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Shamli News: बंतीखेड़ा, करौदा हाथी के ग्रामीणों में फिर टकराव
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:00 AM IST
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दिल्ली देहरादून हाइवे पर टोल पर पहुंचे बंतीखेड़ा और करोदा हाथी गांव के लोग। ग्रामीण।
- फोटो : 1
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बाबरी। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर स्थित टोल प्लाजा पर नाम को लेकर चल रहे विवाद में बृहस्पतिवार रात बंतीखेड़ा और करौदा हाथी के ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों लेकर टोल प्लाजा पर पहुंचे।
उन्होंने अपने-अपने गांव के नाम का बोर्ड लगाने की मांग को लेकर हंगामा किया। दोनों गांवों के लोग धरना देकर बैठ गए। सूचना मिलते ही बाबरी, आदर्श मंडी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
बृहस्पतिवार को पहले बंतीखेड़ा गांव के लोग टोल पर पहुंचे और कहा कि टोल उनके गांव के नजदीक है, इसलिए उनके गांव के नाम का बोर्ड लगाया जाए। इसके बाद करौदा हाथी गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। उनका आरोप था कि बंतीखेड़ा के लोग सिर्फ अपने गांव का नाम लिखवाना चाहते हैं।
शुक्रवार को दोनों गांवों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान से मिला। डीएम के साथ हुई वार्ता में सहमति बनी कि टोल प्लाजा पर दोनों गांवों के नाम का बोर्ड लगाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हो गए। प्रतिनिधिमंडल में बाबा श्याम सिंह, बाबा राजेंद्र सिंह, रवि जागलान, प्रमोद कुमार आदि शामिल रहे। nअधिकारियों ने पहले भी कराया था धरना समाप्त : बुधवार को भी इसी मुद्दे पर हंगामा हुआ था। उस समय करौदा हाथी के ग्रामीणों ने धरना दिया था। मौके पर पहुंचे हाईवे परियोजना निदेशक और उपजिलाधिकारी हामिद हुसैन तथा क्षेत्राधिकारी अमरदीप मौर्य ने सात दिन में दोनों गांवों के नाम का बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद धरना समाप्त हो गया था। इसके बावजूद बृहस्पतिवार को फिर से विवाद गहराने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। फिलहाल पुलिस और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
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उन्होंने अपने-अपने गांव के नाम का बोर्ड लगाने की मांग को लेकर हंगामा किया। दोनों गांवों के लोग धरना देकर बैठ गए। सूचना मिलते ही बाबरी, आदर्श मंडी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
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बृहस्पतिवार को पहले बंतीखेड़ा गांव के लोग टोल पर पहुंचे और कहा कि टोल उनके गांव के नजदीक है, इसलिए उनके गांव के नाम का बोर्ड लगाया जाए। इसके बाद करौदा हाथी गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। उनका आरोप था कि बंतीखेड़ा के लोग सिर्फ अपने गांव का नाम लिखवाना चाहते हैं।
शुक्रवार को दोनों गांवों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान से मिला। डीएम के साथ हुई वार्ता में सहमति बनी कि टोल प्लाजा पर दोनों गांवों के नाम का बोर्ड लगाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हो गए। प्रतिनिधिमंडल में बाबा श्याम सिंह, बाबा राजेंद्र सिंह, रवि जागलान, प्रमोद कुमार आदि शामिल रहे। nअधिकारियों ने पहले भी कराया था धरना समाप्त : बुधवार को भी इसी मुद्दे पर हंगामा हुआ था। उस समय करौदा हाथी के ग्रामीणों ने धरना दिया था। मौके पर पहुंचे हाईवे परियोजना निदेशक और उपजिलाधिकारी हामिद हुसैन तथा क्षेत्राधिकारी अमरदीप मौर्य ने सात दिन में दोनों गांवों के नाम का बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद धरना समाप्त हो गया था। इसके बावजूद बृहस्पतिवार को फिर से विवाद गहराने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। फिलहाल पुलिस और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं।