{"_id":"6a3a73af1f623e7e170e072f","slug":"saplings-planted-on-the-death-anniversary-of-syama-prasad-mukherjee-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-176971-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर किया पौधरोपण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर किया पौधरोपण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
खुदागंज। भारतीय जनसंंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर मंगलवार को नवादा दरोबस्त के ठाकुर रोशन सिंह संघटक राजकीय महाविद्यालय परिसर में वन विभाग के सहयोग से पौधरोपण किया गया। इस दौरान बोतल ब्रश, अमरूद, आंवला आदि कई प्रजातियों के पौधे रोपे गए।
इस मौके पर मुख्य अतिथि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रोहित सिंह ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए संघर्ष करते हुए हमेशा धारा 370 का विरोध किया। ऐसे महापुरुष की स्मृति में सभी को पौधरोपण करना चाहिए।
क्षेत्रीय वनाधिकारी अमित कुमार ने पौधरोपण का महत्व बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए यह सबसे प्रभावी माध्यम है। संचालन करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनुज सक्सेना ने भी डॉ. मुखर्जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में उप क्षेत्रीय वनाधिकारी अजय सिंह, सईद हुसैन, सतीश गौतम, सहायक आचार्य डॉ. अमित कुमार, डॉ. श्रवण सिंह, डॉ. रेनू पांडेय, डॉ. सुरजीत सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
इस मौके पर मुख्य अतिथि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रोहित सिंह ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए संघर्ष करते हुए हमेशा धारा 370 का विरोध किया। ऐसे महापुरुष की स्मृति में सभी को पौधरोपण करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्रीय वनाधिकारी अमित कुमार ने पौधरोपण का महत्व बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए यह सबसे प्रभावी माध्यम है। संचालन करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनुज सक्सेना ने भी डॉ. मुखर्जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में उप क्षेत्रीय वनाधिकारी अजय सिंह, सईद हुसैन, सतीश गौतम, सहायक आचार्य डॉ. अमित कुमार, डॉ. श्रवण सिंह, डॉ. रेनू पांडेय, डॉ. सुरजीत सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद