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युवा:: परिषदीय विद्यालयों में किताबें पहुंचाने की तैयारी तेज, 10 लाख 21 हजार पुस्तकें पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:47 PM IST
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सत्र 2026-27 के शुरुआत में ही विद्यालयों तक पहुंच जाएंगीं किताबें
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को इस साल नई किताबों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के एक सप्ताह के अंदर ही सभी विद्यालयों पर किताबें पहुंच जाएंगी। जिले के कक्षा चार से आठ तक की सभी किताबें आ चुकी हैं। किताबों को संबंधित ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर भेजा जा चुका है।
जिले में 1247 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें करीब एक लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। करीब चार साल पूर्व ही काॅन्वेंट की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों का नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ जुलाई की जगह अप्रैल कर दिया गया, लेकिन किताबों की आपूर्ति पूर्ववत रही। विद्यालयों में समय से किताबें नहीं पहुंच पाती थीं और बच्चे पुरानी किताब से ही पढ़ाई करते थे। शैक्षणिक सत्र में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए शासन ने जनवरी से ही किताबों की आपूर्ति समय से सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है । कुल 14 लाख 81 हजार 632 किताबों का आर्डर दिया गया था। इसके सापेक्ष अब तक 10 लाख 21 हजार 632 किताबें जिले पर पंहुच चुकी हैं। 4 लाख 60 हजार 72 किताबें जिले पर अभी आने वाली हैं। इन किताबों में से 2 लाख 55 हजार 521 किताबें उनके गंतव्य स्थल तक पंहुचा दी गई हैं। विद्यालयों पर समय से किताबों को पहुंचानें की प्रक्रिया चल रही है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों को शैक्षिक सत्र की शुरुआत में ही किताबें मिल जाएंगी। एक अप्रैल तक विद्यालयों में किताबें भेज दी जाएंगी।
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अभिभावकों के खातों में पहुंचेंगे 1200 रुपये
मेंहदावल। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता रंजीत कुमार वर्मा ने बताया कि शासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को निशुल्क किताबों के साथ ही स्कूल ड्रेस, जूते-मोजे, स्वेटर भी दिए जाते हैं। किताबों को छोड़कर ड्रेस आदि के लिए 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी। इसकी मदद से विद्यार्थियों के लिए स्कूल ड्रेस, बैग, स्वेटर, स्टेशनरी आदि की खरीदारी करनी होती है। इस बार अप्रैल में ही यह धनराशि भेजने की कवायद चल रही है।
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संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को इस साल नई किताबों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नया शिक्षा सत्र शुरू होने के एक सप्ताह के अंदर ही सभी विद्यालयों पर किताबें पहुंच जाएंगी। जिले के कक्षा चार से आठ तक की सभी किताबें आ चुकी हैं। किताबों को संबंधित ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर भेजा जा चुका है।
जिले में 1247 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इसमें करीब एक लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। करीब चार साल पूर्व ही काॅन्वेंट की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों का नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ जुलाई की जगह अप्रैल कर दिया गया, लेकिन किताबों की आपूर्ति पूर्ववत रही। विद्यालयों में समय से किताबें नहीं पहुंच पाती थीं और बच्चे पुरानी किताब से ही पढ़ाई करते थे। शैक्षणिक सत्र में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए शासन ने जनवरी से ही किताबों की आपूर्ति समय से सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है । कुल 14 लाख 81 हजार 632 किताबों का आर्डर दिया गया था। इसके सापेक्ष अब तक 10 लाख 21 हजार 632 किताबें जिले पर पंहुच चुकी हैं। 4 लाख 60 हजार 72 किताबें जिले पर अभी आने वाली हैं। इन किताबों में से 2 लाख 55 हजार 521 किताबें उनके गंतव्य स्थल तक पंहुचा दी गई हैं। विद्यालयों पर समय से किताबों को पहुंचानें की प्रक्रिया चल रही है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों को शैक्षिक सत्र की शुरुआत में ही किताबें मिल जाएंगी। एक अप्रैल तक विद्यालयों में किताबें भेज दी जाएंगी।
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अभिभावकों के खातों में पहुंचेंगे 1200 रुपये
मेंहदावल। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता रंजीत कुमार वर्मा ने बताया कि शासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को निशुल्क किताबों के साथ ही स्कूल ड्रेस, जूते-मोजे, स्वेटर भी दिए जाते हैं। किताबों को छोड़कर ड्रेस आदि के लिए 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी। इसकी मदद से विद्यार्थियों के लिए स्कूल ड्रेस, बैग, स्वेटर, स्टेशनरी आदि की खरीदारी करनी होती है। इस बार अप्रैल में ही यह धनराशि भेजने की कवायद चल रही है।