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Shahjahanpur News: दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर 30 से अधिक अवैध कट, हर पल हादसों का खतरा
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दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रोजा क्षेत्र में जमुका गांव के पास अवैध कट से निकलता ट्रैक्टर। संवाद
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अवैध कट से हाईवे पर मुड़ने वाले वाहनों से आए दिन हो रहे हादसे, हर दो से तीन किमी के दायरे में मिल रहा एक अवैध कट
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कट हादसों का कारण बन रहे हैं। जिले से गुजरने वाले लखनऊ-दिल्ली और पलिया-लखनऊ राजमार्गों पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए डिवाइडर तोड़कर अवैध रास्ते बना लिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से बनाए गए आधिकारिक कटों के बावजूद यह स्थिति है। इन अवैध कटों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है। अब एनएचएआई ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर 30 से अधिक ऐसे अवैध कट चिह्नित किए हैं।
एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर दो-तीन किलोमीटर पर वाहनों के लिए कट बनाए हैं। इन कटों पर सफेद पट्टियां और पीली रोशनी वाले संकेतक भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद, राजमार्गों के किनारे बसे गांवों के लोगों ने कई स्थानों पर डिवाइडर तोड़ दिए हैं। इन क्षतिग्रस्त हिस्सों से आवाजाही के कारण राजमार्गों पर लगातार हादसे हो रहे हैं। लखनऊ-दिल्ली और पलिया-लखनऊ राजमार्गों पर डिवाइडर अब केवल दिखावटी बनकर रह गए हैं।
लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर जिले की सीमा में गुर्री चौकी से रोजा होते हुए बरेली मोड़ तक कई अवैध कट मौजूद हैं। लोग इन खतरनाक रास्तों से अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं। बरेली मोड़ से रोजा की ओर बढ़ने पर चांदापुर चौराहे पर दो अवैध कट बने हैं। यहां से बाडीगांव जाने वाले लोगों ने अवैध रास्ता बना लिया है। इन स्थानों पर डिवाइडर की ऊंचाई महज सात-आठ इंच होने के कारण सभी प्रकार के वाहन आसानी से निकल जाते हैं। अटसलिया में पेट्रोल पंप के सामने और आसपास भी कई अवैध कट देखे जा सकते हैं। जमुका गांव के पास हाईवे के डिवाइडर पर लगी लोहे की पाइप की ग्रिल चोरी होने के बाद भी कई गांवों के लोगों ने डिवाइडर काटकर अवैध रास्ता बना लिया है। बरतारा गांव के आगे एक विश्वविद्यालय के सामने से लेकर गुर्री चौकी तक कई अवैध कट नजर आते हैं।
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सात माह बाद फिर खुले अवैध कट
लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बरेली मोड़ से तिलहर की ओर बढ़ने पर मौजमपुर, कपसेड़ा, बंथरा और कछियानी खेड़ा जैसे कई स्थानों पर अवैध कट फिर से खुल गए हैं। पिछले वर्ष दिसंबर में एनएचएआई ने विद्युत निगम कार्यालय से लेकर सरयू पुलिया के पास श्रीराम-जानकी मंदिर तक सभी अवैध कट बंद कर दिए थे। इन स्थानों पर पत्थर ओर रेलिंग लगाई गई थी। हालांकि, कुछ ही महीनों बाद लोगों ने डिवाइडर से पत्थर हटाकर और रेलिंग तोड़कर फिर से अवैध कट बना लिए।
विद्युत निगम कार्यालय के सामने एक समोसा की दुकान से लेकर मंडी समिति के गेट तक डिवाइडर अवैध कटों से छलनी हो चुका है। ओवरब्रिज से उतरने वाले सर्विस रोड और मोहल्ला पचासा सहित कई स्थानों पर बने अवैध कटों के कारण लोग रात में हाईवे पार करते समय हादसों का शिकार हो जाते हैं। तिलहर में बिजली उपकेंद्र से रामजानकी मंदिर तक आधा दर्जन से अधिक अवैध कट बना दिए गए हैं।
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मिट्टी के ढेर में गुम हो गए डिवाइडर, नहीं लगाए संकेतक
पलिया-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन फोरलेन, ओवरब्रिज, अंडरपास और बाइपास के लिए जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हैं। इन ढेरों के कारण डिवाइडर उन्हीं में गुम हो गए हैं। निर्माण स्थलों के पास वाहनों को इधर-उधर मोड़कर आगे निकलने का रास्ता दिया गया है। हालांकि, ऐसे स्थानों पर मार्ग परिवर्तन के संकेतक नहीं लगाए गए हैं, जिससे रात में अक्सर हादसे होते हैं।
जिले की सीमा में चंदगोई गांव के सामने से लेकर रिलायंस तापीय परियोजना के प्रशासनिक गेट तक आठ अवैध कट बने हैं। कहीं हाईवे की पटरी उखड़ी है, कहीं डिवाइडर टूटे हैं, तो कहीं राख और मिट्टी के ढेर लगे हैं। लोग कभी भी एक लेन से दूसरी दिशा में निकलते देखे जाते हैं। इसी हाईवे के बाइपास पर दो हादसे होने के बाद वहां निर्माण कार्य भी रोक दिया गया है।
गत चार जुलाई को मिर्गापुर गांव के पास एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। अगले दिन वहीं पर हरदोई जा रही रोडवेज की एक बस नाले में गिरने से बची थी।
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अवैध कट से हुए हादसे
- 18 दिसंबर 2024 को मीरानपुर कटरा क्षेत्र में लखनऊ-दिल्ली राजमार्ग पर हुलासनगरा ओवरब्रिज के सामने अवैध कट से निकले टैंकर से बाइक टकराने से दो महिलाओं समेत बरेली के तीन लोगों की मौत हो गई थी।
-29 नवंबर 2025 को जलालाबाद में फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले लखीमपुर निवासी आकाशदीप वर्मा की स्कूटी को रोजा क्षेत्र में जमुका ओवरब्रिज के पास अवैध कट के पास गलत दिशा से आ रहे कंटनेर से टक्कर लग गई। हादसे में उनकी मौत हो गई, जबकि पत्नी रोली घायल हो गईं थी।
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एनएचएआई ने कट को बंद करने का काम किया शुरू
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर 30 से अधिक अवैध कट चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन कटों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की है। नवरत्न ने यह भी बताया कि पहले भी कई बार इन कटों को बंद कराया गया था, लेकिन लोग उन्हें फिर से क्षतिग्रस्त कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अवैध कट बंद कराने के साथ-साथ पैच बैरियर भी लगाए जाएंगे। पलिया-लखनऊ हाईवे अभी निर्माणाधीन है। इसका निर्माण पूरा होने के बाद वहां भी अवैध कट बंद करने की प्रक्रिया की जाएगी।
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शाहजहांपुर। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कट हादसों का कारण बन रहे हैं। जिले से गुजरने वाले लखनऊ-दिल्ली और पलिया-लखनऊ राजमार्गों पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए डिवाइडर तोड़कर अवैध रास्ते बना लिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से बनाए गए आधिकारिक कटों के बावजूद यह स्थिति है। इन अवैध कटों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है। अब एनएचएआई ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर 30 से अधिक ऐसे अवैध कट चिह्नित किए हैं।
एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर दो-तीन किलोमीटर पर वाहनों के लिए कट बनाए हैं। इन कटों पर सफेद पट्टियां और पीली रोशनी वाले संकेतक भी लगाए गए हैं। इसके बावजूद, राजमार्गों के किनारे बसे गांवों के लोगों ने कई स्थानों पर डिवाइडर तोड़ दिए हैं। इन क्षतिग्रस्त हिस्सों से आवाजाही के कारण राजमार्गों पर लगातार हादसे हो रहे हैं। लखनऊ-दिल्ली और पलिया-लखनऊ राजमार्गों पर डिवाइडर अब केवल दिखावटी बनकर रह गए हैं।
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लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर जिले की सीमा में गुर्री चौकी से रोजा होते हुए बरेली मोड़ तक कई अवैध कट मौजूद हैं। लोग इन खतरनाक रास्तों से अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं। बरेली मोड़ से रोजा की ओर बढ़ने पर चांदापुर चौराहे पर दो अवैध कट बने हैं। यहां से बाडीगांव जाने वाले लोगों ने अवैध रास्ता बना लिया है। इन स्थानों पर डिवाइडर की ऊंचाई महज सात-आठ इंच होने के कारण सभी प्रकार के वाहन आसानी से निकल जाते हैं। अटसलिया में पेट्रोल पंप के सामने और आसपास भी कई अवैध कट देखे जा सकते हैं। जमुका गांव के पास हाईवे के डिवाइडर पर लगी लोहे की पाइप की ग्रिल चोरी होने के बाद भी कई गांवों के लोगों ने डिवाइडर काटकर अवैध रास्ता बना लिया है। बरतारा गांव के आगे एक विश्वविद्यालय के सामने से लेकर गुर्री चौकी तक कई अवैध कट नजर आते हैं।
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सात माह बाद फिर खुले अवैध कट
लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बरेली मोड़ से तिलहर की ओर बढ़ने पर मौजमपुर, कपसेड़ा, बंथरा और कछियानी खेड़ा जैसे कई स्थानों पर अवैध कट फिर से खुल गए हैं। पिछले वर्ष दिसंबर में एनएचएआई ने विद्युत निगम कार्यालय से लेकर सरयू पुलिया के पास श्रीराम-जानकी मंदिर तक सभी अवैध कट बंद कर दिए थे। इन स्थानों पर पत्थर ओर रेलिंग लगाई गई थी। हालांकि, कुछ ही महीनों बाद लोगों ने डिवाइडर से पत्थर हटाकर और रेलिंग तोड़कर फिर से अवैध कट बना लिए।
विद्युत निगम कार्यालय के सामने एक समोसा की दुकान से लेकर मंडी समिति के गेट तक डिवाइडर अवैध कटों से छलनी हो चुका है। ओवरब्रिज से उतरने वाले सर्विस रोड और मोहल्ला पचासा सहित कई स्थानों पर बने अवैध कटों के कारण लोग रात में हाईवे पार करते समय हादसों का शिकार हो जाते हैं। तिलहर में बिजली उपकेंद्र से रामजानकी मंदिर तक आधा दर्जन से अधिक अवैध कट बना दिए गए हैं।
मिट्टी के ढेर में गुम हो गए डिवाइडर, नहीं लगाए संकेतक
पलिया-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन फोरलेन, ओवरब्रिज, अंडरपास और बाइपास के लिए जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हैं। इन ढेरों के कारण डिवाइडर उन्हीं में गुम हो गए हैं। निर्माण स्थलों के पास वाहनों को इधर-उधर मोड़कर आगे निकलने का रास्ता दिया गया है। हालांकि, ऐसे स्थानों पर मार्ग परिवर्तन के संकेतक नहीं लगाए गए हैं, जिससे रात में अक्सर हादसे होते हैं।
जिले की सीमा में चंदगोई गांव के सामने से लेकर रिलायंस तापीय परियोजना के प्रशासनिक गेट तक आठ अवैध कट बने हैं। कहीं हाईवे की पटरी उखड़ी है, कहीं डिवाइडर टूटे हैं, तो कहीं राख और मिट्टी के ढेर लगे हैं। लोग कभी भी एक लेन से दूसरी दिशा में निकलते देखे जाते हैं। इसी हाईवे के बाइपास पर दो हादसे होने के बाद वहां निर्माण कार्य भी रोक दिया गया है।
गत चार जुलाई को मिर्गापुर गांव के पास एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था। अगले दिन वहीं पर हरदोई जा रही रोडवेज की एक बस नाले में गिरने से बची थी।
अवैध कट से हुए हादसे
- 18 दिसंबर 2024 को मीरानपुर कटरा क्षेत्र में लखनऊ-दिल्ली राजमार्ग पर हुलासनगरा ओवरब्रिज के सामने अवैध कट से निकले टैंकर से बाइक टकराने से दो महिलाओं समेत बरेली के तीन लोगों की मौत हो गई थी।
-29 नवंबर 2025 को जलालाबाद में फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले लखीमपुर निवासी आकाशदीप वर्मा की स्कूटी को रोजा क्षेत्र में जमुका ओवरब्रिज के पास अवैध कट के पास गलत दिशा से आ रहे कंटनेर से टक्कर लग गई। हादसे में उनकी मौत हो गई, जबकि पत्नी रोली घायल हो गईं थी।
एनएचएआई ने कट को बंद करने का काम किया शुरू
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर 30 से अधिक अवैध कट चिह्नित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन कटों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की है। नवरत्न ने यह भी बताया कि पहले भी कई बार इन कटों को बंद कराया गया था, लेकिन लोग उन्हें फिर से क्षतिग्रस्त कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अवैध कट बंद कराने के साथ-साथ पैच बैरियर भी लगाए जाएंगे। पलिया-लखनऊ हाईवे अभी निर्माणाधीन है। इसका निर्माण पूरा होने के बाद वहां भी अवैध कट बंद करने की प्रक्रिया की जाएगी।

दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रोजा क्षेत्र में जमुका गांव के पास अवैध कट से निकलता ट्रैक्टर। संवाद

दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर रोजा क्षेत्र में जमुका गांव के पास अवैध कट से निकलता ट्रैक्टर। संवाद