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Shamli News: शोपीस बन गया 12 लाख की लागत से बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर
Tue, 11 Aug 2026 01:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:31 AM IST
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मेरी आवाज सुनोहसनपुर लुहारी में बंद पड़ा आयुष्मान आरोग्य मंदिर।
- फोटो : 1
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हसनपुर लुहारी। ग्रामीणों को गांव हसनपुर लुहारी में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब दस लाख रुपये की लागत से आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निर्माण कराया गया था। करीब दो साल से केंद्र पर ताला लटका है। न डॉक्टर की तैनाती है और न फार्मासिस्ट की। बदलते मौसम और लगातार हो रही बारिश के बीच वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम समेत मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीणों को करीब 10 किलोमीटर दूर दूसरे कस्बों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं।
बलबीर सिंह के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र खुलने के बाद ग्रामीणों को भरोसा था कि सामान्य उपचार के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन लंबे समय से केंद्र बंद होने के कारण यह उम्मीद अधूरी रह गई है।
नकलीराम सिंह ने बताया गांव में स्वास्थ्य केंद्र का भवन करीब दस लाख रुपये की लागत से तो बना दिया गया, लेकिन इलाज की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
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राहुल कुमार ने बताया कि इलाज की जरूरत पड़ने पर ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर का रुख करते हैं, लेकिन वहां ताला लगा मिलने से उन्हें निजी चिकित्सकों या दूर के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
नीटू कुमार के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को केवल भवन और नाम तक सीमित रखने के बजाय केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करनी चाहिए।
मामले की जानकारी नहीं है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. कृष्णगोपाल, कार्यवाहक सीएमओ, शामली
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बलबीर सिंह के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र खुलने के बाद ग्रामीणों को भरोसा था कि सामान्य उपचार के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन लंबे समय से केंद्र बंद होने के कारण यह उम्मीद अधूरी रह गई है।
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नकलीराम सिंह ने बताया गांव में स्वास्थ्य केंद्र का भवन करीब दस लाख रुपये की लागत से तो बना दिया गया, लेकिन इलाज की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
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राहुल कुमार ने बताया कि इलाज की जरूरत पड़ने पर ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर का रुख करते हैं, लेकिन वहां ताला लगा मिलने से उन्हें निजी चिकित्सकों या दूर के अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
नीटू कुमार के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को केवल भवन और नाम तक सीमित रखने के बजाय केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करनी चाहिए।
मामले की जानकारी नहीं है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. कृष्णगोपाल, कार्यवाहक सीएमओ, शामली