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Sant Kabir Nagar News: खेतों में लटके बिजली के जर्जर तार, हादसे का खतरा बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:27 PM IST
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- मुखलिसपुर, कोचरी व खलीलाबाद के कई क्षेत्रों में खेतों से गुजरे हैं तार
- नहसापार में खेत में ही लगा ट्रांसफॉर्मर, हो सकती हैं आगलगी की घटना
संतकबीरनगर। जिले में खेतों से गुजरे बिजली के तार हादसे का कारण बन सकते हैं। फसलें पकने की स्थिति में हैं और मौसम भी शुष्क होने लगा है। इसके बाद भी फसलों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्थिति यह है कि खेतों से होकर कई जगह बिजली के जर्जर तार गुजर रहे हैं और बिजली के खंभे भी झुके हुए हैं। वहीं, खेत में ही ट्रांसफाॅर्मर भी लगे हैं। ऐसे में यदि समय रहते बिजली निगम के अधिकारी नहीं चेते तो गर्मी बढ़ने पर किसानों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।
प्रशासन ने खेतों में जर्जर तारों को बदलने और ट्रांसफाॅर्मरों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं। हाल में किसान दिवस में भी यह मामला उठा था। इसमें सीडीओ ने बिजली निगम को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक निगम की टीम जर्जर तारों को नहीं बदल सकी है। तार न बदले जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
वर्तमान स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेत के ऊपर से गए बिजली के तार गुजर रहे हैं और खंभे जर्जर हो गए हैं। कई जगह तो खेत में ही ट्रांसफाॅर्मर लगाए गए हैं। वर्तमान में मौसम शुष्क बना हुआ है। हवा चलने के कारण अगर तार आपस में टकराते हैं तो इससे निकलने वाली चिंगारी से फसल में आग लग सकती है।
विद्युत उपकेंद्र मुखलिसपुर, कोचरी व खलीलाबाद के कई क्षेत्रों में बिजली के जर्जर तार खेत से होकर गुजरे हैं। खलीलाबाद के नहसापार के सीवान में खेत में ही ट्रांसफाॅर्मर लगा हुआ है, जबकि एक खंभा भी पूरी तरह से झुक गया है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। इसी तरह की स्थिति बनकटवा में भी है। यहां पर भी ट्रांसफाॅर्मर खेत में ही लगा है। ऐसे में एक चिंगारी फसल बर्बाद कर सकती है।
किसान राम नरायण, सुधीर कुमार आदि का कहना है कि कई जगह खेताें से होकर गुजरे तार काफी जर्जर हो चुके हैं। हल्की हवा चलने पर टूटकर गिर जाते हैं। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लगने की संभावना बनी हुई है। वैसे धनघटा क्षेत्र में आग बुझाने के लिए 589 गांवों के लिए महज एक दमकल गाड़ी है। पिछले साल तकरीबन 12 सौ बीघा गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई थी।
किसान दिवस में उठ चुका है मुद्दा
किसान दिवस की बैठक में कई किसानों ने खेतोंं से होकर गुजरे जर्जर तार व ट्रांसफाॅर्मर को व्यवस्थित करने के लिए मुद्दा उठाया था। इस पर सीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने विद्युत निगम को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
जहां पर भी खेतों में ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं, वहां किसानों से अपील है कि ट्रांसफाॅर्मर के आसपास की फसल की कटाई कर दें। विभाग की ओर से जर्जर तारों को बदलने और ढीले तारों को ठीक के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
- राजेश कुमार, अधिशाषी अभियंता, विद्युत
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- नहसापार में खेत में ही लगा ट्रांसफॉर्मर, हो सकती हैं आगलगी की घटना
संतकबीरनगर। जिले में खेतों से गुजरे बिजली के तार हादसे का कारण बन सकते हैं। फसलें पकने की स्थिति में हैं और मौसम भी शुष्क होने लगा है। इसके बाद भी फसलों की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्थिति यह है कि खेतों से होकर कई जगह बिजली के जर्जर तार गुजर रहे हैं और बिजली के खंभे भी झुके हुए हैं। वहीं, खेत में ही ट्रांसफाॅर्मर भी लगे हैं। ऐसे में यदि समय रहते बिजली निगम के अधिकारी नहीं चेते तो गर्मी बढ़ने पर किसानों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।
प्रशासन ने खेतों में जर्जर तारों को बदलने और ट्रांसफाॅर्मरों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं। हाल में किसान दिवस में भी यह मामला उठा था। इसमें सीडीओ ने बिजली निगम को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक निगम की टीम जर्जर तारों को नहीं बदल सकी है। तार न बदले जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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वर्तमान स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेत के ऊपर से गए बिजली के तार गुजर रहे हैं और खंभे जर्जर हो गए हैं। कई जगह तो खेत में ही ट्रांसफाॅर्मर लगाए गए हैं। वर्तमान में मौसम शुष्क बना हुआ है। हवा चलने के कारण अगर तार आपस में टकराते हैं तो इससे निकलने वाली चिंगारी से फसल में आग लग सकती है।
विद्युत उपकेंद्र मुखलिसपुर, कोचरी व खलीलाबाद के कई क्षेत्रों में बिजली के जर्जर तार खेत से होकर गुजरे हैं। खलीलाबाद के नहसापार के सीवान में खेत में ही ट्रांसफाॅर्मर लगा हुआ है, जबकि एक खंभा भी पूरी तरह से झुक गया है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। इसी तरह की स्थिति बनकटवा में भी है। यहां पर भी ट्रांसफाॅर्मर खेत में ही लगा है। ऐसे में एक चिंगारी फसल बर्बाद कर सकती है।
किसान राम नरायण, सुधीर कुमार आदि का कहना है कि कई जगह खेताें से होकर गुजरे तार काफी जर्जर हो चुके हैं। हल्की हवा चलने पर टूटकर गिर जाते हैं। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लगने की संभावना बनी हुई है। वैसे धनघटा क्षेत्र में आग बुझाने के लिए 589 गांवों के लिए महज एक दमकल गाड़ी है। पिछले साल तकरीबन 12 सौ बीघा गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई थी।
किसान दिवस में उठ चुका है मुद्दा
किसान दिवस की बैठक में कई किसानों ने खेतोंं से होकर गुजरे जर्जर तार व ट्रांसफाॅर्मर को व्यवस्थित करने के लिए मुद्दा उठाया था। इस पर सीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने विद्युत निगम को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
जहां पर भी खेतों में ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं, वहां किसानों से अपील है कि ट्रांसफाॅर्मर के आसपास की फसल की कटाई कर दें। विभाग की ओर से जर्जर तारों को बदलने और ढीले तारों को ठीक के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
- राजेश कुमार, अधिशाषी अभियंता, विद्युत