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Shamli News: शरीर पर टहनियां बांधकर और भूत का मुखौटा लगाकर पहुंचे शिवभक्त
Tue, 11 Aug 2026 01:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:14 AM IST
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अघोरी का रूप धारण कर शिव चौक पर पहुंचे शिवभक्त।संवाद
- फोटो : credit
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शामली। क्षेत्र के मंगलौरा गांव निवासी रविंद्र, नवीन समेत 20 शिवभक्तों की टोली सोमवार को अनोखे रूप में कांवड़ लेकर पहुंची। टोली में शामिल शिवभक्तों ने शरीर पर पेड़ की टहनियां बांध रखी थीं और मुंह पर भूत के मुखौटे लगाए हुए थे। शिवभक्तों के इस अनोखे रूप को देखकर रास्ते में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने शिवभक्तों का स्वागत भी किया।
अघोरी रूप में पहुंचे कांवड़िये ने खींचा लोगों का ध्यान
शामली। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की अलग-अलग कांवड़ और झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। इसी दौरान अघोरी का रूप धारण कर पहुंचे एक कांवड़िये ने लोगों का खासा ध्यान खींचा। लोग इस अनोखे रूप को देखने के लिए रुकते नजर आए और मोबाइल से तस्वीरें लेते रहे। वहीं शिव चौक पर हनुमान सेवा समिति की ओर से केदारनाथ की थीम पर की गई भव्य सजावट भी आकर्षण का केंद्र रही। भीड़ बढ़ने के कारण शिव चौक और आसपास के मार्गों पर आवाजाही बढ़ गई। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और यातायात व्यवस्था संभाली। रात करीब आठ बजे से 12 बजे तक शिव चौक पर आस्था, उल्लास और भक्ति का संगम देखने को मिला। संवाद
97 वर्षीय मां को पालकी में बैठाकर की 125 किमी कांवड़ यात्रा
गढ़ीपुख्ता। हथछोया निवासी गंगाराम अपनी 97 वर्षीय मां राजकली को पालकी में बैठाकर हरिद्वार से करीब 125 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी कर गांव पहुंचे। उन्होंने हथछोया-बुंटा मार्ग स्थित खुण्डेश्वर महाराज के शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाकर जलाभिषेक किया। गंगाराम ने बताया कि मां की श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति आस्था को ध्यान में रखते हुए वह उन्हें पालकी में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए।
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102 साल की प्रकाशी को कांवड़ में बैठाकर लाए गंगाजल
बाबरी। मोरमाजरा, थानाभवन निवासी सतवीर, सोनू, सचिन और प्रवेश अपनी 102 वर्षीय दादी प्रकाशी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से 51 लीटर गंगाजल लेकर बाबरी क्षेत्र से होकर गुजरे। उनके साथ पड़पौत्र प्रदीप भी अपनी परदादी को लेकर कांवड़ यात्रा में शामिल रहा। सतवीर ने बताया कि यह उनकी दादी के साथ दूसरी कांवड़ यात्रा है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि दादी को कांवड़ यात्रा कराना उनके लिए केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि बुजुर्गों के प्रति सम्मान और परिवार की आस्था का प्रतीक है। दादी की उम्र भले ही 102 वर्ष हो गई है, लेकिन कांवड़ यात्रा को लेकर उनका उत्साह परिवार के सदस्यों का हौसला बढ़ाता है।
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अघोरी रूप में पहुंचे कांवड़िये ने खींचा लोगों का ध्यान
शामली। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की अलग-अलग कांवड़ और झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। इसी दौरान अघोरी का रूप धारण कर पहुंचे एक कांवड़िये ने लोगों का खासा ध्यान खींचा। लोग इस अनोखे रूप को देखने के लिए रुकते नजर आए और मोबाइल से तस्वीरें लेते रहे। वहीं शिव चौक पर हनुमान सेवा समिति की ओर से केदारनाथ की थीम पर की गई भव्य सजावट भी आकर्षण का केंद्र रही। भीड़ बढ़ने के कारण शिव चौक और आसपास के मार्गों पर आवाजाही बढ़ गई। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और यातायात व्यवस्था संभाली। रात करीब आठ बजे से 12 बजे तक शिव चौक पर आस्था, उल्लास और भक्ति का संगम देखने को मिला। संवाद
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97 वर्षीय मां को पालकी में बैठाकर की 125 किमी कांवड़ यात्रा
गढ़ीपुख्ता। हथछोया निवासी गंगाराम अपनी 97 वर्षीय मां राजकली को पालकी में बैठाकर हरिद्वार से करीब 125 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा पूरी कर गांव पहुंचे। उन्होंने हथछोया-बुंटा मार्ग स्थित खुण्डेश्वर महाराज के शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाकर जलाभिषेक किया। गंगाराम ने बताया कि मां की श्रद्धा और भगवान शिव के प्रति आस्था को ध्यान में रखते हुए वह उन्हें पालकी में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए।
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102 साल की प्रकाशी को कांवड़ में बैठाकर लाए गंगाजल
बाबरी। मोरमाजरा, थानाभवन निवासी सतवीर, सोनू, सचिन और प्रवेश अपनी 102 वर्षीय दादी प्रकाशी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से 51 लीटर गंगाजल लेकर बाबरी क्षेत्र से होकर गुजरे। उनके साथ पड़पौत्र प्रदीप भी अपनी परदादी को लेकर कांवड़ यात्रा में शामिल रहा। सतवीर ने बताया कि यह उनकी दादी के साथ दूसरी कांवड़ यात्रा है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि दादी को कांवड़ यात्रा कराना उनके लिए केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि बुजुर्गों के प्रति सम्मान और परिवार की आस्था का प्रतीक है। दादी की उम्र भले ही 102 वर्ष हो गई है, लेकिन कांवड़ यात्रा को लेकर उनका उत्साह परिवार के सदस्यों का हौसला बढ़ाता है।

अघोरी का रूप धारण कर शिव चौक पर पहुंचे शिवभक्त।संवाद- फोटो : credit

अघोरी का रूप धारण कर शिव चौक पर पहुंचे शिवभक्त।संवाद- फोटो : credit

अघोरी का रूप धारण कर शिव चौक पर पहुंचे शिवभक्त।संवाद- फोटो : credit