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Shamli News: डीजल के दाम बढ़े तो महंगा हुआ डीजे, शादी आयोजकों की बढ़ी चिंता
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शादी-विवाह के सीजन में डीजे की धुन पर थिरकना इस बार पहले की तुलना में महंगा पड़ रहा है। डीजल की बढ़ती कीमतों और परिवहन खर्च में इजाफे ने डीजे कारोबार की लागत बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर बुकिंग दरों पर देखने को मिल रहा है। इससे जहां डीजे संचालकों का मुनाफा घट रहा है, वहीं शादी आयोजकों का बजट भी बिगड़ रहा है।
जनपद में 19 जून से सहालग शुरू होने वाले हैं। ऐसे में डीजे की बुकिंग शुरू हो गई है, लेकिन इस बार डीजल महंगा होने के कारण डीजे संचालकों को उपकरण और जनरेटर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने में अधिक खर्च वहन करना पड़ेगा। इसके चलते प्रति बुकिंग औसतन एक हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है।
डीजे संचालकों का कहना है कि ट्रांसपोर्टेशन चार्ज में करीब 200 रुपये तक की वृद्धि हुई है। कई बार प्रतिस्पर्धा के चलते पुरानी दरों पर बुकिंग लेनी पड़ती है, लेकिन डीजल और अन्य खर्च बढ़ने से मुनाफा बेहद कम रह जाता है। कुछ मामलों में तो घाटा भी उठाना पड़ता है।
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शादी सीजन में बढ़ती लागत के बीच डीजे संचालक और ग्राहक दोनों ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में राहत नहीं मिली तो आने वाले समय में आयोजन संबंधी सेवाओं की लागत में और बढ़ोतरी हो सकती है।
- क्या कहते हैं डीजे संचालक और ग्राहक
डीजे संचालक शमीम ने बताया कि ग्राहक अक्सर नई फैंसी लाइटिंग, स्पेशल इफेक्ट्स और मूविंग फ्लोर जैसी सुविधाओं की मांग करते हैं। यह सामान बड़े शहरों से मंगाना पड़ता है, जिससे परिवहन और किराये का खर्च बढ़ जाता है और पूरी बुकिंग महंगी हो जाती है।
- वहीं डीजे संचालक दिलीप का कहना है कि जो सामान पहले 500 रुपये के भाड़े में कार्यक्रम स्थल तक पहुंच जाता था, अब उसके लिए करीब 700 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। बढ़ी हुई लागत का असर कारोबार पर पड़ रहा है।
- ग्राहक अश्वनी कुमार ने बताया कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर शादी के पूरे बजट पर दिखाई दे रहा है। डीजे की सेवाएं पहले के मुकाबले महंगी हो गई हैं, जिससे आयोजन का खर्च बढ़ गया है।
शामली। शादी-विवाह के सीजन में डीजे की धुन पर थिरकना इस बार पहले की तुलना में महंगा पड़ रहा है। डीजल की बढ़ती कीमतों और परिवहन खर्च में इजाफे ने डीजे कारोबार की लागत बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर बुकिंग दरों पर देखने को मिल रहा है। इससे जहां डीजे संचालकों का मुनाफा घट रहा है, वहीं शादी आयोजकों का बजट भी बिगड़ रहा है।
जनपद में 19 जून से सहालग शुरू होने वाले हैं। ऐसे में डीजे की बुकिंग शुरू हो गई है, लेकिन इस बार डीजल महंगा होने के कारण डीजे संचालकों को उपकरण और जनरेटर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने में अधिक खर्च वहन करना पड़ेगा। इसके चलते प्रति बुकिंग औसतन एक हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है।
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डीजे संचालकों का कहना है कि ट्रांसपोर्टेशन चार्ज में करीब 200 रुपये तक की वृद्धि हुई है। कई बार प्रतिस्पर्धा के चलते पुरानी दरों पर बुकिंग लेनी पड़ती है, लेकिन डीजल और अन्य खर्च बढ़ने से मुनाफा बेहद कम रह जाता है। कुछ मामलों में तो घाटा भी उठाना पड़ता है।
शादी सीजन में बढ़ती लागत के बीच डीजे संचालक और ग्राहक दोनों ही महंगाई की मार झेल रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में राहत नहीं मिली तो आने वाले समय में आयोजन संबंधी सेवाओं की लागत में और बढ़ोतरी हो सकती है।
- क्या कहते हैं डीजे संचालक और ग्राहक
डीजे संचालक शमीम ने बताया कि ग्राहक अक्सर नई फैंसी लाइटिंग, स्पेशल इफेक्ट्स और मूविंग फ्लोर जैसी सुविधाओं की मांग करते हैं। यह सामान बड़े शहरों से मंगाना पड़ता है, जिससे परिवहन और किराये का खर्च बढ़ जाता है और पूरी बुकिंग महंगी हो जाती है।
- वहीं डीजे संचालक दिलीप का कहना है कि जो सामान पहले 500 रुपये के भाड़े में कार्यक्रम स्थल तक पहुंच जाता था, अब उसके लिए करीब 700 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। बढ़ी हुई लागत का असर कारोबार पर पड़ रहा है।
- ग्राहक अश्वनी कुमार ने बताया कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर शादी के पूरे बजट पर दिखाई दे रहा है। डीजे की सेवाएं पहले के मुकाबले महंगी हो गई हैं, जिससे आयोजन का खर्च बढ़ गया है।