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Sant Kabir Nagar News: फर्जी फर्म के नाम से ई-वे बिल काटकर जीएसटी चोरी का आरोप
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संतकबीरनगर। ईंट-भट्ठा कारोबारी की फर्म के जीएसटी नंबर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और ई-वे बिल जारी कर जीएसटी चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की तहरीर पर बेलहर कला पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बखिरा थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी इलियास अहमद का कोईलभार में ईंट-भट्ठा है। उनकी फर्म एएमएस ब्रिक फील्ड के नाम से संचालित है। इलियास अहमद के मुताबिक, उनकी जानकारी के बिना बिहार की एक फर्म द्वारा उनकी फर्म के जीएसटी नंबर का इस्तेमाल करते हुए अप्रैल 2026 में चार ई-वे बिल जारी किए। इनके माध्यम से कोयले के कारोबार से संबंधित लेनदेन दर्शाया गया।
कारोबारी के अनुसार, ई-वे बिल जारी होने के बाद उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करने से संबंधित संदेश आने लगे। जानकारी करने पर उन्हें कथित फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी एसपी को दी थी।
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तहरीर में आरोप लगाया गया है कि इश्तियाक अहमद निवासी करही, थाना दुधारा और उनके पिता अशफाक अहमद वर्तमान में डेहरी आनसोन, रोहतास (बिहार) में रहते हैं। कोयले के आयात-निर्यात का कारोबार करते हैं। आरोप है कि दोनों ने बिहार की एक फर्म का इस्तेमाल करते हुए इलियास अहमद की फर्म के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और अलग-अलग वाहनों के माध्यम से ई-वे बिल जारी कर जीएसटी से संबंधित अनियमितता की।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों और अपने जीएसटी नंबर के दुरुपयोग से उसे आर्थिक क्षति हुई है। एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर हुई जांच के बाद बेलहर कला थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक रविंद्रनाथ शर्मा को विवेचना सौंपी गई है। पुलिस मामले में ई-वे बिल, फर्म के दस्तावेज और संबंधित लेनदेन की जांच कर रही है।
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बखिरा थाना क्षेत्र के खजुरी गांव निवासी इलियास अहमद का कोईलभार में ईंट-भट्ठा है। उनकी फर्म एएमएस ब्रिक फील्ड के नाम से संचालित है। इलियास अहमद के मुताबिक, उनकी जानकारी के बिना बिहार की एक फर्म द्वारा उनकी फर्म के जीएसटी नंबर का इस्तेमाल करते हुए अप्रैल 2026 में चार ई-वे बिल जारी किए। इनके माध्यम से कोयले के कारोबार से संबंधित लेनदेन दर्शाया गया।
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कारोबारी के अनुसार, ई-वे बिल जारी होने के बाद उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करने से संबंधित संदेश आने लगे। जानकारी करने पर उन्हें कथित फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी एसपी को दी थी।
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तहरीर में आरोप लगाया गया है कि इश्तियाक अहमद निवासी करही, थाना दुधारा और उनके पिता अशफाक अहमद वर्तमान में डेहरी आनसोन, रोहतास (बिहार) में रहते हैं। कोयले के आयात-निर्यात का कारोबार करते हैं। आरोप है कि दोनों ने बिहार की एक फर्म का इस्तेमाल करते हुए इलियास अहमद की फर्म के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और अलग-अलग वाहनों के माध्यम से ई-वे बिल जारी कर जीएसटी से संबंधित अनियमितता की।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों और अपने जीएसटी नंबर के दुरुपयोग से उसे आर्थिक क्षति हुई है। एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर हुई जांच के बाद बेलहर कला थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक रविंद्रनाथ शर्मा को विवेचना सौंपी गई है। पुलिस मामले में ई-वे बिल, फर्म के दस्तावेज और संबंधित लेनदेन की जांच कर रही है।