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Shahjahanpur News: राष्ट्रीयकृत 272 बैंक शाखाएं रहीं बंद, 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
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शाहजहांपुर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन करते बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी। स्रोत:संस्था
- फोटो : उदय प्रकाश त्रिपाठी।
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शाहजहांपुर। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को बैंकों की हड़ताल रही। बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बैंकों के बंद होने से 500 करोड़ से अधिक का लेन-देन प्रभावित हुआ। इस दौरान निजी क्षेत्र की बैंक खुली रहीं। राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों ने निजी बैंकों को बंद कराया। बैंक बंद होने से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रदर्शन की शुरुआत सिविल लाइन स्थित इंडियन बैंक परिसर से हुई। यहां बैंककर्मियों ने वित्त मंत्रालय एवं इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) की जनविरोधी व कर्मचारी-विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
यूएफबीयू के जिला संयोजक अतुल मेहरोत्रा के नेतृत्व में अतुल कुमार सक्सेना, आशीष राठौर, विवेक सक्सेना, शगुन गुप्ता एवं राजेश मिश्रा सहित अन्य नेताओं ने आंदोलन को संबोधित किया। नेताओं ने दो टूक कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह कोई रियायत नहीं, बल्कि द्विपक्षीय वार्ता से तय बैंक कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है। इसे तुरंत लागू किया जाए।
हड़ताल को जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, स्टेट बैंक, ग्रामीण बैंक एवं जिला सहकारी बैंक कर्मचारियों का पूर्ण समर्थन मिला। हड़ताल के चलते जिले की 272 बैंक शाखाएं बंद रहीं। इससे आमजन और व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ा। बैंककर्मियों ने जुलूस निकालकर आईसीआईसीआई, यस बैंक, बंधन बैंक सहित निजी बैंकों को सांकेतिक रूप से बंद कराया।
जुलूस एसबीआई मुख्य शाखा टाउन हॉल, बैंक ऑफ बड़ौदा गोविंदगंज शाखा एवं बड़ौदा यूपी बैंक क्षेत्रीय कार्यालय तक पहुंचा। यूएफबीयू ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है।
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सभी राष्ट्रीयकृत बैंक के अधिकारियों और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। 272 शाखाएं बंद रहीं। इससे करीब 500 करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ है।
- आरआर तिवारी, एलडीएम
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प्रदर्शन की शुरुआत सिविल लाइन स्थित इंडियन बैंक परिसर से हुई। यहां बैंककर्मियों ने वित्त मंत्रालय एवं इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) की जनविरोधी व कर्मचारी-विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
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यूएफबीयू के जिला संयोजक अतुल मेहरोत्रा के नेतृत्व में अतुल कुमार सक्सेना, आशीष राठौर, विवेक सक्सेना, शगुन गुप्ता एवं राजेश मिश्रा सहित अन्य नेताओं ने आंदोलन को संबोधित किया। नेताओं ने दो टूक कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह कोई रियायत नहीं, बल्कि द्विपक्षीय वार्ता से तय बैंक कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है। इसे तुरंत लागू किया जाए।
हड़ताल को जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, स्टेट बैंक, ग्रामीण बैंक एवं जिला सहकारी बैंक कर्मचारियों का पूर्ण समर्थन मिला। हड़ताल के चलते जिले की 272 बैंक शाखाएं बंद रहीं। इससे आमजन और व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ा। बैंककर्मियों ने जुलूस निकालकर आईसीआईसीआई, यस बैंक, बंधन बैंक सहित निजी बैंकों को सांकेतिक रूप से बंद कराया।
जुलूस एसबीआई मुख्य शाखा टाउन हॉल, बैंक ऑफ बड़ौदा गोविंदगंज शाखा एवं बड़ौदा यूपी बैंक क्षेत्रीय कार्यालय तक पहुंचा। यूएफबीयू ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है।
सभी राष्ट्रीयकृत बैंक के अधिकारियों और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। 272 शाखाएं बंद रहीं। इससे करीब 500 करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ है।
- आरआर तिवारी, एलडीएम
