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Shahjahanpur News: नगर निगमः 43 करोड़ का भवन अधूरा...कबाड़ हो रहा है करोड़ों का फर्नीचर
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नगर निगम नए कार्यालय में फर्नीचर रखे कमरे के दरवाजें का शीशा टूटा हुआ। संवाद
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शाहजहांपुर। न्यू ककरा सिटी में बन रहे नगर निगम के नए कार्यालय भवन का निर्माण पांच वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसके बावजूद निर्माण विभाग ने जल्दबाजी में फर्नीचर खरीद लिया है। टेंडर के बाद संबंधित फर्म करीब दो करोड़ रुपये का फर्नीचर खरीदकर अधूरे भवन के कमरों में रखवा चुकी है। अभी लगभग इतने का ही फर्नीचर आना बाकी है। अब कमरों के दरवाजे-खिड़कियों के शीशे टूटे होने और भवन की सुरक्षा व्यवस्था ठीक न होने से बंदर फर्नीचर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। भवन में रखा फर्नीचर इस्तेमाल होने से पहले ही कबाड़ होने की स्थिति में पहुंच गया है।
वर्ष 2021 में नगर निगम के नए कार्यालय भवन का निर्माण सीएंडडीएस की देखरेख में मैसर्स स्काईलाइन इंफ्रावर्ड प्राइवेट लिमिटेड ने शुरू किया था। भवन की निर्माण लागत 43 करोड़ 39 लाख 57 हजार रुपये निर्धारित की गई थी। अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्य 28 फरवरी 2023 तक पूरा होना था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका।
निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने निर्माण एजेंसी पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम की ओर से एजेंसी पर 66.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। बाद में शासन स्तर से भी निर्माण एजेंसी पर 33.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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पिछले सप्ताह वित्त मंत्री ने नगर निगम कार्यालय का निरीक्षण किया था। उन्होंने कार्यदायी संस्था को 20 अगस्त तक प्रथम तल का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए थे। हालांकि मौजूदा स्थिति में निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए तय समय में काम पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है।
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जल्दबाजी में किया फर्नीचर का टेंडर, अधूरे भवन में रख दिया सामान
नगर निगम निर्माण विभाग ने कार्यालय के फर्नीचर की खरीद के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर किया। इसके बाद संबंधित फर्म ने करीब दो महीने पहले लगभग दो करोड़ रुपये का फर्नीचर खरीदकर अधूरे कार्यालय भवन के कमरों में रखवा दिया। भवन में अभी फिनिशिंग समेत कई काम पूरे नहीं हुए हैं। कमरों के दरवाजे और खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। ऐसे में बंदर आसानी से कमरों में पहुंचकर फर्नीचर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। फर्नीचर की उचित देखरेख नहीं होने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
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निर्माण पूरा न होने पर बढ़ाया जा रहा समय
नगर निगम के मुख्य अभियंता निर्माण विभाग आशीष त्रिवेदी ने बताया कि कार्यालय का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था समय पर काम पूरा नहीं कर पा रही है। इसी वजह से निर्माण की समय सीमा बढ़ाई जा रही है। भवन के काम की प्रगति को देखते हुए फर्नीचर के लिए टेंडर प्रक्रिया कराई गई थी। फर्नीचर की देखभाल के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है।
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नगर निगम के नए कार्यालय में रखे फर्नीचर को जो भी नुकसान हुआ है, उसको सही कराने का निर्देश संबंधित फर्म को दिया गया है। इसमें लापरवाही बरतने पर फर्म का अग्रिम भुगतान रोक दिया जाएगा।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
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वर्ष 2021 में नगर निगम के नए कार्यालय भवन का निर्माण सीएंडडीएस की देखरेख में मैसर्स स्काईलाइन इंफ्रावर्ड प्राइवेट लिमिटेड ने शुरू किया था। भवन की निर्माण लागत 43 करोड़ 39 लाख 57 हजार रुपये निर्धारित की गई थी। अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्य 28 फरवरी 2023 तक पूरा होना था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका।
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निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने निर्माण एजेंसी पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम की ओर से एजेंसी पर 66.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके बावजूद काम पूरा नहीं हुआ। बाद में शासन स्तर से भी निर्माण एजेंसी पर 33.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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पिछले सप्ताह वित्त मंत्री ने नगर निगम कार्यालय का निरीक्षण किया था। उन्होंने कार्यदायी संस्था को 20 अगस्त तक प्रथम तल का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए थे। हालांकि मौजूदा स्थिति में निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए तय समय में काम पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है।
जल्दबाजी में किया फर्नीचर का टेंडर, अधूरे भवन में रख दिया सामान
नगर निगम निर्माण विभाग ने कार्यालय के फर्नीचर की खरीद के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर किया। इसके बाद संबंधित फर्म ने करीब दो महीने पहले लगभग दो करोड़ रुपये का फर्नीचर खरीदकर अधूरे कार्यालय भवन के कमरों में रखवा दिया। भवन में अभी फिनिशिंग समेत कई काम पूरे नहीं हुए हैं। कमरों के दरवाजे और खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। ऐसे में बंदर आसानी से कमरों में पहुंचकर फर्नीचर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। फर्नीचर की उचित देखरेख नहीं होने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
निर्माण पूरा न होने पर बढ़ाया जा रहा समय
नगर निगम के मुख्य अभियंता निर्माण विभाग आशीष त्रिवेदी ने बताया कि कार्यालय का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था समय पर काम पूरा नहीं कर पा रही है। इसी वजह से निर्माण की समय सीमा बढ़ाई जा रही है। भवन के काम की प्रगति को देखते हुए फर्नीचर के लिए टेंडर प्रक्रिया कराई गई थी। फर्नीचर की देखभाल के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है।
नगर निगम के नए कार्यालय में रखे फर्नीचर को जो भी नुकसान हुआ है, उसको सही कराने का निर्देश संबंधित फर्म को दिया गया है। इसमें लापरवाही बरतने पर फर्म का अग्रिम भुगतान रोक दिया जाएगा।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त

नगर निगम नए कार्यालय में फर्नीचर रखे कमरे के दरवाजें का शीशा टूटा हुआ। संवाद

नगर निगम नए कार्यालय में फर्नीचर रखे कमरे के दरवाजें का शीशा टूटा हुआ। संवाद