{"_id":"69b5b907dc5aef2d880d215f","slug":"it-is-necessary-to-pay-sadaqa-e-fitr-before-eid-khalilabad-news-c-209-1-kld1025-147461-2026-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: ईद से पहले सदका-ए-फितर अदा करना जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: ईद से पहले सदका-ए-फितर अदा करना जरूरी
विज्ञापन
विज्ञापन
सेमरियावां। ईद से पहले सदका-ए-फितर अदा करना जरूरी है। इसकी रकम गरीबों और जरूरतमंदों में बांटनी चाहिए। रमजान के महीने में सदका-ए-फितर हर मुसलमान पर वाजिब है। यह परिवार के सभी सदस्यों की तरफ से दिया जाता है। इसके परिवार के एक सदस्य पर एक किलो 633 ग्राम गेहूं वाजिब है। इसके अलावा मोमिन की हैसियत के हिसाब से जौ, खजूर, किशमिश की मात्रा 3.266 किलोग्राम है। इसके बदले इसकी कीमत भी अदा की जा सकती है।
सदका-ए-फितर की रकम पहले अपने रिश्तेदार में आस पड़ोस, गरीब, विधवाओं, यतीम जरूरतमंद और मदरसा में दी जा सकती है। आल इंडिया तहफ्फुज-ए-मदारिस के सदर मौलाना नूरूलहुदा कासमी ने बताया कि सदका-ए-फितर वो रकम होती है जो खाते-पीते, साधन संपन्न घरानों के लोग आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दी जाती है हैं। जिसे ईद की नमाज से पहले अदा करना जरूरी होता है। ताकि हर मोमिन ईद की खुशी में शामिल हो।
इसके अलावा रमजान में अगर कोई गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और रमजान में रोजा नहीं रख पा रहा है तो उसके लिए कफ्फारा लाजिमी है। इसकी रकम भी फितरे की रकम की तरह अदा की जा सकती है।
Trending Videos
सदका-ए-फितर की रकम पहले अपने रिश्तेदार में आस पड़ोस, गरीब, विधवाओं, यतीम जरूरतमंद और मदरसा में दी जा सकती है। आल इंडिया तहफ्फुज-ए-मदारिस के सदर मौलाना नूरूलहुदा कासमी ने बताया कि सदका-ए-फितर वो रकम होती है जो खाते-पीते, साधन संपन्न घरानों के लोग आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दी जाती है हैं। जिसे ईद की नमाज से पहले अदा करना जरूरी होता है। ताकि हर मोमिन ईद की खुशी में शामिल हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा रमजान में अगर कोई गंभीर बीमारी से ग्रस्त है और रमजान में रोजा नहीं रख पा रहा है तो उसके लिए कफ्फारा लाजिमी है। इसकी रकम भी फितरे की रकम की तरह अदा की जा सकती है।