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Sant Kabir Nagar News: दो जिलों की राजस्व टीम की पैमाइश के बाद भी नहीं सुलझा सीमा विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 01 Jan 2026 02:17 AM IST
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धनघटा में बालू खनन की पैमाइश के दौरान लगी भीड़-सवाद
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धनघटा। धनघटा तहसील क्षेत्र में दो जिलों के बीच सीमा विवाद का समाधान नहीं निकल पाया है। बुधवार को धनघटा तहसील की टीम ने पैमाइश की तो बालू खनन संतकबीरनगर जिले की सीमा में होना पाया गया। इससे पूर्व अंबेडकरनगर जिले की टांडा तहसील की टीम ने पैमाइश कर बालू खनन को अपने जिले की सीमा में होना बताया। दोनों जिलों की राजस्व टीम की पैमाइश के बाद भी सीमा विवाद का हल नहीं निकल सका है।
बालू खनन का पट्टा अंबेडकरनगर जनपद के मांझा केवटली में स्वीकृत किया गया है। एक सप्ताह से तेजपुर के किसान इसका विरोध कर रहे हैं। बालू खनन का पट्टा स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार तेजपुर के किसानों के खेत से बालू का खनन करवा रहे हैं। इसे देखते हुए किसानों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पैमाइश के लिए तहसीलदार धनघटा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की दस सदस्यीय टीम गठित की थी।
बुधवार को टीम ने पैमाइश शुरू की तो अंबेडकरनगर जनपद के नाम पर चल रहा बालू खनन संतकबीरनगर जनपद की सीमा में निकला। तेजपुर के ग्राम प्रधान रामचंद्र, सुग्रीव, दामोदर, प्रहलाद, रामनयन, राधेश्याम आदि का कहना है कि बालू के ठेकेदार जबरिया खेतों से बालू का खनन करवा रहे हैं। इससे किसानों की कृषि योग्य भूमि बर्बाद हो रही है। बालू ठेकेदार ने टांडा तहसील कर्मियों पर दबाव बनवाकर पैमाइश कराई है। गलत ढंग से की गई पैमाइश में बालू खनन को जिले की सीमा के अंदर कर दिया गया है। यदि बालू खनन नहीं रुका किसानों के खेत बर्बाद हो जाएंगे।
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धनघटा तहसील की टीम द्वारा पैमाइश की गई। जिले के नक्शे पर हुई पैमाइश में बालू खनन संतकबीरनगर में हो रहा है। जबकि अंबेडकरनगर के नक्शे के अनुसार जो पैमाइश हुई, उससे बालू खनन अंबेडकरनगर की सीमा में है। दोनों नक्शों के मिलान के बाद समस्या का समाधान किया जाएगा। -तिलक राम, राजस्व निरीक्षक धनघटा, संतकबीरनरंगर
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कोई सीमा विवाद नहीं है। संतकबीरनगर जनपद के किसानों की मांग पर राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश की है। बालू खनन अंबेडकरनगर जनपद की सीमा में कराया जा रहा है। खनन स्थल से ढाई सौ मीटर दूर संतकबीरनगर की सीमा प्रारंभ होती है। -शशि शेखर, एसडीएम टांडा, अंबेडकरनगर
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बालू खनन का पट्टा अंबेडकरनगर जनपद के मांझा केवटली में स्वीकृत किया गया है। एक सप्ताह से तेजपुर के किसान इसका विरोध कर रहे हैं। बालू खनन का पट्टा स्वीकृत होने के बाद ठेकेदार तेजपुर के किसानों के खेत से बालू का खनन करवा रहे हैं। इसे देखते हुए किसानों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पैमाइश के लिए तहसीलदार धनघटा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की दस सदस्यीय टीम गठित की थी।
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बुधवार को टीम ने पैमाइश शुरू की तो अंबेडकरनगर जनपद के नाम पर चल रहा बालू खनन संतकबीरनगर जनपद की सीमा में निकला। तेजपुर के ग्राम प्रधान रामचंद्र, सुग्रीव, दामोदर, प्रहलाद, रामनयन, राधेश्याम आदि का कहना है कि बालू के ठेकेदार जबरिया खेतों से बालू का खनन करवा रहे हैं। इससे किसानों की कृषि योग्य भूमि बर्बाद हो रही है। बालू ठेकेदार ने टांडा तहसील कर्मियों पर दबाव बनवाकर पैमाइश कराई है। गलत ढंग से की गई पैमाइश में बालू खनन को जिले की सीमा के अंदर कर दिया गया है। यदि बालू खनन नहीं रुका किसानों के खेत बर्बाद हो जाएंगे।
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धनघटा तहसील की टीम द्वारा पैमाइश की गई। जिले के नक्शे पर हुई पैमाइश में बालू खनन संतकबीरनगर में हो रहा है। जबकि अंबेडकरनगर के नक्शे के अनुसार जो पैमाइश हुई, उससे बालू खनन अंबेडकरनगर की सीमा में है। दोनों नक्शों के मिलान के बाद समस्या का समाधान किया जाएगा। -तिलक राम, राजस्व निरीक्षक धनघटा, संतकबीरनरंगर
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कोई सीमा विवाद नहीं है। संतकबीरनगर जनपद के किसानों की मांग पर राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश की है। बालू खनन अंबेडकरनगर जनपद की सीमा में कराया जा रहा है। खनन स्थल से ढाई सौ मीटर दूर संतकबीरनगर की सीमा प्रारंभ होती है। -शशि शेखर, एसडीएम टांडा, अंबेडकरनगर
