{"_id":"6a286cb9d1e1c7a6fc01c6c1","slug":"did-not-give-up-on-the-goal-amidst-the-responsibilities-of-marriage-children-and-running-a-household-shamli-news-c-26-1-aur1003-167233-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: शादी, बच्चे और घर की जिम्मेदारियों के बीच नहीं छोड़ा लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: शादी, बच्चे और घर की जिम्मेदारियों के बीच नहीं छोड़ा लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:12 AM IST
विज्ञापन
महिला पुलिस वाली खबर फोटो- महिला महेश्वरी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शामली। शादी के बाद जीवन की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। घर-परिवार, बच्चों की परवरिश और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच अक्सर महिलाओं के सपने पीछे छूट जाते हैं। लेकिन यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान जिले के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचीं महिलाओं ने इस सोच को गलत साबित कर दिया। किसी की शादी को एक माह हुआ है तो कोई दो बच्चों की मां है, लेकिन खाकी वर्दी पहनकर देश और समाज की सेवा करने का उनका सपना आज भी उतना ही मजबूत है। मंगलवार को शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचीं। संवाद
पांच साल के बेटे की मां, फिर भी नहीं छोड़ा सपना
आरके इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर मिलीं सहारनपुर निवासी जयाश्री पत्नी सुबोध ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2020 में हुई थी और उनका पांच वर्षीय बेटा है। उन्होंने बताया कि दिनभर घर और बच्चे की जिम्मेदारियों के बाद रात में पढ़ाई के लिए समय निकालती थीं। जयाश्री ने कहा कि वर्ष 2018 में वह भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण तक पहुंची थीं, लेकिन दौड़ पूरी नहीं कर पाने के कारण चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और एक बार फिर पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने पहुंची हैं।
दो बच्चों की मां, पूरा करूंगी सपना
मुजफ्फरनगर निवासी महेश्वरी पत्नी सतेंद्र ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2019 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। बच्चों की देखभाल और घरेलू कार्यों के बीच पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस में भर्ती होने का सपना उन्हें लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित करता रहा। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं ठान लें तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता।
विज्ञापन
छह माह पहले हुई शादी, अब खाकी की तैयारी
मुजफ्फरनगर की नीलम पत्नी संजीव की शादी करीब छह माह पहले हुई है। उन्होंने बताया कि विवाह के बाद भी पति और परिवार ने उनकी पढ़ाई में पूरा सहयोग किया। नीलम का कहना है कि पुलिस विभाग में चयन होने पर वह महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता के लिए काम करना चाहेंगी।
शादी को एक माह, लेकिन लक्ष्य बरकरार
नेहा पत्नी अंकित की शादी को अभी एक माह ही हुआ है। नेहा बताती हैं कि बचपन से ही पुलिस वर्दी पहनने का सपना देखा है। शादी के बाद भी परिवार ने उनके सपने को समझा और परीक्षा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि चयन होने पर वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगी।
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
परीक्षा केंद्रों के बाहर कई महिलाएं अपने पति और परिजनों के साथ पहुंचीं। महिलाओं का कहना था कि परिवार का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इन महिलाओं का जज्बा यह साबित करता है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती। अगर हौसले बुलंद हों और परिवार का साथ मिले तो शादी और जिम्मेदारियां भी मंजिल की राह नहीं रोक सकतीं।
पांच साल के बेटे की मां, फिर भी नहीं छोड़ा सपना
आरके इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर मिलीं सहारनपुर निवासी जयाश्री पत्नी सुबोध ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2020 में हुई थी और उनका पांच वर्षीय बेटा है। उन्होंने बताया कि दिनभर घर और बच्चे की जिम्मेदारियों के बाद रात में पढ़ाई के लिए समय निकालती थीं। जयाश्री ने कहा कि वर्ष 2018 में वह भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण तक पहुंची थीं, लेकिन दौड़ पूरी नहीं कर पाने के कारण चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और एक बार फिर पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देने पहुंची हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो बच्चों की मां, पूरा करूंगी सपना
मुजफ्फरनगर निवासी महेश्वरी पत्नी सतेंद्र ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2019 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं। बच्चों की देखभाल और घरेलू कार्यों के बीच पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस में भर्ती होने का सपना उन्हें लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित करता रहा। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं ठान लें तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं होता।
Trending Videos
छह माह पहले हुई शादी, अब खाकी की तैयारी
मुजफ्फरनगर की नीलम पत्नी संजीव की शादी करीब छह माह पहले हुई है। उन्होंने बताया कि विवाह के बाद भी पति और परिवार ने उनकी पढ़ाई में पूरा सहयोग किया। नीलम का कहना है कि पुलिस विभाग में चयन होने पर वह महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता के लिए काम करना चाहेंगी।
शादी को एक माह, लेकिन लक्ष्य बरकरार
नेहा पत्नी अंकित की शादी को अभी एक माह ही हुआ है। नेहा बताती हैं कि बचपन से ही पुलिस वर्दी पहनने का सपना देखा है। शादी के बाद भी परिवार ने उनके सपने को समझा और परीक्षा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि चयन होने पर वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगी।
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
परीक्षा केंद्रों के बाहर कई महिलाएं अपने पति और परिजनों के साथ पहुंचीं। महिलाओं का कहना था कि परिवार का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इन महिलाओं का जज्बा यह साबित करता है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती। अगर हौसले बुलंद हों और परिवार का साथ मिले तो शादी और जिम्मेदारियां भी मंजिल की राह नहीं रोक सकतीं।

महिला पुलिस वाली खबर फोटो- महिला महेश्वरी।

महिला पुलिस वाली खबर फोटो- महिला महेश्वरी।

महिला पुलिस वाली खबर फोटो- महिला महेश्वरी।