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Shahjahanpur News: 11 स्कूलों ने 60 वाहनों को पोर्टल पर किया दर्ज
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शाहजहांपुर। जिले के विद्यालयों में संचालित स्कूली व अनुबंधित बसों का विवरण यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड होने का सिलसिला शुरू हो गया। पहले दिन 11 स्कूलों ने 60 वाहनों को पोर्टल पर फीड किया। सभी स्कूलों के वाहन फीड होने के बाद परिवहन विभाग के अफसर जांच करेंगे।
परिवहन विभाग ने एक अप्रैल से स्कूलों की फिटनेस की जांच करने के लिए अभियान शुरू किया है। इसी तरह विभाग ने एक पोर्टल भी जारी किया है, जिस पर सारे स्कूली व उसमें लगे अनुबंधित वाहनों का विवरण अपलोड करने के लिए कहा गया था। इसे लेकर डीआईओएस हरिवंश कुमार ने सारे बोर्डों के स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर निर्देशित किया।
विद्यालयों के संचालित वाहनों का पंजीकरण दस्तावेज सत्यापन व ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। अप्रैल के पहले सप्ताह में सभी स्कूली व अनुबंधित वाहनों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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स्कूलों को देना होगा शपथ पत्र
ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में निजी वाहनों से स्कूली बच्चों को लाया-ले जाया जा रहा है। आमतौर पर अभिभावक निजी वाहन का इंतजाम कर सारे बच्चों को सवार कर स्कूल भेज देते हैं। इसमें क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाया जाता है, साथ ही ये मानक को पूरा भी नहीं करते हैं। हादसा होने पर ऐसे वाहनों को लेकर परिवहन विभाग के अफसर भी हाथ खड़े कर देते हैं। अब स्कूलों को यह भी बताना होगा कि उनके स्कूल में कोई वाहन पंजीकृत नहीं है। अफसरों के अनुसार, पोर्टल में पंजीकृत नहीं होने वाले वाहन के पकड़े जाने पर सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
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मार्च महीने में जांची गई थी स्कूलों बसों की फिटनेस
पिछले महीने परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर स्कूलों के वाहनों की फिटनेस को जांचा था। तहसीलवार कर्मचारियों को लगाकर चेकिंग कराने पर आठ वाहनों के फर्श खराब मिले थे। इनका संचालन रोकते हुए सही कराकर अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे।
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स्कूलों के वाहनों को पोर्टल पर अपलोड कराया जा रहा है। फीडिंग के बाद जांच के लिए स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई। पोर्टल पर फीड प्रत्येक वाहन की गहनता से जांच की जाएगी।
-सर्वेश सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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परिवहन विभाग ने एक अप्रैल से स्कूलों की फिटनेस की जांच करने के लिए अभियान शुरू किया है। इसी तरह विभाग ने एक पोर्टल भी जारी किया है, जिस पर सारे स्कूली व उसमें लगे अनुबंधित वाहनों का विवरण अपलोड करने के लिए कहा गया था। इसे लेकर डीआईओएस हरिवंश कुमार ने सारे बोर्डों के स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर निर्देशित किया।
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विद्यालयों के संचालित वाहनों का पंजीकरण दस्तावेज सत्यापन व ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी। अप्रैल के पहले सप्ताह में सभी स्कूली व अनुबंधित वाहनों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
स्कूलों को देना होगा शपथ पत्र
ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में निजी वाहनों से स्कूली बच्चों को लाया-ले जाया जा रहा है। आमतौर पर अभिभावक निजी वाहन का इंतजाम कर सारे बच्चों को सवार कर स्कूल भेज देते हैं। इसमें क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाया जाता है, साथ ही ये मानक को पूरा भी नहीं करते हैं। हादसा होने पर ऐसे वाहनों को लेकर परिवहन विभाग के अफसर भी हाथ खड़े कर देते हैं। अब स्कूलों को यह भी बताना होगा कि उनके स्कूल में कोई वाहन पंजीकृत नहीं है। अफसरों के अनुसार, पोर्टल में पंजीकृत नहीं होने वाले वाहन के पकड़े जाने पर सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
मार्च महीने में जांची गई थी स्कूलों बसों की फिटनेस
पिछले महीने परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर स्कूलों के वाहनों की फिटनेस को जांचा था। तहसीलवार कर्मचारियों को लगाकर चेकिंग कराने पर आठ वाहनों के फर्श खराब मिले थे। इनका संचालन रोकते हुए सही कराकर अवगत कराने के निर्देश दिए गए थे।
स्कूलों के वाहनों को पोर्टल पर अपलोड कराया जा रहा है। फीडिंग के बाद जांच के लिए स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई। पोर्टल पर फीड प्रत्येक वाहन की गहनता से जांच की जाएगी।
-सर्वेश सिंह, एआरटीओ प्रशासन