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Shahjahanpur News: नाहिल में जंगल झाड़ी की खाली भूमि पर पैमाइश कर कब्जा लेगा प्रशासन
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पुवायां। गांवसभा नाहिल में जंगल झाड़ी की खाली भूमि की पैमाइश करवाकर प्रशासन कब्जे में लेगा। सरकारी भूमि पर जिन लोगों ने निर्माण कर रखा है, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जमीन खाली कराई जाएगी। डीएम ने एसडीएम चित्रा निर्वाल को निर्देश देकर कार्रवाई के लिए कहा है।
ग्राम पंचायत नाहिल में जंगल झाड़ी की सुरक्षित क्षेणी की जमीन पर गलत तरीके से पट्टे कर दिए गए थे। पट्टाधारकों को भूमिधरी का अधिकार भी दे दिया गया। 2007 से नाहिल के रसूखदारों ने पट्टों की जमीन को औने-पौने दामों में खरीदकर डेढ़ सौ से अधिक दुकानें बनाकर खड़ी कर दीं थीं। इसे संजय नगर का नाम भी दे दिया गया।
गांव नाहिल के नवनीत मिश्रा ने सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत की थी। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद तत्कालीन तहसीलदार मनोज कुमार सिंह ने दो मार्च को टीम का गठन किया। टीम को नाहिल के संजयनगर में जांच करनी थी कि जंगल झाड़ी की भूमि पर किनके पट्टे हुए थे, पट्टाधारक कहां के थे और वर्तमान में कहां हैं।
जंगल झाड़ी की भूमि पर निर्माण पट्टाधारकों का है कि दूसरे लोगों ने निर्माण करा रखा है। जांच के बाद तत्कालीन एसडीएम न्यायिक ने रिपोर्ट एडीएम वित्त एवं राजस्व को भेजी थी। रिपोर्ट भेजे जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता डीएम से मिले और पूरा मामला बताया। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को खाली पड़ी जमीन पर कब्जा लेने और निर्माण कराने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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96 एकड़ से अधिक है जंगल झाड़ी की जमीन
गांवसभा में जंगल झाड़ी की जमीन 96 एकड़ से अधिक है। कई साल से शिकायतों के बाद भी प्रशासन सरकारी जमीन को खाली कराने के प्रति उदासीन है। वर्ष 2024 में भी टीम का गठन कर पैमाइश कर कब्जा हटवाने की बात तत्कालीन एसडीएम ने कही थी, लेकिन फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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डीएम ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खाली जमीन पर कब्जा लेने के साथ ही निर्माण कराने वालों पर वाद दायर कर जमीन खाली कराई जाएगी।
-चित्रा निर्वाल, एसडीएम पुवायां
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ग्राम पंचायत नाहिल में जंगल झाड़ी की सुरक्षित क्षेणी की जमीन पर गलत तरीके से पट्टे कर दिए गए थे। पट्टाधारकों को भूमिधरी का अधिकार भी दे दिया गया। 2007 से नाहिल के रसूखदारों ने पट्टों की जमीन को औने-पौने दामों में खरीदकर डेढ़ सौ से अधिक दुकानें बनाकर खड़ी कर दीं थीं। इसे संजय नगर का नाम भी दे दिया गया।
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गांव नाहिल के नवनीत मिश्रा ने सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत की थी। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद तत्कालीन तहसीलदार मनोज कुमार सिंह ने दो मार्च को टीम का गठन किया। टीम को नाहिल के संजयनगर में जांच करनी थी कि जंगल झाड़ी की भूमि पर किनके पट्टे हुए थे, पट्टाधारक कहां के थे और वर्तमान में कहां हैं।
जंगल झाड़ी की भूमि पर निर्माण पट्टाधारकों का है कि दूसरे लोगों ने निर्माण करा रखा है। जांच के बाद तत्कालीन एसडीएम न्यायिक ने रिपोर्ट एडीएम वित्त एवं राजस्व को भेजी थी। रिपोर्ट भेजे जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता डीएम से मिले और पूरा मामला बताया। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को खाली पड़ी जमीन पर कब्जा लेने और निर्माण कराने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
96 एकड़ से अधिक है जंगल झाड़ी की जमीन
गांवसभा में जंगल झाड़ी की जमीन 96 एकड़ से अधिक है। कई साल से शिकायतों के बाद भी प्रशासन सरकारी जमीन को खाली कराने के प्रति उदासीन है। वर्ष 2024 में भी टीम का गठन कर पैमाइश कर कब्जा हटवाने की बात तत्कालीन एसडीएम ने कही थी, लेकिन फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
डीएम ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खाली जमीन पर कब्जा लेने के साथ ही निर्माण कराने वालों पर वाद दायर कर जमीन खाली कराई जाएगी।
-चित्रा निर्वाल, एसडीएम पुवायां