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रहें सतर्क : खाद्य पदार्थाें के बाद अब बोतलबंद पानी की गुणवत्ता सवालों के घेरे में
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 22 Jan 2026 01:38 AM IST
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'शहर में बिक रहा बोतल बंद पानी-संवाद
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संतकबीरनगर। जिले में बोतलबंद पानी तैयार करने वाली फैक्टरियाें में पानी की जांच का कोई इंतजाम नहीं है। आप किस स्तर का पानी पी रहे हैं, इसकी कोई सूचना पानी की बोतल या डिब्बे पर अंकित नहीं है। साथ ही बोतल की क्वालिटी का स्तर क्या है यह भी नहीं लिखा है। यह मामला खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम की जांच में आया है। टीम ने फिलहाल इन फैक्टरियाें का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि पानी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। हमारा 70 प्रतिशत शरीर पानी से बना है। यह सिर्फ हमारी प्यास ही नहीं बुझाता, बल्कि शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और एनर्जी बनाए रखता है। पानी एक नहीं कई तरह के होते हैं। हर पानी की अपनी खासियत है। मिनरल वाटर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और सोडियम पाए जाते हैं। इसमें मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं। मिनरल वाटर हड्डियों को मजबूत बनाता है, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और पाचन तंत्र को बेहतर करता है।
लेकिन, मिनरल वाटर के नाम पर आपको पैकेज्ड बोतल में सादा पानी भर कर दे दिया जा रहा है। यह खाद्य टीम की जांच में सामने आया है। टीम ने मंगलवार को जिले में बोतलबंद पानी का निर्माण करने वाली फैक्टरियों पर छापा मारा तो मामला सामने आया है। यहां पर सिर्फ आरओ का पानी बोतल में भरने की व्यवस्था थी। पानी के स्तर व टीडीएस जांच की कोई व्यवस्था नहीं थी। यानि जो पानी हम पी रहे हैं, वह गुणवत्ता पूर्ण नहीं है। इससे कई गंभीर बीमारियां भी सामने आ सकती हैं।
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ऐसे करें शुद्ध पानी की पहचान
पानी का पीएच वैल्यू : पानी के पीएच वैल्यू से पानी की शुद्धता की जांच कर सकते हैं। पानी का पीएच न्यूट्रल होता है। अगर लिटमस पेपर का पीएच माप 7 या 8 के बीच आता है तो इसका मतलब यह पानी पीने लायक है।
पानी का टीडीएस लेवल : पानी में मौजूद अशुद्धियों को जांचने के लिए टीडीएस मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। डब्लूएचओ के मुताबिक, शुद्ध पानी का टीडीएस लेवल 100 से 250 पार्ट्स प्रति मिलियन है तो आप उसे पी सकते हैं। इससे ज्यादा लेवल होने पर पानी बिल्कुल न पीएं।
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बोतलबंद पानी का सील चेक करें : असली बोतल की सील और पैकेजिंग अच्छी होनी चाहिए। अगर बोतल की सील टूटी है तो उसे खरीदने की गलती ना करें। इसके अलावा आप पानी की बोतल खरीदते समय उसका डिसक्रिप्शन को अच्छे से पढ़ें, जिसमें पानी का सोर्स लिखा होता है।
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मिनरल वाटर में ये तत्व होने जरूरी
मिनरल वाटर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटेशियम, क्लोराइड और बाइकार्बोनेट जैसे प्राकृतिक खनिज होने चाहिए, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन इन फैक्टरियों ने इस तरह का कोई भी खनिज नहीं मिलाया है। पानी पूरी तरह साफ और स्वच्छ होना चाहिए। उसमें कोई बैक्टीरिया या हानिकारक सूक्ष्मजीव न हों। जांच में यह भी आया कि इनके मापने के लिए कोई भी मशीन नहीं थी।
अशुद्ध पानी पीने से टाइफाइड, डायरिया, पेचिश, पीलिया जैसी बीमारियां होती हैं। साथ ही पेट में कीड़ी पड़ने की आशंका रहती है, जो बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी के कारण होती है। लिवर, आंतों व पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं, जिससे बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखते हैं। ऐसे में जहां तक हो सके तो ब्रांडेड कंपनियों का पानी पीना चाहिए। इसके साथ ही अगर घर का पानी पी रहे है तो उसे उबाल कर छान ले। उसके बाद सेवन करें। -डॉ. कुमार सिद्धार्थ, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल
खाद्य पदार्थों के साथ ही अब पानी की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है। बोतलबंद पानी की इकाइयों पर छापा मारा गया है। छह फैक्टरियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। -सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन
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विशेषज्ञ बताते हैं कि पानी हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। हमारा 70 प्रतिशत शरीर पानी से बना है। यह सिर्फ हमारी प्यास ही नहीं बुझाता, बल्कि शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और एनर्जी बनाए रखता है। पानी एक नहीं कई तरह के होते हैं। हर पानी की अपनी खासियत है। मिनरल वाटर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और सोडियम पाए जाते हैं। इसमें मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं। मिनरल वाटर हड्डियों को मजबूत बनाता है, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और पाचन तंत्र को बेहतर करता है।
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लेकिन, मिनरल वाटर के नाम पर आपको पैकेज्ड बोतल में सादा पानी भर कर दे दिया जा रहा है। यह खाद्य टीम की जांच में सामने आया है। टीम ने मंगलवार को जिले में बोतलबंद पानी का निर्माण करने वाली फैक्टरियों पर छापा मारा तो मामला सामने आया है। यहां पर सिर्फ आरओ का पानी बोतल में भरने की व्यवस्था थी। पानी के स्तर व टीडीएस जांच की कोई व्यवस्था नहीं थी। यानि जो पानी हम पी रहे हैं, वह गुणवत्ता पूर्ण नहीं है। इससे कई गंभीर बीमारियां भी सामने आ सकती हैं।
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ऐसे करें शुद्ध पानी की पहचान
पानी का पीएच वैल्यू : पानी के पीएच वैल्यू से पानी की शुद्धता की जांच कर सकते हैं। पानी का पीएच न्यूट्रल होता है। अगर लिटमस पेपर का पीएच माप 7 या 8 के बीच आता है तो इसका मतलब यह पानी पीने लायक है।
पानी का टीडीएस लेवल : पानी में मौजूद अशुद्धियों को जांचने के लिए टीडीएस मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। डब्लूएचओ के मुताबिक, शुद्ध पानी का टीडीएस लेवल 100 से 250 पार्ट्स प्रति मिलियन है तो आप उसे पी सकते हैं। इससे ज्यादा लेवल होने पर पानी बिल्कुल न पीएं।
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बोतलबंद पानी का सील चेक करें : असली बोतल की सील और पैकेजिंग अच्छी होनी चाहिए। अगर बोतल की सील टूटी है तो उसे खरीदने की गलती ना करें। इसके अलावा आप पानी की बोतल खरीदते समय उसका डिसक्रिप्शन को अच्छे से पढ़ें, जिसमें पानी का सोर्स लिखा होता है।
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मिनरल वाटर में ये तत्व होने जरूरी
मिनरल वाटर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटेशियम, क्लोराइड और बाइकार्बोनेट जैसे प्राकृतिक खनिज होने चाहिए, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन इन फैक्टरियों ने इस तरह का कोई भी खनिज नहीं मिलाया है। पानी पूरी तरह साफ और स्वच्छ होना चाहिए। उसमें कोई बैक्टीरिया या हानिकारक सूक्ष्मजीव न हों। जांच में यह भी आया कि इनके मापने के लिए कोई भी मशीन नहीं थी।
अशुद्ध पानी पीने से टाइफाइड, डायरिया, पेचिश, पीलिया जैसी बीमारियां होती हैं। साथ ही पेट में कीड़ी पड़ने की आशंका रहती है, जो बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी के कारण होती है। लिवर, आंतों व पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं, जिससे बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण दिखते हैं। ऐसे में जहां तक हो सके तो ब्रांडेड कंपनियों का पानी पीना चाहिए। इसके साथ ही अगर घर का पानी पी रहे है तो उसे उबाल कर छान ले। उसके बाद सेवन करें। -डॉ. कुमार सिद्धार्थ, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल
खाद्य पदार्थों के साथ ही अब पानी की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है। बोतलबंद पानी की इकाइयों पर छापा मारा गया है। छह फैक्टरियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। -सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन

'शहर में बिक रहा बोतल बंद पानी-संवाद
