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पंचम दिवस स्कंदमाता का हुआ पूजन
सार
शारदीय नवरात्रि का शुक्रवार को पांचवां दिन रहा।बंगाली समाज के साथ ही अन्य श्रद्धालु माता रानी की पूजा अर्चना करेंगे।दुर्गोत्सव के कार्यक्रमों में एक अक्तूबर शनिवार को षष्ठी पूजा, दो अक्तूबर को सप्तमी पूजा, तीन अक्तूबर को महाअष्टमी पूजा तथा महासंधि पूजा होगी।
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कालीबाड़ी मंदिर में दुर्गा पूजा के लिए बनाईं गईं देवी मां की प्रतिमाएं। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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विस्तार
शाहजहांपुर। शारदीय नवरात्रि का शुक्रवार को पांचवां दिन रहा। मंदिरों और घरों में देवी मां के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता का पूजन किया गया।
शुक्रवार को नौ दिनों का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने सुबह जल्दी उठकर पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए। फिर घर के पूजा स्थान को साफ किया गया। इसके बाद गंगाजल से शुद्धिकरण किया, फिर एक कलश में पानी लेकर उसमें कुछ सिक्के डाले और उसे चौकी पर रखे। देवी मां का आवाहन किया गया। इसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ, दुर्गा चालीसा पढ़ी गई। मंदिरों में देवी दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े।
श्री रुद्र बालाजी धाम के पुजारी केके शास्त्री ने बताया कि स्कंदमाता को मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता के रूप में पूजा जाता है। मां दुर्गा के पंचम स्वरूप देवी स्कंदमाता की उपासना से भक्त की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन में खुशियां आती हैं। संतान प्राप्ति के लिए स्कंदमाता की आराधना करना लाभकारी माना गया है।
उन्होंने कहा कि स्कंदमाता की पूजा से श्रद्धालु को मोक्ष मिलता है। सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनकी पूजा से भक्त अलौकिक तेज और कांतिमय हो जाता है। बताया कि शनिवार को षष्ठी पर मां कात्यायनी की आराधना होगी। संवाद
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पंडालों में आज से शुरू होगी दुर्गा पूजा
शाहजहांपुर। शहर में दुर्गा पूजा की धूम शनिवार से शुरू होगी। बंगाली समाज के साथ ही अन्य श्रद्धालु माता रानी की पूजा अर्चना करेंगे। खिरनीबाग स्थित कालीबाड़ी मंदिर और रामचरण लाल धर्मशाला में पूजा के पंडाल सजाए गए हैं।
खिरनीबाग स्थित कालीबाड़ी मंदिर में 89वां वार्षिक दुर्गोत्सव मनाया जाएगा। पांच अक्तूबर तक आयोजन होगा। देवी मां के लक्ष्मी, काली व सरस्वती के स्वरूपों का विधिविधान से पूजन होगा। दुर्गोत्सव के कार्यक्रमों में एक अक्तूबर शनिवार को षष्ठी पूजा, दो अक्तूबर को सप्तमी पूजा, तीन अक्तूबर को महाअष्टमी पूजा तथा महासंधि पूजा होगी। महानवमी पूजा चार अक्तूबर और दशमी पूजा पांच अक्तूबर को होगी। नौ अक्तूबर को लक्ष्मी माता पूजा होगी। 24 अक्तूबर को काली माता पूजा तथा 26 जनवरी को सरस्वती माता पूजा रखी गई है। दुर्गोत्सव के लिए बनाई गई कार्यकारिणी के अध्यक्ष हेमंत डे तथा सचिव सुनील देवनाथ हैं।
इसी तरह से रामचरण लाल धर्मशाला में श्री सार्वजनिक दुर्गोत्सव का आयोजन श्री दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से किया जाएगा। जिसकी शुरुआत एक अक्तूबर शनिवार को षष्ठी पूजन के साथ होगी। दो अक्तूबर रविवार को सप्तमी पूजन, तीन अक्तूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजन, चार अक्तूबर मंगलवार को महानवमी पूजन तथा पांच अक्तूबर बुधवार को विजयदशमी पूजन व सिंदूरोत्सव मनाया जाएगा। कमेटी के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संयोजक अशोक कुमार गुप्ता, महामंत्री संजय कुमार गुप्ता है। इसके साथ ही ओसीएफ मंदिर, कृभको तथा रिलायंस में भी पूजा पंडालों को सजाया गया है।
ओसीएफ इस्टेट स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में श्री श्री दुर्गा पूजा महोत्सव शनिवार से ही शुरू होगा। जिसका उद्घाटन मुख्य संरक्षक व ओसीएफ महाप्रबंधक वी मतिवाणन द्वारा रात आठ बजे किया जाएगा। पूजा कमेटी के अध्यक्ष अभिजित बणिक ने बताया कि पांच अक्तूबर तक कार्यक्रम चलेगा। तीन अक्तूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन दीप शिखा महिला कल्याण समिति की अध्यक्ष इंदिरा गांधी द्वारा किया जाएगा।
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शुक्रवार को नौ दिनों का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने सुबह जल्दी उठकर पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण किए। फिर घर के पूजा स्थान को साफ किया गया। इसके बाद गंगाजल से शुद्धिकरण किया, फिर एक कलश में पानी लेकर उसमें कुछ सिक्के डाले और उसे चौकी पर रखे। देवी मां का आवाहन किया गया। इसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ, दुर्गा चालीसा पढ़ी गई। मंदिरों में देवी दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े।
श्री रुद्र बालाजी धाम के पुजारी केके शास्त्री ने बताया कि स्कंदमाता को मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता के रूप में पूजा जाता है। मां दुर्गा के पंचम स्वरूप देवी स्कंदमाता की उपासना से भक्त की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन में खुशियां आती हैं। संतान प्राप्ति के लिए स्कंदमाता की आराधना करना लाभकारी माना गया है।
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उन्होंने कहा कि स्कंदमाता की पूजा से श्रद्धालु को मोक्ष मिलता है। सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनकी पूजा से भक्त अलौकिक तेज और कांतिमय हो जाता है। बताया कि शनिवार को षष्ठी पर मां कात्यायनी की आराधना होगी। संवाद
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पंडालों में आज से शुरू होगी दुर्गा पूजा
शाहजहांपुर। शहर में दुर्गा पूजा की धूम शनिवार से शुरू होगी। बंगाली समाज के साथ ही अन्य श्रद्धालु माता रानी की पूजा अर्चना करेंगे। खिरनीबाग स्थित कालीबाड़ी मंदिर और रामचरण लाल धर्मशाला में पूजा के पंडाल सजाए गए हैं।
खिरनीबाग स्थित कालीबाड़ी मंदिर में 89वां वार्षिक दुर्गोत्सव मनाया जाएगा। पांच अक्तूबर तक आयोजन होगा। देवी मां के लक्ष्मी, काली व सरस्वती के स्वरूपों का विधिविधान से पूजन होगा। दुर्गोत्सव के कार्यक्रमों में एक अक्तूबर शनिवार को षष्ठी पूजा, दो अक्तूबर को सप्तमी पूजा, तीन अक्तूबर को महाअष्टमी पूजा तथा महासंधि पूजा होगी। महानवमी पूजा चार अक्तूबर और दशमी पूजा पांच अक्तूबर को होगी। नौ अक्तूबर को लक्ष्मी माता पूजा होगी। 24 अक्तूबर को काली माता पूजा तथा 26 जनवरी को सरस्वती माता पूजा रखी गई है। दुर्गोत्सव के लिए बनाई गई कार्यकारिणी के अध्यक्ष हेमंत डे तथा सचिव सुनील देवनाथ हैं।
इसी तरह से रामचरण लाल धर्मशाला में श्री सार्वजनिक दुर्गोत्सव का आयोजन श्री दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से किया जाएगा। जिसकी शुरुआत एक अक्तूबर शनिवार को षष्ठी पूजन के साथ होगी। दो अक्तूबर रविवार को सप्तमी पूजन, तीन अक्तूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजन, चार अक्तूबर मंगलवार को महानवमी पूजन तथा पांच अक्तूबर बुधवार को विजयदशमी पूजन व सिंदूरोत्सव मनाया जाएगा। कमेटी के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संयोजक अशोक कुमार गुप्ता, महामंत्री संजय कुमार गुप्ता है। इसके साथ ही ओसीएफ मंदिर, कृभको तथा रिलायंस में भी पूजा पंडालों को सजाया गया है।
ओसीएफ इस्टेट स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में श्री श्री दुर्गा पूजा महोत्सव शनिवार से ही शुरू होगा। जिसका उद्घाटन मुख्य संरक्षक व ओसीएफ महाप्रबंधक वी मतिवाणन द्वारा रात आठ बजे किया जाएगा। पूजा कमेटी के अध्यक्ष अभिजित बणिक ने बताया कि पांच अक्तूबर तक कार्यक्रम चलेगा। तीन अक्तूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन दीप शिखा महिला कल्याण समिति की अध्यक्ष इंदिरा गांधी द्वारा किया जाएगा।