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Sant Kabir Nagar News: गायब हो रहीं पटरियां, आवागमन दुश्वार
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। धनघटा-मुखलिसपुर मार्ग के दोनों तरफ की पटरियां जानलेवा बन गई हैं। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले इस मार्ग पर लगभग पांच किलोमीटर सड़क के दोनों किनारे की पटरियों पर हुए बड़े-बड़े गड्ढों में वाहनों के फंसने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
संबंधित विभाग प्रति वर्ष सड़क किनारे बनी पटरियों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन पटरियां खस्ताहाल में पहुंच गई हैं। सेमरडाड़ी गांव निवासी राम सजीवन पांडेय, राम आशीष यादव, जयप्रकाश गौड़, संजय प्रसाद, दुर्गा चौहान ने बताया कि 15 वर्षों में सड़क की पटरियों पर मिट्टी नहीं डाली गई।
ग्रामीणों ने कहा कि कागजों में मरम्मत के नाम पर धन की बंदरबांट की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रजापतिपुर से सेमरडाड़ी के बीच सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। आए दिन चार पहिया वाहन पटरियों पर बने होल में फंस जाते हैं। सड़क के दोनों तरफ उगी झाड़ियां साफ नहीं की गई हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क मार्ग से प्रतिदिन अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का आवागमन होता है, लेकिन जर्जर पटरियों पर उनकी निगाह नहीं जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते यदि पटरियों की मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में बड़ी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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धनघटा। धनघटा-मुखलिसपुर मार्ग के दोनों तरफ की पटरियां जानलेवा बन गई हैं। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले इस मार्ग पर लगभग पांच किलोमीटर सड़क के दोनों किनारे की पटरियों पर हुए बड़े-बड़े गड्ढों में वाहनों के फंसने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
संबंधित विभाग प्रति वर्ष सड़क किनारे बनी पटरियों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन पटरियां खस्ताहाल में पहुंच गई हैं। सेमरडाड़ी गांव निवासी राम सजीवन पांडेय, राम आशीष यादव, जयप्रकाश गौड़, संजय प्रसाद, दुर्गा चौहान ने बताया कि 15 वर्षों में सड़क की पटरियों पर मिट्टी नहीं डाली गई।
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ग्रामीणों ने कहा कि कागजों में मरम्मत के नाम पर धन की बंदरबांट की जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रजापतिपुर से सेमरडाड़ी के बीच सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। आए दिन चार पहिया वाहन पटरियों पर बने होल में फंस जाते हैं। सड़क के दोनों तरफ उगी झाड़ियां साफ नहीं की गई हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क मार्ग से प्रतिदिन अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का आवागमन होता है, लेकिन जर्जर पटरियों पर उनकी निगाह नहीं जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते यदि पटरियों की मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में बड़ी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता।