल फोर्स के साथ धरना स्थल पहुंच गए और शिक्षकों से वार्ता की। इस दौरान शिक्षकों की नोकझोंक भी हुई। शिक्षकों ने कहा कि जब तक स्थानांतरण सूची जारी नहीं हो जाती तब तक वह यहां से नहीं हटेंगे। सीओ मनोज कुमार ने आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए धरना समाप्त कराया और शिक्षकों से वहां से हटा कर कार्यालय में बिठा दिया।
इस दौरान शुभेंदु शरण त्रिपाठी अलीगढ़, संदीप कुमार श्रोत्रिय बुलंदशहर, सुनील कुमार तोमर मेरठ, राकेश तिवारी झांसी, सौम्या त्रिपाठी गाजियाबाद, प्रियांक यादव मेरठ, उषा एटा, नेहा सक्सैना गाजियाबाद समेत काफी संख्या में अन्य जिलों के शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
शिक्षक बोले
धरने पर बैठे शिक्षकों ने बताया कि प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक काफी समय से ऑफलाइन स्थानांतरण पत्रावलियों को जल्द से जल्द अनुमोदित करने की मांग करते आ रहे है। इससे शिक्षकों को मानसिक तनाव से न गुजरना पड़े। पूर्व में शिक्षा निदेशालय द्वारा ये पत्रावलियां अनुमोदन के लिए भेजी गई थीं। अपर निदेशक ने 31 जुलाई 2025 तक ऑफलाइन स्थानांतरण सूची जारी करने का लिखित आश्वासन 17 जुलाई 2025 को दिया था। मंत्री द्वारा यह कहा गया कि प्रकरण उनके स्तर पर हल नहीं होगा, जबकि विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश के अनुसार अनुमोदन माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री के द्वारा किया जाना है। शिक्षक उपमुख्यमंत्री से भी इस बारे में गुहार लगा चुके हैं। उन्होंने भी राज्यमंत्री को सुविधानुसार समस्या समाधान के आदेश दिए थे। उसके बाद भी ऑफलाइन स्थानांतरण का अनुमोदन नहीं किया जा रहा है।
ऑफलाइन स्थानांतरण न होने से बिगड़े समीकरण
शिक्षकों ने बताया कि जिस विद्यालय से स्थानांतरण के लिए ऑफलाइन आवेदन किया गया है, वहां के प्रबंधतंत्र ने अन्य शिक्षक का प्रबंध कर लिया है। वहीं जिस विद्यालय में स्थानांतरण होना है उस विद्यालय में रिक्त स्थान कर दिया गया है। इससे समस्या उत्पन्न हो गई है। हाल ही में अर्द्धवार्षिक परीक्षा शुरू होनी है।
उपमुख्यमंत्री से लेकर शिक्षा निदेशक से लगा चुके गुहार
बुलंदशहर आए शिक्षक संदीप कुमार श्रोत्रिय से बताया कि उपमुख्यमंत्री से लेकर विभाग के आला अफसरोंं तक गुहार लगा चुके हैं। 11 जुलाई को शिक्षा निदेशक और 17 जुलाई को अपर शिक्षा निदेशक से गुहार लगाई थी। 31 जुलाई तक ऑफलाइन स्थानांतरण किए जाने का आश्वासन दिया गया लेकिन सब हवाहवाई रहा। इससे 11 से 14 अगस्त तक रात दिन शिक्षकों ने शिक्षा निदेशक के कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद आश्वासन दिया गया किया ऑफलाइन स्थानांतरण की रुकी हुई फाइलों को भी इसी में शामिल करने के बाद फाइनल स्थानांतरण सूची जारी कर दी जाएगी। आज तक आदेश नहीं हुआ।
रात भर जहां-तहां भटके शिक्षक
शाम को धरना समाप्त होने के बाद शिक्षक-शिक्षिकाओं को राज्यमंत्री के आवास के सामने बने हाल में बिठा दिया गया लेकिन शिक्षक अपनी मांग को लेकर अड़े रहे। रात आठ बजे के बाद शिक्षक रात बिताने के लिए जहां तहां भटकते नजर आए। शिक्षक रात गुजारने के लिए धर्मशाला के बारे में लोगों से पूछताछ करते दिखे। शिक्षकों का कहना था कि जब तक स्थानांतरण सूची जारी नहीं हो जाती। तब तक वह यहां से नहीं हटेंगे। देर रात तक दूर जनपदों से शिक्षकों का आना जारी रहा। इक्का दुक्का शिक्षक आते रहे।
पूर्व में ऑफलाइन स्थानांतरण किए जाते थे, लेकिन अब शासन ने ऑफलाइन बंद करके केवल ऑनलाइन ही स्थानांतरण करने के आदेश जारी किए हैं। ऐसे में ऑफलाइन स्थानांतरण का अनुमोदन नहीं किया जा सकता।
-गुलाब देवी, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार