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Sambhal News: सिस्टम की मनमानी... पीला पानी पीने को मजबूर लोग

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 08 Feb 2026 02:01 AM IST
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The system is arbitrary... people are forced to drink yellow water.
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संभल। बजट के अभाव में अधर में लटकी जल जीवन मिशन योजना का खामियाजा फिलहाल लोगों को उठाना पड़ रहा है। यह स्थिति असमोली क्षेत्र के गांव रामनगर, शफातनगर, असमोली, बिलालपत, शकरपुर सोत, शाहपुर सोत, दुगावर, संभल ब्लॉक क्षेत्र के भदरौला, गैलुआ, सिंहपुरसानी, ऐंचवाड़ा डींगर आदि गांवों में है। इन गांवों के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
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भदरौला गांव के निवासी संजीव गांधी ने बताया कि गांव के हैंडपंपों में आर्सेनिक और नाइट्रेट की मात्रा खतरनाक स्तर तक है। कई साल पहले कई सरकारी हैंडपंपों पर लाल निशान लगा दिए गए हैं लेकिन स्वच्छ पेयजल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पानी ऐसा है जो एक से डेढ़ घंटे में पीला पड़ जाता है। लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। आर्सेनिक की मात्रा एक लीटर पानी में 0.010 मिलीग्राम होनी चाहिए लेकिन भदरौला में गांव के सरकारी हैंडपंपों के पानी में यह मात्रा 0.016 मिलीग्राम तक पाई गई है। गांव में जलजीवन मिशन योजना का कार्य अधूरा पड़ा है। पाइपलाइन बिछा दी गई है लेकिन आपूर्ति नहीं दी जा रही है।
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गंगा किनारे वाले गांवों के लोगों को साफ पानी की आस
रजपुरा ब्लॉक के गांव जिजौड़ा डांडा, कारहौला गर्वी, भीकमपुर जागीर, वसंतपुर डांडा आदि गांव में दूषित पानी लोग पीने के लिए मजबूर हैं। हेपेटाइटिस सी से भी लोग पीड़ित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी पीने से बीमारी फैल रही है। जलजीवन मिशन योजना का कार्य भी अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों को इस योजना से ही आस थी कि शुद्ध पानी मिल पाएगा लेकिन वह भी अभी तक पूरी नहीं हुई है।
यह बोले लोग
गांव के नलों से दूषित पानी निकल रहा है। दो वर्ष पहले पाइपलाइन बिछाई गई लेकिन ओवरहैड टैंक नहीं बनने से पानी नहीं मिल रहा है।

आनंद सिंह, गांव वसंतपुर डांडा।


गांव में घरों के नल से बदबूदार पानी निकलता है। पीते समय अजीब दुर्गंध आती है। आधे गांव में पाइप डाले गए हैं। जल जीवन मिशन का काम डेढ़ साल से बंद पड़ा है।

रामबाबू, गांव कहरौला गर्वी।
गांव में पानी की टंकी तो बनी लेकिन पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। जल जीवन मिशन योजना के काम अधूरे है। इसका कोई फायदा गांव के लोगों को नहीं है। जो सक्षम लोग हैं, वे पानी खरीदकर पी रहे हैं। वहीं, दूषित पानी भी पीना पड़ रहा है।
नन्हे खां, रामनगर।

सरकारी नल का पानी पी लेते थे लेकिन अब तो सरकारी नल भी पानी पीला उगलने लगे हैं। गांव में टंकी बनी लेकिन आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। इस कारण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
लईक अहमद, गांव रामनगर।

जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद को झटका लगा है। दो साल से जल आपूर्ति नहीं मिली। जर्जर हुई पाइपलाइन में लीकेज सबसे बड़ी समस्या बन गई है।

धर्मपाल सिंह, गांव गम्मनपुरा।
शहबाजपुर कलां ग्राम पंचायत में ओवरहेड टैंक बनाकर मझरा गम्मनपुरा में पेयजल आपूर्ति के लिए जोड़ दिया गया। लेकिन लो प्रेशर के कारण दो साल से पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं मिल पाई। लीकेज की समस्या है तो अभी तक सुधारी नहीं गई है।
नौ सिंह, शहबाजपुर कलां का मझरा गम्मनपुरा।
जल जीवन मिशन योजना के तहत छिटपुट समस्याएं हैं, उनमें सुधार कराया जा रहा है। वहीं, जहां भी कार्य अधूरे हैं, वहां काम बजट मिलने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल बजट मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
चंद्रहास, एक्सईएन जल निगम, ग्रामीण, संभल।
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