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Shahjahanpur News: मातारानी के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
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टाउनहॉल स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में नवरात्र के पांचवें दिन माता स्कंदमाता का भजन-कीर्तन करती
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शाहजहांपुर। नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। लोगों ने घरों में भी मातारानी की पूजा की और देवी के छंद गाए।
मंदिरों और घरों में भजन-कीर्तन में श्रद्धालु ढोलक की थाप और मंजीरों की ध्वनि पर मातारानी का गुणगान करते रहे। श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने लगे। लोधीपुर में सिटी पार्क कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रतिदिन शाम चार से छह बजे तक महिलाएं माता के भजन गा रहीं हैं। सोमवार को भी महिलाओं ने मातारानी का गुणगान किया।
श्री नारायण सेवा समिति के सचिव प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पहले भी शिवरात्रि, होली से पहले रंगभरी एकादशी में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया था। प्रत्येक एकादशी पर मंदिर में कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र में पूरा माहौल भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्ता पिंकू, कोषाध्यक्ष हितेश कुमार अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, चौक के दुर्गा माता मंदिर, संकट मोचन मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर आदि मंदिरों में भक्तों ने मातारानी के दर्शन-पूजन किए।
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पंच विकार त्यागने के लिए किया प्रेरित
कुर्रियाकलां। रामखेड़ा गांव के देवी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास पंडित प्रभाकर मिश्रा ने 16वें अध्याय का संदर्भ लेते हुए श्रद्धालुओं को काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह के पंच विकार त्यागने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने काम, क्रोध और लोभ को नरक के तीन मुख्य द्वार बताते हुए कहा कि ये सभी आत्मा का विनाश करके मनुष्य को बंधनों में जकड़ने और गलत रास्ते पर ले जाने वाले विकार हैं।
भगवान श्रीकृष्ण ने इन्हें त्यागने का उपदेश दिया है। उन्होंने कहा कि काम असीमित भौतिक इच्छाएं उत्पन्न करता है, जबकि क्रोध मनुष्य के बुद्धि-विवेक को नष्ट कर देता है। लोभ सांसारिक वस्तुओं में लालसा उत्पन्न कर मनुष्य को गलत कामों के लिए उकसाता है। इसी प्रकार अहंंकार और मोह के विकार मोक्ष पाने के उद्देश्य में बाधा डालते हैं। कथा श्रवण में राकेश सिंह, हलधर सिंह, अजय सिंह, राजीव सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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पूजन के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
खुटार। देवस्थान मंदिर पर नवरात्र के अवसर पर सोमवार को पूजा के श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। गांव मोहनपुर के विश्व शक्ति दुर्गा ज्ञानपीठ आश्रम के संस्थापक संत योगेश्वर महाराज के निर्देशन में कथा होगी। संत योगेश्वर महाराज ने बताया कि बाराबंकी के अश्विनी त्रिपाठी कथा सुनाएंगे। 29 मार्च तक रोजाना दोपहर दो से और रात आठ बजे तक कथा होगी। 30 मार्च को कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संवाद
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मंदिरों और घरों में भजन-कीर्तन में श्रद्धालु ढोलक की थाप और मंजीरों की ध्वनि पर मातारानी का गुणगान करते रहे। श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमने लगे। लोधीपुर में सिटी पार्क कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रतिदिन शाम चार से छह बजे तक महिलाएं माता के भजन गा रहीं हैं। सोमवार को भी महिलाओं ने मातारानी का गुणगान किया।
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श्री नारायण सेवा समिति के सचिव प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पहले भी शिवरात्रि, होली से पहले रंगभरी एकादशी में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया था। प्रत्येक एकादशी पर मंदिर में कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र में पूरा माहौल भक्ति के रंग में रंगा हुआ है। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष योगेश कुमार गुप्ता पिंकू, कोषाध्यक्ष हितेश कुमार अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, चौक के दुर्गा माता मंदिर, संकट मोचन मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर आदि मंदिरों में भक्तों ने मातारानी के दर्शन-पूजन किए।
पंच विकार त्यागने के लिए किया प्रेरित
कुर्रियाकलां। रामखेड़ा गांव के देवी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास पंडित प्रभाकर मिश्रा ने 16वें अध्याय का संदर्भ लेते हुए श्रद्धालुओं को काम, क्रोध, मद, लोभ, मोह के पंच विकार त्यागने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने काम, क्रोध और लोभ को नरक के तीन मुख्य द्वार बताते हुए कहा कि ये सभी आत्मा का विनाश करके मनुष्य को बंधनों में जकड़ने और गलत रास्ते पर ले जाने वाले विकार हैं।
भगवान श्रीकृष्ण ने इन्हें त्यागने का उपदेश दिया है। उन्होंने कहा कि काम असीमित भौतिक इच्छाएं उत्पन्न करता है, जबकि क्रोध मनुष्य के बुद्धि-विवेक को नष्ट कर देता है। लोभ सांसारिक वस्तुओं में लालसा उत्पन्न कर मनुष्य को गलत कामों के लिए उकसाता है। इसी प्रकार अहंंकार और मोह के विकार मोक्ष पाने के उद्देश्य में बाधा डालते हैं। कथा श्रवण में राकेश सिंह, हलधर सिंह, अजय सिंह, राजीव सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
पूजन के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
खुटार। देवस्थान मंदिर पर नवरात्र के अवसर पर सोमवार को पूजा के श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। गांव मोहनपुर के विश्व शक्ति दुर्गा ज्ञानपीठ आश्रम के संस्थापक संत योगेश्वर महाराज के निर्देशन में कथा होगी। संत योगेश्वर महाराज ने बताया कि बाराबंकी के अश्विनी त्रिपाठी कथा सुनाएंगे। 29 मार्च तक रोजाना दोपहर दो से और रात आठ बजे तक कथा होगी। 30 मार्च को कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संवाद

टाउनहॉल स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर में नवरात्र के पांचवें दिन माता स्कंदमाता का भजन-कीर्तन करती