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Sant Kabir Nagar News: परिषदीय स्कूलों में सुधरेगा शिक्षा का स्तर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने के लिए पहल की जा रही है। इस दिशा में सुधारात्मक कार्य कराए जा रहे हैं। अब स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक गतिविधियों पर जोर देते दिया जाएगा।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि ब्लॉक में 116 परिषदीय स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अध्ययनरत बच्चों में शिक्षा का स्तर अभी काफी कम है। ऐसे में बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। नए शैक्षिक सत्र में बच्चों को पढ़ाई कराने में कुछ बदलाव किया गया है। बच्चों को अध्ययन कराते समय उन्हें प्रैक्टिकल के माध्यम से अध्ययन कराया जाएगा।
विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास व शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए व्यावहारिक गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पढ़ाई को केवल रटने तक सीमित न रखकर, खिलौना आधारित शिक्षण (टॉय-बेस्ड पेडागॉजी), खेल-खेल में गणित, और भाषा के व्यावहारिक उपयोग के माध्यम से आसान बनाया जा रहा है।
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इसके तहत शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए तय किए गए मानकों के तहत कक्षा तीन तक के हर बच्चे में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित की जा रही है। स्मार्ट क्लासेस, डिजिटल लाइब्रेरी और आईसीटी लैब्स के जरिये बच्चों को डिजिटल एजुकेशन से जोड़ा जा रहा है। मासिक क्विज और खेल-खेल में होने वाले आंकलन से बच्चों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इसके साथ ही बच्चों में नैतिक मूल्य, स्वच्छता और व्यावहारिक जीवन कौशल विकसित करने को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पहाड़ा याद कराए जाने के नए तरीकों से सिखाया जाएगा, जिससे हर बच्चे को आसानी से यह याद हो सकें।
विज्ञान में पढ़ाए जाने वाले अध्याय में प्रैक्टिकल का प्रयोग किया जाएगा। इससे बच्चे याद करने के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी सीख सकेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों में शिक्षा का स्तर बढ़ाए जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने के लिए पहल की जा रही है। इस दिशा में सुधारात्मक कार्य कराए जा रहे हैं। अब स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक गतिविधियों पर जोर देते दिया जाएगा।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि ब्लॉक में 116 परिषदीय स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अध्ययनरत बच्चों में शिक्षा का स्तर अभी काफी कम है। ऐसे में बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। नए शैक्षिक सत्र में बच्चों को पढ़ाई कराने में कुछ बदलाव किया गया है। बच्चों को अध्ययन कराते समय उन्हें प्रैक्टिकल के माध्यम से अध्ययन कराया जाएगा।
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विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास व शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए व्यावहारिक गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पढ़ाई को केवल रटने तक सीमित न रखकर, खिलौना आधारित शिक्षण (टॉय-बेस्ड पेडागॉजी), खेल-खेल में गणित, और भाषा के व्यावहारिक उपयोग के माध्यम से आसान बनाया जा रहा है।
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इसके तहत शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए तय किए गए मानकों के तहत कक्षा तीन तक के हर बच्चे में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित की जा रही है। स्मार्ट क्लासेस, डिजिटल लाइब्रेरी और आईसीटी लैब्स के जरिये बच्चों को डिजिटल एजुकेशन से जोड़ा जा रहा है। मासिक क्विज और खेल-खेल में होने वाले आंकलन से बच्चों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इसके साथ ही बच्चों में नैतिक मूल्य, स्वच्छता और व्यावहारिक जीवन कौशल विकसित करने को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पहाड़ा याद कराए जाने के नए तरीकों से सिखाया जाएगा, जिससे हर बच्चे को आसानी से यह याद हो सकें।
विज्ञान में पढ़ाए जाने वाले अध्याय में प्रैक्टिकल का प्रयोग किया जाएगा। इससे बच्चे याद करने के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी सीख सकेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों में शिक्षा का स्तर बढ़ाए जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।