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Shahjahanpur News: नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को 20 साल की कैद, दो लोग बरी
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शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रेमशंकर ने नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी सौरभ दीक्षित को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सौरभ के पिता कृष्ण मुरारी दीक्षित और भाई राजा दीक्षित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
14 वर्षीय पीड़िता के पिता ने 22 फरवरी 2019 को चौक कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी 21 फरवरी को घर से अस्पताल में भर्ती अपनी मौसी को देखने के लिए निकली थी। शाम तक वापस नहीं आई तो उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उन्हें जानकारी हुई कि उनकी बेटी को दूर का रिश्तेदार युवक सौरभ दीक्षित ले गया है। बेटी अपने साथ एक लाख रुपये और जेवर ले गई है। पुलिस ने पीड़िता के बयान के बाद सौरभ दीक्षित के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं व उसके पिता कृष्ण मुरारी दीक्षित व भाई राजा के खिलाफ अपहरण आदि धाराओं में आरोपपत्र अदालत भेजा।
अदालत में अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि सौरभ दीक्षित उसे बेहोश कर देहरादून ले गया था। वहां उसे 10-15 दिन बंधक बनाकर रखा। सौरभ ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे धमकाया।
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अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने कृष्ण मुरारी दीक्षित व राजा दीक्षित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि सौरभ ने रिश्ते की मर्यादा का उल्लंघन किया है। अदालत ने सौरभ को कठोर कारावास की सजा सुनाई। संवाद
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14 वर्षीय पीड़िता के पिता ने 22 फरवरी 2019 को चौक कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी 21 फरवरी को घर से अस्पताल में भर्ती अपनी मौसी को देखने के लिए निकली थी। शाम तक वापस नहीं आई तो उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उन्हें जानकारी हुई कि उनकी बेटी को दूर का रिश्तेदार युवक सौरभ दीक्षित ले गया है। बेटी अपने साथ एक लाख रुपये और जेवर ले गई है। पुलिस ने पीड़िता के बयान के बाद सौरभ दीक्षित के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं व उसके पिता कृष्ण मुरारी दीक्षित व भाई राजा के खिलाफ अपहरण आदि धाराओं में आरोपपत्र अदालत भेजा।
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अदालत में अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि सौरभ दीक्षित उसे बेहोश कर देहरादून ले गया था। वहां उसे 10-15 दिन बंधक बनाकर रखा। सौरभ ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे धमकाया।
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अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने कृष्ण मुरारी दीक्षित व राजा दीक्षित को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि सौरभ ने रिश्ते की मर्यादा का उल्लंघन किया है। अदालत ने सौरभ को कठोर कारावास की सजा सुनाई। संवाद