{"_id":"6ade600bb830ea71b500b2ef","slug":"drains-are-spewing-poison-into-rivers-survey-initiated-for-drainage-system-project-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1002-188378-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: नदियों में नाले उगल रहे जहर... ड्रेनेज सिस्टम प्रोजेक्ट के लिए शुरू हुआ सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: नदियों में नाले उगल रहे जहर... ड्रेनेज सिस्टम प्रोजेक्ट के लिए शुरू हुआ सर्वे
विज्ञापन
मोहल्ला ख्वाजा सरीफ में गर्रा नदी में गिरता नाले का पानी। संवाद
- फोटो : udhampur news
शाहजहांपुर। गर्रा व खन्नौत नदी में नालों का जहरीला पानी गिराकर उसका जल प्रदूषित किया जा रहा है। नदियों का प्रदूषित पानी पशुओं के पीने लायक नहीं बचा है। नदियों को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने ड्रेनेज सिस्टम प्रोजेक्ट के लिए सर्वे शुरू कराया है। उम्मीद है कि जल्द ही नदियों को प्रदूषण से निजात मिल सकती है।
नगर निगम क्षेत्र में 28 बड़े और 105 छोटे नाले चिह्नित हैं। छोटे नाले बड़े नालों से जोड़े गए हैं। इन बड़े नालों को गर्रा और खन्नौत नदी में गिराया जाता है। गली-मोहल्लों से निकलने वाला दूषित व केमिकल युक्त पानी नदियों के जल को प्रदूषित कर रहा है।
दूसरी ओर जानवरों के नदी का पानी पीने पर असर पड़ रहा है। जानकार बताते हैं कि पानी के जरिये जानवरों के दूध तक में कई प्रकार के केमिकल पहुंचते हैं। इसका सेवन करने से लोगाें के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ रहा है। नाले के ड्रेनेज सिस्टम को सही करने के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत सर्वे का काम शुरू किया गया। सर्वे पर चार करोड़ 38 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
विज्ञापन
एजेंसी के माध्यम से नालों का सर्वे किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट आने के बाद नालों के पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) प्लांट से जोड़ा जाएगा। यहां से पानी को शुद्ध कर नदियों में छोड़ा जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -
दो नए एसटीपी बनाने की तैयारी
नगर निगम ने खन्नौत नदी के पास लोधीपुर क्षेत्र और गर्रा नदी के पास अजीजगंज से बरेली मोड़ के बीच में एसटीपी का निर्माण कराने की योजना तैयार की है। नदियों में गिरने वाले नालों का पानी का शुद्धिकरण के बाद छोड़ा जाएगा। इससे नदियों में जल प्रदूषण कम हो जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
केमिकल मिला पानी आमजन से लेकर पशुओं तक हानिकारक
नदियों में गिरने वाले नालों का पानी बहुत ही जहरीला है। इसमें अनेक प्रकार के केमिकल होते हैं। यह केमिकल पशुओं से लेकर आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। इस पानी से सिंचाई करने पर फसलों की उर्वरता समाप्त हो जाती है। इनका इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी बीमारी का खतरा रहता है।
- डाॅ.आलोक सिंह, अध्यक्ष, रसायन विभाग, स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
ड्रेनेज सिस्टम का सर्वे शुरू हो गया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर नालों के पानी को सीवर लाइन से जोड़ने का काम किया जाएगा। जिससे गंदे पानी का एसटीपी प्लांट के माध्यम से स्वच्छ किया जा सकेगा।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
विज्ञापन
नगर निगम क्षेत्र में 28 बड़े और 105 छोटे नाले चिह्नित हैं। छोटे नाले बड़े नालों से जोड़े गए हैं। इन बड़े नालों को गर्रा और खन्नौत नदी में गिराया जाता है। गली-मोहल्लों से निकलने वाला दूषित व केमिकल युक्त पानी नदियों के जल को प्रदूषित कर रहा है।
विज्ञापन
दूसरी ओर जानवरों के नदी का पानी पीने पर असर पड़ रहा है। जानकार बताते हैं कि पानी के जरिये जानवरों के दूध तक में कई प्रकार के केमिकल पहुंचते हैं। इसका सेवन करने से लोगाें के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ रहा है। नाले के ड्रेनेज सिस्टम को सही करने के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत सर्वे का काम शुरू किया गया। सर्वे पर चार करोड़ 38 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
विज्ञापन
एजेंसी के माध्यम से नालों का सर्वे किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट आने के बाद नालों के पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) प्लांट से जोड़ा जाएगा। यहां से पानी को शुद्ध कर नदियों में छोड़ा जाएगा।
दो नए एसटीपी बनाने की तैयारी
नगर निगम ने खन्नौत नदी के पास लोधीपुर क्षेत्र और गर्रा नदी के पास अजीजगंज से बरेली मोड़ के बीच में एसटीपी का निर्माण कराने की योजना तैयार की है। नदियों में गिरने वाले नालों का पानी का शुद्धिकरण के बाद छोड़ा जाएगा। इससे नदियों में जल प्रदूषण कम हो जाएगा।
केमिकल मिला पानी आमजन से लेकर पशुओं तक हानिकारक
नदियों में गिरने वाले नालों का पानी बहुत ही जहरीला है। इसमें अनेक प्रकार के केमिकल होते हैं। यह केमिकल पशुओं से लेकर आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। इस पानी से सिंचाई करने पर फसलों की उर्वरता समाप्त हो जाती है। इनका इस्तेमाल करने से कैंसर जैसी बीमारी का खतरा रहता है।
- डाॅ.आलोक सिंह, अध्यक्ष, रसायन विभाग, स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय
ड्रेनेज सिस्टम का सर्वे शुरू हो गया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर नालों के पानी को सीवर लाइन से जोड़ने का काम किया जाएगा। जिससे गंदे पानी का एसटीपी प्लांट के माध्यम से स्वच्छ किया जा सकेगा।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त