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Shahjahanpur News: अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने गोला जा रहे कांवड़ियों को कुचला<bha>;</bha> दो की मौत,एक घायल
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शाहजहांपुर में कांट रोड पर दो कांवड़ियों की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। संवाद
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कांट (शाहजहांपुर)। कांट-जलालाबाद मार्ग पर जमौर गांव के पास बुधवार शाम अनियंत्रित हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर दो कांवड़ियों की मौत हो गई। जान गंवाने वाले नीतीश गंगवार (13) और प्रदीप (22) मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के गांव बरखेड़ा हवेली के रहने वाले थे। उनका एक साथी बुरी तरह से घायल हो गया।
बरखेड़ा हवेली गांव से 50-55 कांवड़ियों का जत्था ट्रैक्टर-ट्रॉली से बुधवार को फर्रुखाबाद के पांचाल घाट से जल लेने के बाद गोला गोकर्णनाथ जा रहा था। जमौर गांव के पहले पेट्रोल पंप के नजदीक उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली रुकी हुई थी और कांवड़िये कांवड़ लेकर पीछे-पीछे आ रहे थे। तभी दो ट्रॉलियां को जोड़कर फर्रुखाबाद की ओर से आ रहा एक अन्य ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और कांवड़ियों को टक्कर मारता हुआ सड़क किनारे खड़ी ट्रॉली से टकरा गया। यह डिवाइडर से टकराकर ही रुका। डबल ट्रॉली और ट्रैक्टर पर सवार लोग व चालक मौके से भाग गए। हादसे में नीतीश का सिर बुरी तरह कुचल गया। उसके हाथ-पैर, रीढ़ की हड्डी टूट गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
वहीं, प्रदीप भी सिर पर गंभीर चोट आने से घायल हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदीप और घायल राहुल को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। यहां प्रदीप को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घायल राहुल के पैर की हड्डी टूटी है। उसे परिजनों ने बंथरा स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया। हादसे के बाद थोड़ी देर के लिए जाम लग गया।
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एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली दूसरे जिले की लग रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित हो गई थी। उसके चालक की तलाश की जा रही है।
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अपनी लेन में जा रहे थे, फिर भी काल बने ट्रैक्टर ने कुचल डाले दो कांवड़िये
कांट (शाहजहांपुर)। कांट-जलालाबाद मार्ग पर बुधवार को तेज रफ्तार ट्रैक्टर में जुड़ी दोहरी ट्रॉली ने दो परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया। हादसा उस समय हुआ, जब कांवड़िये अपनी निर्धारित लेन और साइड में पैदल चल रहे थे। बताया गया कि ट्रैक्टर चालक गति पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोड़कर मौके से भाग गया।
कांट-जलालाबाद मार्ग फोरलेन होने के कारण कांवड़ यात्रियों के लिए एक लेन आरक्षित की गई है। कांट से ही बैरियर लगाकर कांवड़ियों को इस लेन में प्रवेश दिया जा रहा है। बुधवार को भी नीतीश, प्रदीप और राहुल गंगवार कांवड़ लेकर जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। उनके साथियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली कुछ दूरी पर खड़ी कर दी। थकान होने पर कांवड़िये ट्रॉली में बैठ जाते और दूसरे साथी पैदल कांवड़ लेकर चलने लगते।
साथ में चल रहे शक्ति ने बताया कि पेट्रोल पंप के पास फर्रुखाबाद की ओर से तेज गति से आए ट्रैक्टर में जुड़ी डबल ट्रॉली से तीनों कांवड़ियों को टक्कर लग गई। हादसा होते ही कांवड़ियों के साथी मौके की ओर दौड़ पड़े। इस बीच में वे यह देख ही नहीं पाए कि हादसा करने वाले ट्रैक्टर ट्रॉलियों में कौन लोग सवार थे।
हादसे में नीतीश और प्रदीप की मौत हो गई। सूचना पर दोनों के परिवार वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। शव देखते ही परिवारों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसपी सिटी देवेंद्र कुमार, सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी और सीओ सदर शुभम वर्मा भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
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सात महीने का शिवम के सिर से उठा पिता का साया
प्रदीप मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके पास खेतीबाड़ी नहीं थी। वह हर वर्ष कांवड़ लेकर गोला जाते थे। सावन के दूसरे सोमवार को भी वह कांवड़ लेकर घर से निकले थे। बुधवार को हादसे में उनकी जान चली गई। मौत की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। प्रदीप की मौत से उनके सात महीने के बेटे शिवम के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी विमला की मांग का सिंदूर उजड़ गया। जवान बेटे की मौत से पिता राजपाल, मां सिधारा और भाई मोतीलाल व हरिज्ञान भी बिलख पड़े। वह भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार का सहारा था।
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इकलौते बेटे की मौत से अमरीश के टूट गए सपने
नीतीश माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह गांव के स्कूल में कक्षा सात में पढ़ता था और पढ़ाई में काफी होशियार था। पिता अमरीश बेटे को पढ़ाकर आगे बढ़ाने का सपना संजोए थे। हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे पिता अमरीश और मां सुशीला बेटे का शव देखकर बिलख पड़े। साथ आए लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला। सुशीला ने रोते हुए कहा, भगवान ने हमसे हमारा बेटा क्यों छीन लिया। इतना कहते-कहते वह बेसुध हो गईं। अमरीश के तीन बेटियों के बाद नीतीश हुआ था। इस वजह से काफी लाडला था।
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रात में हुआ शवों का पोस्टमार्टम
कांवड़ियों की मौत की सूचना मिलते ही राजकीय मेडिकल कॉलेज में पुलिस बल पहुंच गया। सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा भी सक्रिय हुए और रात में ही पोस्टमार्टम कराने के लिए डॉक्टरों की टीमों को लगाया गया। सीएमओ ने बताया कि दोनों मृतकों के शवों का रात में ही पोस्टमाॅर्टम किया गया है।
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जल चढ़ाने के बजाय घर लौटे कांवड़िये
हादसे में दो साथियों की मौत के बाद कांवड़ियों ने जल चढ़ाने का इरादा त्याग दिया। कांवड़ियों ने बताया कि वे अभी जल चढ़ाने नहीं जाएंगे। घटना से सभी बहुत दुखी थे। सभी कांवड़िये एक ही गांव के थे। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।
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बरखेड़ा हवेली गांव से 50-55 कांवड़ियों का जत्था ट्रैक्टर-ट्रॉली से बुधवार को फर्रुखाबाद के पांचाल घाट से जल लेने के बाद गोला गोकर्णनाथ जा रहा था। जमौर गांव के पहले पेट्रोल पंप के नजदीक उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली रुकी हुई थी और कांवड़िये कांवड़ लेकर पीछे-पीछे आ रहे थे। तभी दो ट्रॉलियां को जोड़कर फर्रुखाबाद की ओर से आ रहा एक अन्य ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और कांवड़ियों को टक्कर मारता हुआ सड़क किनारे खड़ी ट्रॉली से टकरा गया। यह डिवाइडर से टकराकर ही रुका। डबल ट्रॉली और ट्रैक्टर पर सवार लोग व चालक मौके से भाग गए। हादसे में नीतीश का सिर बुरी तरह कुचल गया। उसके हाथ-पैर, रीढ़ की हड्डी टूट गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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वहीं, प्रदीप भी सिर पर गंभीर चोट आने से घायल हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदीप और घायल राहुल को राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। यहां प्रदीप को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घायल राहुल के पैर की हड्डी टूटी है। उसे परिजनों ने बंथरा स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया। हादसे के बाद थोड़ी देर के लिए जाम लग गया।
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एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली दूसरे जिले की लग रही है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित हो गई थी। उसके चालक की तलाश की जा रही है।
अपनी लेन में जा रहे थे, फिर भी काल बने ट्रैक्टर ने कुचल डाले दो कांवड़िये
कांट (शाहजहांपुर)। कांट-जलालाबाद मार्ग पर बुधवार को तेज रफ्तार ट्रैक्टर में जुड़ी दोहरी ट्रॉली ने दो परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया। हादसा उस समय हुआ, जब कांवड़िये अपनी निर्धारित लेन और साइड में पैदल चल रहे थे। बताया गया कि ट्रैक्टर चालक गति पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोड़कर मौके से भाग गया।
कांट-जलालाबाद मार्ग फोरलेन होने के कारण कांवड़ यात्रियों के लिए एक लेन आरक्षित की गई है। कांट से ही बैरियर लगाकर कांवड़ियों को इस लेन में प्रवेश दिया जा रहा है। बुधवार को भी नीतीश, प्रदीप और राहुल गंगवार कांवड़ लेकर जलाभिषेक के लिए जा रहे थे। उनके साथियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली कुछ दूरी पर खड़ी कर दी। थकान होने पर कांवड़िये ट्रॉली में बैठ जाते और दूसरे साथी पैदल कांवड़ लेकर चलने लगते।
साथ में चल रहे शक्ति ने बताया कि पेट्रोल पंप के पास फर्रुखाबाद की ओर से तेज गति से आए ट्रैक्टर में जुड़ी डबल ट्रॉली से तीनों कांवड़ियों को टक्कर लग गई। हादसा होते ही कांवड़ियों के साथी मौके की ओर दौड़ पड़े। इस बीच में वे यह देख ही नहीं पाए कि हादसा करने वाले ट्रैक्टर ट्रॉलियों में कौन लोग सवार थे।
हादसे में नीतीश और प्रदीप की मौत हो गई। सूचना पर दोनों के परिवार वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। शव देखते ही परिवारों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसपी सिटी देवेंद्र कुमार, सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी और सीओ सदर शुभम वर्मा भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
सात महीने का शिवम के सिर से उठा पिता का साया
प्रदीप मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके पास खेतीबाड़ी नहीं थी। वह हर वर्ष कांवड़ लेकर गोला जाते थे। सावन के दूसरे सोमवार को भी वह कांवड़ लेकर घर से निकले थे। बुधवार को हादसे में उनकी जान चली गई। मौत की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। प्रदीप की मौत से उनके सात महीने के बेटे शिवम के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी विमला की मांग का सिंदूर उजड़ गया। जवान बेटे की मौत से पिता राजपाल, मां सिधारा और भाई मोतीलाल व हरिज्ञान भी बिलख पड़े। वह भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार का सहारा था।
इकलौते बेटे की मौत से अमरीश के टूट गए सपने
नीतीश माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह गांव के स्कूल में कक्षा सात में पढ़ता था और पढ़ाई में काफी होशियार था। पिता अमरीश बेटे को पढ़ाकर आगे बढ़ाने का सपना संजोए थे। हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे पिता अमरीश और मां सुशीला बेटे का शव देखकर बिलख पड़े। साथ आए लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला। सुशीला ने रोते हुए कहा, भगवान ने हमसे हमारा बेटा क्यों छीन लिया। इतना कहते-कहते वह बेसुध हो गईं। अमरीश के तीन बेटियों के बाद नीतीश हुआ था। इस वजह से काफी लाडला था।
रात में हुआ शवों का पोस्टमार्टम
कांवड़ियों की मौत की सूचना मिलते ही राजकीय मेडिकल कॉलेज में पुलिस बल पहुंच गया। सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा भी सक्रिय हुए और रात में ही पोस्टमार्टम कराने के लिए डॉक्टरों की टीमों को लगाया गया। सीएमओ ने बताया कि दोनों मृतकों के शवों का रात में ही पोस्टमाॅर्टम किया गया है।
जल चढ़ाने के बजाय घर लौटे कांवड़िये
हादसे में दो साथियों की मौत के बाद कांवड़ियों ने जल चढ़ाने का इरादा त्याग दिया। कांवड़ियों ने बताया कि वे अभी जल चढ़ाने नहीं जाएंगे। घटना से सभी बहुत दुखी थे। सभी कांवड़िये एक ही गांव के थे। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।

शाहजहांपुर में कांट रोड पर दो कांवड़ियों की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। संवाद

शाहजहांपुर में कांट रोड पर दो कांवड़ियों की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। संवाद

शाहजहांपुर में कांट रोड पर दो कांवड़ियों की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। संवाद