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Shahjahanpur News: तेज बुखार से बालक की मौत, परिवार के कई बच्चे बीमार
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मृतक सुरजीत का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
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निगोही। बदलते मौसम में तेज बुखार से ऊनकलां गांव में शनिवार को दोपहर कृष्ण पाल के छह वर्षीय पुत्र सुरजीत की मौत हो गई। परिवार के चार अन्य बच्चे भी बीमार होने से घरवाले बेहद परेशान हैं। जानकारी मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. नितिन चौधरी ने क्षेत्र की आशा वर्कर को बीमार बच्चों को दवाएं देने के लिए ऊनकलां भेजा है।
कृष्ण पाल ने बताया कि उनके पुत्र सुरजीत को मंगलवार को तेज बुखार आ गया। उसी दिन उसके शरीर पर दाने निकलने से खसरा जैसे लक्षण उभर आए। उसे गांव के एक झोलाछाप को दिखाया। उसने यह कहकर इलाज से मना कर दिया कि खसरे में कोई दवाई नहीं दी जाती है। उसने देसी नुस्खे बता कर उन्हें बेटे के साथ घर भेज दिया।
शनिवार को पुत्र सुरजीत की हालत ज्यादा गंभीर होने पर वह उसे इलाज कराने बीसलपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सुरजीत का बड़ा भाई मुनीश भी बीमार है और उसे भी तेज बुखार आ रहा है। परिवार में अन्य कई बच्चे भी बीमार हैं, इसलिए घरवालों को उनकी चिंता भी सता रही है।
कृष्णपाल ने बताया कि पड़ोस में रह रहे छोटे भाई अजयपाल के पुत्र पवन और रितेश तथा पुत्री मोनिका भी बुखार से पीड़ित हैं। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि बीमार बच्चों को तात्कालिक राहत देने के लिए आशा वर्कर को दवाओं सहित गांव भेजा गया है। रविवार को सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर बीमार बच्चों की जांच कराकर उनका आवश्यक इलाज कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के घर कोई बीमार है तो झोलाछाप के फेर में पड़ने के बजाय मरीज को तत्काल सीएचसी लेकर आएं।
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कृष्ण पाल ने बताया कि उनके पुत्र सुरजीत को मंगलवार को तेज बुखार आ गया। उसी दिन उसके शरीर पर दाने निकलने से खसरा जैसे लक्षण उभर आए। उसे गांव के एक झोलाछाप को दिखाया। उसने यह कहकर इलाज से मना कर दिया कि खसरे में कोई दवाई नहीं दी जाती है। उसने देसी नुस्खे बता कर उन्हें बेटे के साथ घर भेज दिया।
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शनिवार को पुत्र सुरजीत की हालत ज्यादा गंभीर होने पर वह उसे इलाज कराने बीसलपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। सुरजीत का बड़ा भाई मुनीश भी बीमार है और उसे भी तेज बुखार आ रहा है। परिवार में अन्य कई बच्चे भी बीमार हैं, इसलिए घरवालों को उनकी चिंता भी सता रही है।
कृष्णपाल ने बताया कि पड़ोस में रह रहे छोटे भाई अजयपाल के पुत्र पवन और रितेश तथा पुत्री मोनिका भी बुखार से पीड़ित हैं। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि बीमार बच्चों को तात्कालिक राहत देने के लिए आशा वर्कर को दवाओं सहित गांव भेजा गया है। रविवार को सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर बीमार बच्चों की जांच कराकर उनका आवश्यक इलाज कराया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर किसी के घर कोई बीमार है तो झोलाछाप के फेर में पड़ने के बजाय मरीज को तत्काल सीएचसी लेकर आएं।