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Sant Kabir Nagar News: फिर घटने लगी सरयू, तटवर्ती गांवों में राहत
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जगदीशपुर के पास कटान करती सरयू नदी। संवाद
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धनघटा। तहसील में रविवार को सरयू का जलस्तर 5 सेंटीमीटर घटने से निकटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। बाढ़ की आशंका दूर हुई तो दूसरी तरफ जगदीशपुर सिवान में नदी की कटान से उपजाऊ जमीनें बर्बाद हो रही हैं। किसानों के अनुसार इस सीजन में नदी की कटान से सौ बीघे से अधिक उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है।
बिड़हरघाट पर शनिवार की शाम हुए गेज में नदी का जलस्तर 78.650 दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर 12 घंटे में पांच सेंटीमीटर घटा है। पिछले दिनों सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से माझा क्षेत्र के 35 गांवों में बाढ़ फैलने की आशंका बनी हुई थी लेकिन शनिवार की शाम नदी के जलस्तर में वृद्धि रुकने से ग्रामीणों ने राहत की सांस लिया।
बिड़हर घाट व तुरकौलिया में अब भी नदी का दबाव बना हुआ है। प्रशासन सतर्क है। तुरकौलिया में बाढ़ चौकी से नदी के जलस्तर की निगरानी बढ़ा दी गई है, लेकिन पूर्वी छोर पर स्थित जगदीशपुर गांव के सिवान में दोबारा नदी की कटान तेज हो गयी है। नदी कटान करते हुए उपजाऊ जमीनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
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क्षेत्र के राम कुमार यादव, चंद्रसेन यादव, राम सुरेमन, सुरेश चन्द, राम कुमार, त्रियुगी आदि ग्रामीणों ने बताया कि नदी का जलस्तर घटने से लोगों में बाढ़ की आशंका खत्म हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि सरयू का पानी माझा क्षेत्र में फैल चुका है। दूसरी तरफ नदी की कटान से राहत नहीं मिली है। कटान में खेती योग्य जमीनें नदी की धारा में विलीन हो रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि कटान रोकने का प्रयत्न नहीं किये जाने से यहां के किसान मायूस हैं। किसानों ने बताया कि इस वर्ष नदी की कटान ने लगभग सौ बीघे खेती योग्य जमीनों को निशाना बनाया। किसानों ने बताया कि नदी के घटने व बढ़ने दोनों स्थिति में माझा के किसानों को राहत नहीं मिलती। यहां के किसान बाढ़ के समय दोहरी मार झेलते है।
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राप्ती का जलस्तर 13 सेमी घटा
मेंहदावल। राप्ती का जलस्तर लगातार नीचे आ रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 75.13 मीटर मापा गया था। वहीं रविवार को नदी का जलस्तर 13 सेंटीमीटर नीचे आने से अब जलस्तर 75 मीटर पर स्थित हो गया। ड्रेनेज खंड के अधिकारी लगातार तटबंध के साथ साथ जल स्तर की निगरानी कर रहे हैं।
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राप्ती का जलस्तर लगातार घट रहा है। वर्तमान समय में जलस्तर 75 मीटर है। नदी के किनारों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है, जहां जैसी जरूरत पड़ेगी उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
-दिनेश कुमार, अवर अभियंता
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बिड़हरघाट पर शनिवार की शाम हुए गेज में नदी का जलस्तर 78.650 दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर 12 घंटे में पांच सेंटीमीटर घटा है। पिछले दिनों सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से माझा क्षेत्र के 35 गांवों में बाढ़ फैलने की आशंका बनी हुई थी लेकिन शनिवार की शाम नदी के जलस्तर में वृद्धि रुकने से ग्रामीणों ने राहत की सांस लिया।
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बिड़हर घाट व तुरकौलिया में अब भी नदी का दबाव बना हुआ है। प्रशासन सतर्क है। तुरकौलिया में बाढ़ चौकी से नदी के जलस्तर की निगरानी बढ़ा दी गई है, लेकिन पूर्वी छोर पर स्थित जगदीशपुर गांव के सिवान में दोबारा नदी की कटान तेज हो गयी है। नदी कटान करते हुए उपजाऊ जमीनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
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क्षेत्र के राम कुमार यादव, चंद्रसेन यादव, राम सुरेमन, सुरेश चन्द, राम कुमार, त्रियुगी आदि ग्रामीणों ने बताया कि नदी का जलस्तर घटने से लोगों में बाढ़ की आशंका खत्म हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि सरयू का पानी माझा क्षेत्र में फैल चुका है। दूसरी तरफ नदी की कटान से राहत नहीं मिली है। कटान में खेती योग्य जमीनें नदी की धारा में विलीन हो रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि कटान रोकने का प्रयत्न नहीं किये जाने से यहां के किसान मायूस हैं। किसानों ने बताया कि इस वर्ष नदी की कटान ने लगभग सौ बीघे खेती योग्य जमीनों को निशाना बनाया। किसानों ने बताया कि नदी के घटने व बढ़ने दोनों स्थिति में माझा के किसानों को राहत नहीं मिलती। यहां के किसान बाढ़ के समय दोहरी मार झेलते है।
राप्ती का जलस्तर 13 सेमी घटा
मेंहदावल। राप्ती का जलस्तर लगातार नीचे आ रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 75.13 मीटर मापा गया था। वहीं रविवार को नदी का जलस्तर 13 सेंटीमीटर नीचे आने से अब जलस्तर 75 मीटर पर स्थित हो गया। ड्रेनेज खंड के अधिकारी लगातार तटबंध के साथ साथ जल स्तर की निगरानी कर रहे हैं।
राप्ती का जलस्तर लगातार घट रहा है। वर्तमान समय में जलस्तर 75 मीटर है। नदी के किनारों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है, जहां जैसी जरूरत पड़ेगी उसके अनुसार कार्य किया जाएगा।
-दिनेश कुमार, अवर अभियंता