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Shamli News: झमाझम बारिश से खुली सफाई व्यवस्था की पोल, जलभराव से थमी रफ्तार
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शहर के बड़ा बाजार में बारिश में हुआ जलभराव। संवाद
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: नाला पटरी, वर्मा मार्केट, बुढ़ाना रोड समेत कई इलाकों में सड़कों पर भरा पानी, घरों और दुकानों में घुसा पानी
: अंडरपास में पानी भरने से लोग रहे परेशान
: छह डिग्री लुढ़का पारा, धान-गन्ने को मिला फायदा तो सब्जियों पर मंडराया नुकसान का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मंगलवार सुबह शुरू हुई झमाझम बारिश ने जिलेवासियों को उमस और गर्मी से राहत दिला दी। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 36 से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से बढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि कुछ घंटों की बारिश ने शहर की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी। शहर के कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, जबकि किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है।
शहर के नाला पटरी, वर्मा मार्केट, बुढ़ाना रोड, मिल रोड और सीबी गुप्ता कॉलोनी में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दुकानों और मकानों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों का सामान भीग गया।
भैंसवाल और कांधला, हसनपुर लुहारी, जसाला के अंडरपास में कई फीट पानी भर गया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ा।
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गांव कुड़ाना में भी तेज बारिश के बाद गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। घुटनों तक पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हुई, जबकि बच्चों ने बारिश के पानी में खेलकर जमकर आनंद लिया।
बारिश से खरीफ फसलों को संजीवनी मिली है। जलालाबाद क्षेत्र के किसान राजेश सैनी, कय्यूम, राजेश, राकेश कुमार, साजिद, असलम, रामचरण और राकेश कश्यप ने बताया कि यह बारिश धान और गन्ने की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। बारिश के पानी से धान के पौधों में तेजी से फुटाव होगा और गन्ने की बढ़वार भी अच्छी होगी। जिन किसानों ने मचान (जाल) तकनीक से लौकी, तरोई और करेले जैसी बेलदार सब्जियां उगाई हैं, उन्हें भी इस बारिश का लाभ मिलेगा, क्योंकि फल और बेलें सीधे जलभराव के संपर्क में नहीं आ रही हैं।
हालांकि लगातार बारिश से निचले इलाकों के खेतों में जलभराव होने से सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि गोभी की तैयार पौध पानी भरने से खराब हो सकती है। इसके अलावा जमीन पर फैली बेलदार सब्जियों के सड़ने का भी खतरा बना हुआ है। यदि जल्द जल निकासी नहीं हुई तो सब्जी उत्पादकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
धान, गन्ने के लिए फसल फायदेमंद
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि मौजूदा बारिश धान, गन्ना और ज्वार जैसी खरीफ फसलों के लिए काफी लाभदायक है। खेतों में पर्याप्त नमी होने से सिंचाई की जरूरत कम होगी और किसानों की लागत बचेगी। हालांकि जिन खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहेगा, वहां गोभी की पौध और अन्य सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को खेतों से शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि अगले एक-दो दिन तक जिले में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
पालिका की खुली पोल
शहर में जलभराव को लेकर लोगों ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। नगर के आकाश, मनीष, सोहन का कहना है कि बरसात से पहले नालों और नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। इस पर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अरविंद संगल ने बताया कि बरसात से पहले नालों और नालियों की सफाई कराई गई थी। लगातार हुई बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी है। जहां-जहां पानी भरने की सूचना मिल रही है, वहां दोबारा सफाई कराकर जल निकासी कराई जा रही है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
बारिश के बाद फॉल्ट से घंटों गुल रही बिजली
शामली/बाबरी। बारिश के बाद जिले में तकनीकी फॉल्ट के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाबरी और भंदौड़ा क्षेत्र में रात करीब तीन बजे गुल हुई बिजली सात घंटे बाद बहाल हो सकी। चौसाना में 11 केवी लाइन में फॉल्ट और शामला स्थित इथेनॉल प्लांट के पास 33 केवी लाइन के खंभे से ट्रक की टक्कर के कारण भी आपूर्ति प्रभावित रही।
उधर, शामली शहर के सीबी गुप्ता कॉलोनी, वर्मा मार्केट, बुढ़ाना रोड और मिल रोड समेत कई इलाकों में करीब तीन घंटे तक बिजली बाधित रही और दिनभर ट्रिपिंग होती रही। अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के कारण तकनीकी फॉल्ट आए थे, जिन्हें ठीक कर आपूर्ति सुचारु करा दी गई है।
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: अंडरपास में पानी भरने से लोग रहे परेशान
: छह डिग्री लुढ़का पारा, धान-गन्ने को मिला फायदा तो सब्जियों पर मंडराया नुकसान का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मंगलवार सुबह शुरू हुई झमाझम बारिश ने जिलेवासियों को उमस और गर्मी से राहत दिला दी। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 36 से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से बढ़कर 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि कुछ घंटों की बारिश ने शहर की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी। शहर के कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, जबकि किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है।
शहर के नाला पटरी, वर्मा मार्केट, बुढ़ाना रोड, मिल रोड और सीबी गुप्ता कॉलोनी में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दुकानों और मकानों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों का सामान भीग गया।
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भैंसवाल और कांधला, हसनपुर लुहारी, जसाला के अंडरपास में कई फीट पानी भर गया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ा।
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गांव कुड़ाना में भी तेज बारिश के बाद गलियां तालाब में तब्दील हो गईं। घुटनों तक पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हुई, जबकि बच्चों ने बारिश के पानी में खेलकर जमकर आनंद लिया।
बारिश से खरीफ फसलों को संजीवनी मिली है। जलालाबाद क्षेत्र के किसान राजेश सैनी, कय्यूम, राजेश, राकेश कुमार, साजिद, असलम, रामचरण और राकेश कश्यप ने बताया कि यह बारिश धान और गन्ने की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। बारिश के पानी से धान के पौधों में तेजी से फुटाव होगा और गन्ने की बढ़वार भी अच्छी होगी। जिन किसानों ने मचान (जाल) तकनीक से लौकी, तरोई और करेले जैसी बेलदार सब्जियां उगाई हैं, उन्हें भी इस बारिश का लाभ मिलेगा, क्योंकि फल और बेलें सीधे जलभराव के संपर्क में नहीं आ रही हैं।
हालांकि लगातार बारिश से निचले इलाकों के खेतों में जलभराव होने से सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि गोभी की तैयार पौध पानी भरने से खराब हो सकती है। इसके अलावा जमीन पर फैली बेलदार सब्जियों के सड़ने का भी खतरा बना हुआ है। यदि जल्द जल निकासी नहीं हुई तो सब्जी उत्पादकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
धान, गन्ने के लिए फसल फायदेमंद
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि मौजूदा बारिश धान, गन्ना और ज्वार जैसी खरीफ फसलों के लिए काफी लाभदायक है। खेतों में पर्याप्त नमी होने से सिंचाई की जरूरत कम होगी और किसानों की लागत बचेगी। हालांकि जिन खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहेगा, वहां गोभी की पौध और अन्य सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को खेतों से शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ की मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि अगले एक-दो दिन तक जिले में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
पालिका की खुली पोल
शहर में जलभराव को लेकर लोगों ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। नगर के आकाश, मनीष, सोहन का कहना है कि बरसात से पहले नालों और नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण थोड़ी देर की बारिश में ही सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। इस पर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन अरविंद संगल ने बताया कि बरसात से पहले नालों और नालियों की सफाई कराई गई थी। लगातार हुई बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी है। जहां-जहां पानी भरने की सूचना मिल रही है, वहां दोबारा सफाई कराकर जल निकासी कराई जा रही है। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
बारिश के बाद फॉल्ट से घंटों गुल रही बिजली
शामली/बाबरी। बारिश के बाद जिले में तकनीकी फॉल्ट के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाबरी और भंदौड़ा क्षेत्र में रात करीब तीन बजे गुल हुई बिजली सात घंटे बाद बहाल हो सकी। चौसाना में 11 केवी लाइन में फॉल्ट और शामला स्थित इथेनॉल प्लांट के पास 33 केवी लाइन के खंभे से ट्रक की टक्कर के कारण भी आपूर्ति प्रभावित रही।
उधर, शामली शहर के सीबी गुप्ता कॉलोनी, वर्मा मार्केट, बुढ़ाना रोड और मिल रोड समेत कई इलाकों में करीब तीन घंटे तक बिजली बाधित रही और दिनभर ट्रिपिंग होती रही। अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के कारण तकनीकी फॉल्ट आए थे, जिन्हें ठीक कर आपूर्ति सुचारु करा दी गई है।

शहर के बड़ा बाजार में बारिश में हुआ जलभराव। संवाद

शहर के बड़ा बाजार में बारिश में हुआ जलभराव। संवाद

शहर के बड़ा बाजार में बारिश में हुआ जलभराव। संवाद

शहर के बड़ा बाजार में बारिश में हुआ जलभराव। संवाद